रक्षा पंचमी आज: रक्षाबंधन से है खास संबंध, जानिए क्यों इस दिन बांधा जाता है रक्षासूत्र

रक्षाबंधन को भाई-बहन के रिश्ते और आपसी स्नेह से जुड़ा प्रमुख त्योहार माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके स्वस्थ, सुखी तथा दीर्घायु जीवन की कामना करती है। बदले में भाई भी बहन की सुरक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। हालांकि, धार्मिक परंपराओं में रक्षा सूत्र और सुरक्षा की भावना से जुड़ा एक और महत्वपूर्ण दिन भी आता है, जिसे रक्षा पंचमी कहा जाता है। आज यानी 1 सितंबर, मंगलवार को रक्षा पंचमी मनाई जा रही है। खास तौर पर ओडिशा में इस पर्व का…

कजरी तीज 2026: सुहाग की लंबी उम्र और मनचाहे वर की कामना से जुड़ा व्रत, जानें पूजा, मुहूर्त और पौराणिक कथा

हिंदू धर्म में तीज पर्वों का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है। इन्हीं में से एक प्रमुख पर्व कजरी तीज है, जिसे कई स्थानों पर सातूड़ी तीज के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक व्रत और पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और सुहागिन महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद प्राप्त होता है। वहीं अविवाहित युवतियां भी अच्छे और मनपसंद जीवनसाथी की कामना के लिए यह व्रत करती हैं। पंचांग के अनुसार, 31 अगस्त 2026, सोमवार को कजरी तीज का व्रत रखा जा रहा है। इस अवसर पर भगवान शिव…

पीपल की पूजा से जुड़े हैं ये धार्मिक नियम, साढ़ेसाती-पितृ दोष के लिए शनिवार और अमावस्या का माना जाता है खास महत्व

हिंदू धर्म में पेड़-पौधों को केवल प्रकृति का हिस्सा नहीं माना गया, बल्कि उनमें देवी-देवताओं का वास होने की धार्मिक मान्यता भी प्रचलित है। इन्हीं पवित्र वृक्षों में पीपल का स्थान बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। सनातन परंपरा में पीपल के पेड़ की पूजा, परिक्रमा और उसके नीचे दीपक जलाने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। मान्यता है कि श्रद्धा और विधि-विधान से पीपल की पूजा करने से जीवन में सकारात्मकता आती है तथा कई तरह की परेशानियों से राहत मिल सकती है। धार्मिक ग्रंथों में भी पीपल के पेड़ की महिमा का उल्लेख मिलता है। स्कंद…

भाद्रपद माह की शुरुआत, 26 सितंबर तक रहें इन बातों का ध्यान; जानें क्या करें, क्या न करें

हिंदू पंचांग में भाद्रपद का महीना धार्मिक दृष्टि से बेहद खास माना जाता है। सावन पूर्णिमा के बाद इस पवित्र महीने का आगमन होता है। इस वर्ष वैदिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद माह की शुरुआत 29 अगस्त से हो गई है और यह 26 सितंबर तक रहेगा। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण, भगवान गणेश और भगवान विष्णु की आराधना का विशेष महत्व बताया गया है। भाद्रपद को केवल पूजा-पाठ का महीना नहीं माना जाता, बल्कि इसे आत्मसंयम, तप, साधना और आत्मशुद्धि के लिए भी महत्वपूर्ण बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस अवधि में व्यक्ति को अपने खान-पान से लेकर…

Raksha Bandhan 2026: आज किस समय बांधें भाई को राखी? जानें शुभ मुहूर्त, पूर्णिमा तिथि, राहुकाल और सही विधि

रक्षाबंधन का त्योहार आज यानी 28 अगस्त 2026, शुक्रवार को देशभर में मनाया जा रहा है। भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और सुरक्षा के इस पर्व पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुखी, स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करती हैं। वहीं भाई भी बहनों की हर परिस्थिति में रक्षा करने का संकल्प लेते हैं और उन्हें उपहार देकर इस रिश्ते को और खास बनाते हैं। राखी बांधने से पहले ज्यादातर लोग पंचांग के अनुसार शुभ समय जानना चाहते हैं। धार्मिक मान्यताओं में शुभ मुहूर्त का विशेष महत्व बताया गया है। ऐसे में अगर आप…

