वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के तोशाखाने में खाली संदूक और आभूषणों के खाली डिब्बे मिलने का मामला राजनैतिक रंग लेने लगा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने X पर लिखा- भाजपा सरकार से करबद्ध आग्रह है कि कम से कम मंदिरों के खजाने तो छोड़ दें। इतना लालच अच्छा नहीं। वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी ने सीएम योगी को लेटर लिखकर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। बांके बिहारी खजाने को लेकर किन-किन लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी, उनके बारे में विस्तार से जानते हैं। सबसे पहले जानते हैं कि बांके बिहारी मंदिर के खजाने में पहले और दूसरे दिन क्या-क्या मिला। 18 अक्टूबर को पहले दिन क्या हुआ? बांके बिहारी मंदिर का खजाना 54 साल बाद 18 अक्टूबर को खोला गया। ये खजाना 160 साल पुराना है। खजाने के गेट को खोलने से पहले दिनेश गोस्वामी ने दीपक जलाया। इसके बाद अफसरों की मौजूदगी में दरवाजे को ग्राइंडर से काटा गया। फिर, खजाने की पहचान के लिए तय कमेटी के सारे मेंबर एक-एक करके अंदर गए। कमेटी में सिविल जज, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, सीओ वृंदावन, सीओ सदर और चारों गोस्वामी शामिल रहे। सभी ने मास्क लगाकर एंट्री की। टीम को शनिवार की सर्चिंग में 2 बक्से (एक लोहे और दूसरा लकड़ी का) और 3 कलश मिले हैं। लकड़ी के बक्से के अंदर ज्वेलरी के छोटे-बड़े कई खाली डिब्बे मिले। 4-5 ताले भी निकले हैं। बक्से में 2 फरवरी, 1970 का लिखा हुआ एक पत्र और एक चांदी का छोटा छत्र भी मिला था। अगले दिन 19 अक्टूबर को क्या मिला? रविवार को दूसरे दिन भी खजाना खोला गया। लॉक मुख्य दरवाजे को ग्राइंडर से काटने के बाद टीम और कमेटी अंदर गई। यहां सीढ़ियों के जरिए नीचे जाने वाला तहखाना मिला। खजाने में मुख्य दरवाजे के अंदर बने एक कमरे में लकड़ी के दो संदूक मिले, एक बड़ा और दूसरा छोटा। इस संदूक में कई बर्तन, कीमती नग और सिक्के मिले थे। कमरे में लकड़ी का लगभग एक मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा बक्सा मिला। जिसमें सोने की चमचमाती छड़ी और गुलाल लगी हुई चांदी की 3 छड़ें मिलीं। टीम सीढ़ियों से नीचे उतरकर तहखाने में भी गई। एक-एक करके कमेटी के सभी सदस्य तहखाने में उतरे। तहखाना एकदम साफ मिला। वहां कुछ भी नहीं मिला। ठाकुर जी इन छड़ियों से होली खेलते थे खजाने के बारे में दिनेश गोस्वामी ने बताया- नीचे तहखाने तक सब क्लियर हो गया है। जो छड़ियां मिली हैं, उन्हें देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो ठाकुर जी ने होली में चांदी की छड़ियों से रंग खेला होगा। होली के 4-5 दिन बाद धुरेली पर सोने की छड़ी धारण की होगी। अब जानते हैं, बांके बिहारी खजाने को लेकर किन-किन लोगों ने रिएक्शन दिया… अखिलेश यादव बोले- भाजपा सरकार मंदिरों के खजाने तो छोड़ दे बांके बिहारी मंदिर में लकड़ी के बक्से और ज्वेलरी के छोटे-बड़े लगभग सभी खाली डिब्बे मिले। इस पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा सरकार पर तंज कसा। सपा प्रमुख ने पोस्ट में लिखा- भाजपा सरकार से करबद्ध आग्रह है कि कम से कम मंदिरों के खजाने तो छोड़ दें। इतना लालच अच्छा नहीं। फलाहारी बाबा बोले- पहले के मंदिर व्यवस्थापकों की संपत्ति जांचे मंदिर में कई वर्षों की दान की गई संपत्ति नहीं मिलने से गोवर्धन-श्रीकृष्ण जन्म भूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। फलाहारी बाबा ने कहा- मंदिर में भक्तों, राजा-महाराजाओं और आमजन ने वर्षों से करोड़ों की संपत्ति, हीरे-जवाहरात और आभूषण दान किए थे। लेकिन, अब उनके अभिलेख और संदूक खाली मिले हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने सालों बाद खजाना खोले जाने