पंजाब सरकार ने राज्य के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की अपनी मुहिम को आगे बढ़ाते हुए एक और बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने विभिन्न सरकारी विभागों में चयनित 355 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही मौजूदा सरकार के कार्यकाल में सरकारी नौकरियां प्राप्त करने वाले युवाओं की कुल संख्या 67 हजार से अधिक हो गई है। सरकार इसे राज्य में पारदर्शी भर्ती व्यवस्था और युवाओं को अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रही है।
चंडीगढ़ में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में सरकारी नौकरियों की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और योग्यता आधारित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अब सरकारी सेवाओं में चयन के लिए किसी प्रकार की राजनीतिक सिफारिश, प्रभाव या आर्थिक लेन-देन की जरूरत नहीं है, बल्कि उम्मीदवारों की मेहनत और योग्यता ही उनकी सफलता का आधार बन रही है।
विभिन्न विभागों में मिली नियुक्तियां
समारोह के दौरान जिन युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए गए, उन्हें तकनीकी शिक्षा, स्थानीय निकाय, सहकारिता, जल आपूर्ति एवं स्वच्छता, पशुपालन, लोक निर्माण, आवास निर्माण एवं शहरी विकास समेत कई महत्वपूर्ण विभागों में नियुक्त किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल नौकरी वितरण कार्यक्रम नहीं, बल्कि राज्य के युवाओं को सशक्त बनाने की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा है। उनका कहना था कि जब किसी परिवार का युवा सरकारी सेवा में प्रवेश करता है तो उसका सकारात्मक प्रभाव पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है।
उन्होंने नव-नियुक्त कर्मचारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि अब वे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था का हिस्सा बन चुके हैं और लोगों की सेवा की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
रोजगार के साथ विश्वास भी पैदा कर रही सरकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल नौकरियां देने तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं में यह विश्वास भी पैदा कर रही है कि वे अपने ही राज्य में बेहतर भविष्य बना सकते हैं।
उन्होंने कहा कि लंबे समय से पंजाब के युवाओं में विदेश जाने की प्रवृत्ति बढ़ रही थी, लेकिन अब राज्य में रोजगार, शिक्षा और कौशल विकास के नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं ताकि युवाओं को अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रदेश छोड़ने की आवश्यकता न पड़े।
मुख्यमंत्री के अनुसार, सरकार की नीतियों का उद्देश्य ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां प्रतिभाशाली युवा अपने करियर का निर्माण पंजाब में ही कर सकें।
पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर निशाना
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न हिस्सों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं से जुड़े विवाद सामने आए हैं, जिनसे युवाओं का भरोसा प्रभावित हुआ है।
उन्होंने दावा किया कि राज्य में मौजूदा सरकार के गठन के बाद भर्ती प्रक्रियाओं को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि योग्य उम्मीदवारों को बिना किसी भेदभाव के अवसर मिलना चाहिए और इसी सोच के साथ भर्ती व्यवस्था को मजबूत किया गया है।
उनका कहना था कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा का सम्मान तभी संभव है जब चयन प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष हो।
ठेका कर्मचारियों के लिए भी पहल
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार द्वारा ठेका कर्मचारियों के हित में उठाए गए कदमों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि हजारों संविदा और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण का रास्ता तैयार करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सरकार का मानना है कि लंबे समय से सेवाएं दे रहे कर्मचारियों को अधिक स्थिर और सुरक्षित रोजगार उपलब्ध होना चाहिए। इसी उद्देश्य से विभिन्न विभागों में कार्यरत कर्मचारियों के लिए नीतिगत फैसले लिए गए हैं।
युवाओं के कौशल विकास पर विशेष जोर
रोजगार सृजन के साथ-साथ सरकार कौशल विकास को भी प्राथमिकता दे रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बदलते समय में केवल डिग्री पर्याप्त नहीं है, बल्कि तकनीकी और व्यावसायिक दक्षता भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो गई है।
इसी सोच के तहत राज्य में नई औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) की स्थापना और मौजूदा संस्थानों के आधुनिकीकरण का कार्य किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 25 नई आईटीआई स्थापित करने की प्रक्रिया जारी है, जबकि 13 मौजूदा संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं और उन्नत प्रशिक्षण संसाधनों से लैस किया जा रहा है। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण देना है।
शिक्षा सुधारों को बताया बड़ी उपलब्धि
मुख्यमंत्री ने राज्य में शिक्षा क्षेत्र में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर निवेश किया है।
उन्होंने दावा किया कि सरकारी स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल रहा है।
मुख्यमंत्री के अनुसार, शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों का परिणाम विद्यार्थियों के प्रदर्शन और सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ते विश्वास के रूप में सामने आ रहा है।
स्कूल ऑफ एमिनेंस बने नई पहचान
सरकार की महत्वाकांक्षी शिक्षा परियोजना ‘स्कूल ऑफ एमिनेंस’ का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यभर में 118 ऐसे स्कूल स्थापित किए गए हैं, जिनका उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण और प्रतिस्पर्धी शिक्षा उपलब्ध कराना है।
उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ-साथ विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी कराई जा रही है।
सरकार का मानना है कि इन स्कूलों के माध्यम से सामान्य परिवारों के बच्चों को भी उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध हो रही है, जिससे उनके लिए बेहतर करियर के अवसर खुल रहे हैं।
शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों को विश्व स्तरीय प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए विशेष पहल की गई है।
उन्होंने कहा कि कई प्रधानाचार्यों और अधिकारियों को विदेशों में प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भेजा गया है, जबकि अन्य शिक्षकों को देश के प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण उपलब्ध कराया गया है।
सरकार का मानना है कि शिक्षकों की क्षमता में सुधार का सीधा लाभ विद्यार्थियों को मिलता है और शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता बेहतर होती है।
युवाओं को दी सेवा भावना से काम करने की सलाह
नव-नियुक्त कर्मचारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी नौकरी केवल रोजगार का साधन नहीं है, बल्कि समाज और लोगों की सेवा का अवसर भी है।
उन्होंने विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों, जरूरतमंद लोगों और आम नागरिकों के कार्यों को प्राथमिकता देने की सलाह दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी कार्यालयों में आने वाले लोगों को सम्मानजनक व्यवहार और समयबद्ध सेवाएं मिलनी चाहिए।
उनका कहना था कि सरकार ने युवाओं को अवसर प्रदान करके अपना दायित्व निभाया है और अब कर्मचारियों की जिम्मेदारी है कि वे ईमानदारी, संवेदनशीलता और समर्पण के साथ जनता की सेवा करें।
रोजगार अभियान को बताया बदलाव की नींव
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में रोजगार सृजन, शिक्षा सुधार और कौशल विकास की योजनाएं एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं। सरकार का उद्देश्य केवल रिक्त पदों को भरना नहीं, बल्कि ऐसा माहौल तैयार करना है जिसमें युवाओं को आगे बढ़ने के पर्याप्त अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि सरकारी नौकरियों की बढ़ती संख्या, शिक्षा क्षेत्र में सुधार और कौशल विकास कार्यक्रम राज्य के भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
समारोह के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी नव-नियुक्त उम्मीदवारों और उनके परिवारों को बधाई देते हुए कहा कि यह उनकी सफलता का अंतिम पड़ाव नहीं बल्कि एक नई शुरुआत है। उन्होंने युवाओं को निरंतर मेहनत करने और अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।
सरकार का दावा है कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, शिक्षा में निवेश और कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से पंजाब में युवाओं के लिए नए अवसर तैयार किए जा रहे हैं। इसी दिशा में रोजगार अभियान को राज्य के विकास और सुशासन की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।