रक्षाबंधन पर इस शुभ समय में बांधें भाई को राखी, सुख-समृद्धि और लंबी उम्र से जुड़ी हैं ये मान्यताएं

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह, विश्वास और सुरक्षा की भावना को मजबूत करने वाला पर्व माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके सुखी, स्वस्थ व सफल जीवन की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। यही वजह है कि राखी बांधने की रस्म को केवल परंपरा नहीं, बल्कि भावनात्मक और धार्मिक महत्व से भी जोड़कर देखा जाता है। हिंदू धर्म में किसी भी शुभ कार्य को उचित समय पर करने की परंपरा रही है। इसी कारण…

रक्षाबंधन पर सुबह 9:48 के बाद भी राखी बांध सकते हैं? जानें राहुकाल और यमगंड को लेकर क्या कहते हैं ज्योतिषाचार्य

रक्षाबंधन का त्योहार भाई-बहन के रिश्ते में प्यार, विश्वास और सुरक्षा के संकल्प का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनके सुखी, स्वस्थ व सफल जीवन की कामना करती हैं। भाई भी बहनों की रक्षा और हर परिस्थिति में उनका साथ देने का वचन देते हैं। यही वजह है कि रक्षाबंधन के दिन राखी बांधने के समय को लेकर लोगों के मन में खास उत्सुकता रहती है। साल 2026 में रक्षाबंधन का पर्व 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस बार श्रावण पूर्णिमा तिथि को लेकर एक खास स्थिति बन…

कृष्ण जन्माष्टमी 2026: 3 या 4 सितंबर, किस दिन रखा जाएगा व्रत? जानें पूजा और पारण का सही समय

भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का इंतजार भक्तों को पूरे साल रहता है। हिंदू धर्म में जन्माष्टमी को बेहद पवित्र और महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के आठवें अवतार श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की पूजा की जाती है। देश के अलग-अलग हिस्सों में इस त्योहार को अलग-अलग परंपराओं के साथ मनाया जाता है। कहीं मंदिरों में भव्य झांकियां सजती हैं तो कहीं आधी रात को कान्हा के जन्म के बाद विशेष अभिषेक और आरती होती है। हालांकि, हर साल की तरह इस बार भी जन्माष्टमी की तारीख को लेकर लोगों के बीच असमंजस देखने को मिल रहा…

सावन के आखिरी सोमवार पर इस विधि से करें महादेव की पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और खास उपाय

सावन का पवित्र महीना अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार मनाया जा रहा है। भगवान शिव को समर्पित इस दिन देशभर में श्रद्धालु व्रत रखते हैं, मंदिरों में दर्शन करते हैं और शिवलिंग पर जल चढ़ाकर महादेव का आशीर्वाद लेते हैं। धार्मिक मान्यता है कि सावन के सोमवार को भगवान शिव की भक्ति करने से जीवन में सुख, शांति और सकारात्मकता आती है। आखिरी सोमवार उन भक्तों के लिए भी विशेष माना जाता है, जो पूरे सावन शिव की आराधना नहीं कर पाए। ऐसे में इस दिन श्रद्धापूर्वक पूजा, अभिषेक, मंत्र जाप…

भौम प्रदोष व्रत 2026: सावन में शिव के साथ पार्वती पूजा का क्या महत्व है? जानें सही तिथि, पूजा विधि और धार्मिक लाभ

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पवित्र महीने में आने वाला प्रदोष व्रत भी शिव भक्तों के लिए काफी महत्वपूर्ण होता है। जब प्रदोष तिथि मंगलवार के दिन पड़ती है, तो इसे भौम प्रदोष व्रत कहा जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस व्रत और पूजा से भगवान शिव की कृपा प्राप्त करने के साथ-साथ जीवन में सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की कामना की जाती है। खास बात यह है कि प्रदोष के दिन केवल भगवान शिव की पूजा ही नहीं, बल्कि माता पार्वती की आराधना को भी विशेष महत्व दिया…