की क्या जरूरत थी। इसके पीछे कौन लोग हैं। हमारी मांग है कि उस समय के मंदिर व्यवस्थापकों की संपत्ति की भी जांच की जाए। गोस्वामी ने खजाना खोले जाने की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई खजाना खोले जाने की प्रक्रिया को लेकर अनंत गोस्वामी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लाइव के लिए टीवी नहीं लगाई गई। वीडियो रिकॉर्डिंग से क्या होगा? अनंत गोस्वामी से मीडिया ने सवाल पूछा- गोस्वामी जी, आप कमेटी के मेंबर हैं, आप क्यों बाहर हैं। इस पर गोस्वामी बोले- हमें शामिल ही नहीं किया गया। हमें क्या मीडिया को भी कवरेज नहीं करने दिया। आप लोगों के लिए लाइव चलना चाहिए था। अंदर क्या हो रहा है, ये हम लोगों का क्या पता। अंदर क्या निकल रहा है, क्या नहीं निकल रहा है। कैसे पता लगेगा। हम लोग भी अंदर नहीं जा पा रहे हैं। हमारे यहां होने का क्या मतलब है। मंदिर का जो पैसा है, उसे लाइव दिखाना चाहिए था। किस गोस्वामी को अंदर ले जाया गया है हमें कुछ पता ही नहीं है। कौन सी हाईपावर कमेटी अंदर गई है, किसी को नहीं पता। मनोज गोस्वामी बोले- गेट मत खोलो, अंदर दाढ़ी वाला नाग बैठा है मनोज गोस्वामी बोले- मंदिर की मर्यादा को मत तोड़ो। भक्तों को कोई परेशानी न हो। मंदिर की व्यवस्था बढ़िया से चलती रहे। हम हर तरह से तैयार है। 50 साल में कभी ये गेट नहीं खुला। ये पत्थर का गेट है। हम बचपन से सुनते आए हैं कि इसमें एक बड़ा विशाल दाढ़ी वाला नाग है। इसमें बिहारी जी का खजाना है। यहां मर्यादा भंग हो रही है, ये गेट खुलना नहीं चाहिए। ये कुबेर का खजाना है। ये हमारी चंदन वाली कोठी है। इस गेट को मत खोलो। आगे तुम्हारी मर्जी है। आज धन का दिन धनतेरस है। कुबेर का दिन है आगे तुम्हारी मर्जी है। …………………….. पढ़ें पूरी खबर… अयोध्या में योगी ने श्रीराम का रथ खींचा, VIDEO:राम मंदिर में CM ने दीप जलाए; काली बनीं कलाकार का तांडव अयोध्या में आज 9वां दीपोत्सव मनाया जा रहा है। सीएम योगी ने राम मंदिर में दीप जलाए। इसके बाद दीपोत्सव की शुरुआत की। इसी के साथ राम की पैड़ी पर दीये जलाने का काम शुरू हो गया है। इससे पहले साकेत महाविद्यालय से 22 झांकियां और शोभायात्रा निकाली गई। तीन किमी की दूरी तक कर शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। 22 झांकियों में 7 रामायण कांडों पर आधारित रहीं। अन्य झांकियां महाकुंभ, महिला शक्ति और यूपी सरकार की प्रमुख योजनाओं पर आधारित रहीं। मां काली के रौद्र रूप में असम से आए कलाकार ने जमकर तांडव किया। सड़क पर आग के गोलों में नृत्य किया। मुकुट से आग की लपटें निकलीं तो लोग दंग रह गए।…पढ़ें पूरी खबर वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर के तोशाखाने में खाली संदूक और आभूषणों के खाली डिब्बे मिलने का मामला राजनैतिक रंग लेने लगा है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने X पर लिखा- भाजपा सरकार से करबद्ध आग्रह है कि कम से कम मंदिरों के खजाने तो छोड़ दें। इतना लालच अच्छा नहीं। वहीं, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर केस के याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी ने सीएम योगी को लेटर लिखकर पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की है। बांके बिहारी खजाने को लेकर किन-किन लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी, उनके बारे में विस्तार से जानते हैं। सबसे पहले जानते हैं कि बांके बिहारी मंदिर के खजाने में पहले और दूसरे दिन क्या-क्या मिला। 