मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त रह चुके अब्दुल बासित का एक बयान चर्चा में आ गया है, जिसमें उन्होंने चरम परिस्थितियों में भारत को निशाना बनाने की बात कही है। उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।
एक टीवी डिबेट के दौरान बासित ने कहा कि यदि किसी काल्पनिक स्थिति में अमेरिका पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करता है और पाकिस्तान सीधे जवाब देने में सक्षम नहीं होता, तो वह भारत की ओर रुख कर सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे हालात में पाकिस्तान के पास सीमित विकल्प बचेंगे।
बासित के मुताबिक, यदि अमेरिका या अन्य देश पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि भले ही भारत इस संघर्ष का हिस्सा न हो, लेकिन भौगोलिक और रणनीतिक कारणों से वह निशाने पर आ सकता है।
उन्होंने आगे दावा किया कि अगर हालात बिगड़ते हैं और पाकिस्तान की पहुंच अमेरिका या इजरायल तक नहीं होती, तो वह भारत के प्रमुख शहरों को निशाना बना सकता है। उनके शब्दों में, “ऐसी स्थिति में जवाब देना जरूरी होगा, चाहे परिणाम कुछ भी हों।” हालांकि, बासित ने यह भी जोड़ा कि इस तरह की स्थिति की संभावना बेहद कम है और पाकिस्तान अपनी सुरक्षा करने में सक्षम है। इसके बावजूद उनके बयान को लेकर भारत में कड़ी आलोचना हो रही है और इसे गैर-जिम्मेदाराना बताया जा रहा है।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर पहले से ही तनाव बना हुआ है, जिससे इस तरह की टिप्पणियां और ज्यादा संवेदनशील मानी जा रही हैं।