रक्षाबंधन पर राखी बांधने से पहले ऐसे करें पूजा, जानें शुभ समय और पूरी विधि

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के स्नेह, भरोसे और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी का प्रतीक माना जाता है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती है और उसके स्वस्थ, सुखी एवं सफल जीवन की कामना करती है। भाई भी बहन की रक्षा और हर परिस्थिति में उसका साथ देने का संकल्प लेता है। हिंदू धर्म में इस पर्व को केवल राखी बांधने तक सीमित नहीं माना गया है, बल्कि इसके साथ पूजा-पाठ और शुभ संकल्प का भी विशेष महत्व बताया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि रक्षाबंधन के दिन सही समय देखकर पूजा की जाए और पारंपरिक…

सावन पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त को: संतान की खुशहाली और परिवार की समृद्धि के लिए ऐसे करें शिव-विष्णु की पूजा

सावन मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी इस बार रविवार, 23 अगस्त को पड़ रही है। धार्मिक मान्यताओं में इसे पुत्रदा एकादशी के नाम से जाना जाता है। एकादशी की तिथि भगवान विष्णु को समर्पित मानी जाती है, जबकि सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। यही कारण है कि सावन में आने वाली पुत्रदा एकादशी को शिव और विष्णु की संयुक्त उपासना के लिए बेहद शुभ माना जाता है। पुत्रदा एकादशी के दिन श्रद्धालु भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना करने के साथ व्रत रखते हैं। धार्मिक मान्यता है कि इस व्रत से भगवान विष्णु…

रक्षाबंधन 28 अगस्त को ही मनाया जाएगा, 27 तारीख को नहीं: भद्रा की वजह से बदली तारीख, चंद्र ग्रहण से भी नहीं होगा कोई असर

रक्षाबंधन को लेकर इस बार लोगों के बीच तारीख को लेकर काफी असमंजस बना हुआ है। कई लोग 27 अगस्त को राखी मनाने की बात कर रहे हैं, जबकि कुछ पंचांगों में 28 अगस्त को रक्षाबंधन की तारीख बताई जा रही है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि श्रावण पूर्णिमा तिथि 27 अगस्त की सुबह शुरू होकर 28 अगस्त की सुबह तक रहेगी। ऐसे में दोनों तारीखों पर पूर्णिमा तिथि पड़ने से लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर बहनें भाइयों की कलाई पर राखी किस दिन बांधें? इस उलझन को और बढ़ाने वाली बात यह…

तुलसीदास जयंती पर जानिए रामचरितमानस की चौपाइयों का महत्व, मुश्किल वक्त में क्यों बनती हैं सहारा

कई बार जिंदगी में ऐसी परिस्थितियां सामने आ जाती हैं, जब इंसान खुद को असहाय, परेशान या किसी अनजाने डर से घिरा हुआ महसूस करने लगता है। ऐसे समय में मन को संभालने के लिए लोग भगवान का स्मरण करते हैं। हिंदू धर्म में भगवान श्रीराम की कथा और उनके आदर्शों से जुड़ी रामचरितमानस का पाठ विशेष महत्व रखता है। मानस की चौपाइयां केवल धार्मिक भावनाओं से जुड़ी पंक्तियां नहीं हैं, बल्कि इनमें धैर्य, विश्वास, कर्तव्य, करुणा और विपरीत परिस्थितियों में आगे बढ़ने का संदेश भी मिलता है। आज 19 अगस्त 2026 को गोस्वामी तुलसीदास जी की जयंती मनाई जा…

सावन के तीसरे मंगला गौरी व्रत पर ऐसे करें माता गौरी का पूजन, 16 श्रृंगार और इन चीजों का चढ़ावा माना जाता है शुभ

सावन का महीना भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी पवित्र महीने में आने वाले मंगलवार को मंगला गौरी व्रत रखा जाता है। यह व्रत विशेष रूप से सुहागिन महिलाओं के बीच काफी लोकप्रिय है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मंगला गौरी की पूजा करने से दांपत्य जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और माता गौरी अपने भक्तों को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद देती हैं। साल 2026 में सावन के दौरान कुल चार मंगला गौरी व्रत पड़ रहे हैं। इनमें तीसरा व्रत आज यानी 18 अगस्त को रखा जा रहा है। इस दिन विवाहित…

नाग पंचमी 2026: शिव पूजा से लेकर नाग देवता के अभिषेक तक, जानिए पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और पर्व का धार्मिक महत्व