18 अक्टूबर को पहले दिन क्या हुआ? बांके बिहारी मंदिर का खजाना 54 साल बाद 18 अक्टूबर को खोला गया। ये खजाना 160 साल पुराना है। खजाने के गेट को खोलने से पहले दिनेश गोस्वामी ने दीपक जलाया। इसके बाद अफसरों की मौजूदगी में दरवाजे को ग्राइंडर से काटा गया। फिर, खजाने की पहचान के लिए तय कमेटी के सारे मेंबर एक-एक करके अंदर गए। कमेटी में सिविल जज, सिटी मजिस्ट्रेट, एसपी सिटी, सीओ वृंदावन, सीओ सदर और चारों गोस्वामी शामिल रहे। सभी ने मास्क लगाकर एंट्री की। टीम को शनिवार की सर्चिंग में 2 बक्से (एक लोहे और दूसरा लकड़ी का) और 3 कलश मिले हैं। लकड़ी के बक्से के अंदर ज्वेलरी के छोटे-बड़े कई खाली डिब्बे मिले। 4-5 ताले भी निकले हैं। बक्से में 2 फरवरी, 1970 का लिखा हुआ एक पत्र और एक चांदी का छोटा छत्र भी मिला था। अगले दिन 19 अक्टूबर को क्या मिला? रविवार को दूसरे दिन भी खजाना खोला गया। लॉक मुख्य दरवाजे को ग्राइंडर से काटने के बाद टीम और कमेटी अंदर गई। यहां सीढ़ियों के जरिए नीचे जाने वाला तहखाना मिला। खजाने में मुख्य दरवाजे के अंदर बने एक कमरे में लकड़ी के दो संदूक मिले, एक बड़ा और दूसरा छोटा। इस संदूक में कई बर्तन, कीमती नग और सिक्के मिले थे। कमरे में लकड़ी का लगभग एक मीटर लंबा और 4 मीटर चौड़ा बक्सा मिला। जिसमें सोने की चमचमाती छड़ी और गुलाल लगी हुई चांदी की 3 छड़ें मिलीं। टीम सीढ़ियों से नीचे उतरकर तहखाने में भी गई। एक-एक करके कमेटी के सभी सदस्य तहखाने में उतरे। तहखाना एकदम साफ मिला। वहां कुछ भी नहीं मिला। ठाकुर जी इन छड़ियों से होली खेलते थे खजाने के बारे में दिनेश गोस्वामी ने बताया- नीचे तहखाने तक सब क्लियर हो गया है। जो छड़ियां मिली हैं, उन्हें देखकर ऐसा लग रहा है कि मानो ठाकुर जी ने होली में चांदी की छड़ियों से रंग खेला होगा। होली के 4-5 दिन बाद धुरेली पर सोने की छड़ी धारण की होगी। अब जानते हैं, बांके बिहारी खजाने को लेकर किन-किन लोगों ने रिएक्शन दिया… अखिलेश यादव बोले- भाजपा सरकार मंदिरों के खजाने तो छोड़ दे बांके बिहारी मंदिर में लकड़ी के बक्से और ज्वेलरी के छोटे-बड़े लगभग सभी खाली डिब्बे मिले। इस पर अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए भाजपा सरकार पर तंज कसा। सपा प्रमुख ने पोस्ट में लिखा- भाजपा सरकार से करबद्ध आग्रह है कि कम से कम मंदिरों के खजाने तो छोड़ दें। इतना लालच अच्छा नहीं। फलाहारी बाबा बोले- पहले के मंदिर व्यवस्थापकों की संपत्ति जांचे मंदिर में कई वर्षों की दान की गई संपत्ति नहीं मिलने से गोवर्धन-श्रीकृष्ण जन्म भूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश फलाहारी महाराज ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा। फलाहारी बाबा ने कहा- मंदिर में भक्तों, राजा-महाराजाओं और आमजन ने वर्षों से करोड़ों की संपत्ति, हीरे-जवाहरात और आभूषण दान किए थे। लेकिन, अब उनके अभिलेख और संदूक खाली मिले हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इतने सालों बाद खजाना खोले जाने की क्या जरूरत थी। इसके पीछे कौन लोग हैं। हमारी मांग है कि उस समय के मंदिर व्यवस्थापकों की संपत्ति की भी जांच की जाए। गोस्वामी ने खजाना खोले जाने की प्रक्रिया पर नाराजगी जताई खजाना खोले जाने की प्रक्रिया को लेकर अनंत गोस्वामी ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लाइव के लिए टीवी नहीं लगाई गई। वीडियो रिकॉर्डिंग से क्या होगा? अनंत गोस्वामी से मीडिया ने सवाल पूछा- गोस्वामी जी, आप कमेटी के मेंबर हैं, आप क्यों बाहर हैं। इस पर गोस्वामी बोले- हमें शामिल ही नहीं किया गया। हमें क्या मीडिया को भी कवरेज नहीं करने दिया। आप लोगों के लिए लाइव चलना चाहिए था। अंदर क्या हो रहा है, ये हम लोगों का क्या पता। अंदर क्या निकल रहा है, क्या नहीं निकल रहा है। कैसे पता लगेगा। हम लोग भी अंदर नहीं जा पा रहे हैं। हमारे यहां होने का क्या मतलब है। मंदिर का जो पैसा है, उसे लाइव दिखाना चाहिए था। किस गोस्वामी को अंदर ले जाया गया है हमें कुछ पता ही नहीं है। कौन सी हाईपावर कमेटी अंदर गई है, किसी को नहीं पता। मनोज गोस्वामी बोले- गेट मत खोलो, अंदर दाढ़ी वाला नाग बैठा है मनोज गोस्वामी बोले- मंदिर की मर्यादा को मत तोड़ो। भक्तों को कोई परेशानी न हो। मंदिर की व्यवस्था बढ़िया से चलती रहे। हम हर तरह से तैयार है। 