मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के रिश्तों को लेकर एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। ईरानी संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के उस दावे को पूरी तरह खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच बातचीत हुई है।
गालिबफ ने साफ शब्दों में कहा कि ईरान और अमेरिका के बीच किसी भी तरह की कोई बातचीत नहीं हुई है और इस तरह की खबरें पूरी तरह से भ्रामक हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि ईरानी जनता हमलावर देशों अमेरिका और इजरायल के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहती है और जब तक लक्ष्य हासिल नहीं हो जाता, तब तक देश के सभी अधिकारी सर्वोच्च नेता के साथ मजबूती से खड़े रहेंगे।
इससे पहले कुछ रिपोर्ट्स में यह भी कहा जा रहा था कि गालिबफ खुद अमेरिका से बातचीत के लिए ईरान की ओर से संपर्क कर रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने खुद इन अटकलों को खारिज कर दिया है। उनके इस बयान के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि फिलहाल ईरान बातचीत के मूड में नहीं है।
गालिबफ ने ट्रंप के बयान पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि इस तरह की ‘फेक न्यूज’ का इस्तेमाल अमेरिका वित्तीय और तेल बाजारों को प्रभावित करने के लिए कर रहा है। उनका कहना है कि यह सब उस दबाव से निकलने की कोशिश है, जिसमें अमेरिका और इजरायल मौजूदा हालात में फंसे हुए हैं।
दूसरी ओर, ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका अगले पांच दिनों तक ईरान पर कोई हमला नहीं करेगा, जिससे संभावित बातचीत के संकेत माने जा रहे थे। हालांकि, ईरान की ओर से इनकार के बाद अब यह साफ हो गया है कि दोनों देशों के बीच फिलहाल कोई कूटनीतिक संवाद नहीं चल रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी बयानों से क्षेत्र में अस्थिरता और बढ़ सकती है, जिससे आने वाले दिनों में हालात और तनावपूर्ण हो सकते हैं।