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इसी पवित्र महीने में आने वाली नाग पंचमी का पर्व भी हिंदू धर्म में खास स्थान रखता है। इस दिन नाग देवता की पूजा करने के साथ भगवान शिव की आराधना की जाती है। मान्यता है कि नाग पंचमी पर श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने से जीवन में सुख-शांति आती है और नाग देवता की कृपा प्राप्त होती है। इस वर्ष नाग पंचमी का पर्व सावन के तीसरे सोमवार के साथ पड़ रहा है। सोमवार और नाग पंचमी का एक साथ आना धार्मिक दृष्टि से विशेष…

जैन धर्म में अपरिग्रह का महत्व: क्यों सीमित रखना चाहिए धन-संपत्ति और भौतिक वस्तुओं का मोह?

आज के समय में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं जुटाना और भविष्य के लिए जरूरत से अधिक चीजें इकट्ठा करना सामान्य जीवन का हिस्सा बन गया है। घर में कपड़े, सामान, पैसे और दूसरी वस्तुओं का संग्रह लगातार बढ़ता जाता है। लेकिन जैन धर्म जीवन को देखने का एक अलग नजरिया देता है। यहां सवाल केवल यह नहीं है कि किसी व्यक्ति के पास कितना धन या सामान है, बल्कि यह भी देखा जाता है कि उसका मन उन चीजों के प्रति कितना आसक्त है। इसी विचार से जुड़ा है अपरिग्रह, जिसे जैन धर्म के पांच महाव्रतों में महत्वपूर्ण स्थान दिया…

हरियाली तीज 2026: आज सुहागिन महिलाएं रखेंगी व्रत, जानिए पूजा का शुभ समय, सही विधि और माता पार्वती की पौराणिक कथा

सावन मास की रौनक के बीच आज यानी 15 अगस्त 2026 को हरियाली तीज का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू धर्म में इस तिथि को विशेष धार्मिक महत्व प्राप्त है। खासतौर पर सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु, सुखी दांपत्य जीवन और परिवार की खुशहाली की कामना से हरियाली तीज का व्रत रखती हैं। वहीं, अविवाहित युवतियां भी अच्छे जीवनसाथी की प्राप्ति और मनचाहे वर की कामना से इस व्रत को करती हैं। हरियाली तीज पर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यता है कि माता पार्वती ने भगवान शिव को…

दूर्वा विनायक चतुर्थी 2026: 16 अगस्त को रखा जाएगा व्रत, जानें पूजा का सही समय, महत्व और गणेशजी को दूर्वा चढ़ाने का तरीका

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के साथ-साथ प्रथम पूज्य भगवान गणेश की उपासना के लिए भी खास माना जाता है। इस पवित्र महीने में आने वाली चतुर्थी का धार्मिक महत्व और बढ़ जाता है। सावन शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को दूर्वा विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है। इस दिन भगवान गणेश की विशेष पूजा की जाती है और उन्हें दूर्वा यानी दूब घास अर्पित की जाती है। हिंदू धर्म में दूर्वा को गणपति की प्रिय वस्तु माना गया है। इस वर्ष दूर्वा विनायक चतुर्थी की तारीख को लेकर काफी लोगों के मन में असमंजस बना हुआ…

सावन शुक्ल पक्ष में त्योहारों की धूम: हरियाली तीज से रक्षाबंधन तक, जानिए किस तारीख को कौन-सा व्रत और पूजा होगी

सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस पवित्र महीने में पूजा-पाठ, व्रत और धार्मिक अनुष्ठानों का सिलसिला पूरे महीने चलता रहता है। अब सावन शुक्ल पक्ष की शुरुआत हो चुकी है। 13 अगस्त से शुरू हुआ यह पक्ष 28 अगस्त को सावन पूर्णिमा के साथ समाप्त होगा। इस दौरान कई महत्वपूर्ण तिथियां पड़ रही हैं, जिनमें हरियाली तीज, गणेश चतुर्थी, नाग पंचमी, पुत्रदा एकादशी, प्रदोष व्रत और रक्षाबंधन जैसे प्रमुख पर्व शामिल हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्ल पक्ष की तिथियां पूजा, व्रत और शुभ कार्यों के लिए काफी महत्वपूर्ण होती हैं। इस…