50 साल में कभी ये गेट नहीं खुला। ये पत्थर का गेट है। हम बचपन से सुनते आए हैं कि इसमें एक बड़ा विशाल दाढ़ी वाला नाग है। इसमें बिहारी जी का खजाना है। यहां मर्यादा भंग हो रही है, ये गेट खुलना नहीं चाहिए। ये कुबेर का खजाना है। ये हमारी चंदन वाली कोठी है। इस गेट को मत खोलो। आगे तुम्हारी मर्जी है। आज धन का दिन धनतेरस है। कुबेर का दिन है आगे तुम्हारी मर्जी है। …………………….. पढ़ें पूरी खबर… अयोध्या में योगी ने श्रीराम का रथ खींचा, VIDEO:राम मंदिर में CM ने दीप जलाए; काली बनीं कलाकार का तांडव अयोध्या में आज 9वां दीपोत्सव मनाया जा रहा है। सीएम योगी ने राम मंदिर में दीप जलाए। इसके बाद दीपोत्सव की शुरुआत की। इसी के साथ राम की पैड़ी पर दीये जलाने का काम शुरू हो गया है। इससे पहले साकेत महाविद्यालय से 22 झांकियां और शोभायात्रा निकाली गई। तीन किमी की दूरी तक कर शोभायात्रा रामकथा पार्क पहुंची। 22 झांकियों में 7 रामायण कांडों पर आधारित रहीं। अन्य झांकियां महाकुंभ, महिला शक्ति और यूपी सरकार की प्रमुख योजनाओं पर आधारित रहीं। मां काली के रौद्र रूप में असम से आए कलाकार ने जमकर तांडव किया। सड़क पर आग के गोलों में नृत्य किया। मुकुट से आग की लपटें निकलीं तो लोग दंग रह गए।…पढ़ें पूरी खबर उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
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मैं अपने रिश्ते को बचाने के लिए पूरी तरीके से कोशिश कर चुकी हूं, लेकिन मैं नहीं बचा पा रही। मेरा आदमी इस बात पर अड़ा है कि मुझे तलाक देगा। मैं इसकी वजह से किसी को तकलीफ नहीं देना चाहती। इसीलिए मैं यह कदम उठा रही हूं। इसमें मेरे मम्मी-पापा, भाई-बहन किसी की गलती नहीं है। मेरे नसीब की गलती है। शायद मेरे नसीब में यही लिखा था। मैं एक की होकर जीना चाहती हूं, 10 के साथ नहीं रहना
नाजिया ने रोते हुए कहा- मैं एक की होकर रहना चाहती हूं, तलाक लेकर 10 लोगों के साथ नहीं रहना। मैंने देखा है कि जिनकी एक शादी होती है, उनकी इज्जत होती है। जिनकी दो या उससे ज्यादा शादियां होती हैं, उनकी कोई इज्जत नहीं करता। मेरे पति मेरे बच्चे को लेना चाहते हैं, लेकिन मैं बच्चे को देना नहीं चाहती। मैं भी उनके साथ रहना चाहती हूं। लेकिन, अब वो मुझसे तलाक लेना चाह रहे हैं। जबकि, मैं मेरे पति से हमेशा मोहब्बत करती थी, करती हूं और करती रहूंगी। मैं तलाक नहीं लेना चाहती। इसलिए मैं ये कदम उठा रही हूं। दुआ करना मुझे जन्नत नसीब हो। दुआओं में याद रखना…। ये वीडियो बनाने के बाद नाजिया ने अपने कमरे में खुद को बंद कर फांसी लगा ली। मृतका के पिता ने गोंडा के नगर कोतवाली में पति के खिलाफ प्रताड़ना की तहरीर दी है। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया- नगर कोतवाली पुलिस जांच कर रही है। वीडियो का भी संज्ञान लिया गया है और तहरीर के आधार पर केस दर्ज किया जाएगा। ————————- ये खबर भी पढ़ें लखनऊ में कारोबारी की पत्नी की मौत, ससुरालवालों पर FIR; मां बोली- विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ताऊ, इसलिए कार्रवाई नहीं लखनऊ में कारोबारी की पत्नी की संदिग्ध हालात में मौत मामले में ससुरालवालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। दरअसल, महिला की गर्दन पर चोट के निशान थे। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा है। मायके वालों का आरोप है कि पति ने 10 लाख के दहेज के लिए हत्या की और शव को अपोलो अस्पताल में छोड़कर भाग गया। पूरी खबर पढ़ें
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