किडनी की समस्या को अक्सर केवल शारीरिक बीमारी माना जाता है, लेकिन नई रिसर्च के अनुसार इसका असर मस्तिष्क पर भी पड़ सकता है। Chronic kidney disease (सीकेडी) से पीड़ित लोगों में सोचने और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता में गिरावट देखी गई है।
यह अध्ययन JAMA Network Open में प्रकाशित हुआ है। शोध में पाया गया कि किडनी की कार्यक्षमता घटने के साथ संज्ञानात्मक (कॉग्निटिव) क्षमता भी प्रभावित हो सकती है।
अमेरिका की Tulane University सहित अन्य संस्थानों के वैज्ञानिकों ने 5,600 से अधिक लोगों पर करीब छह वर्षों तक अध्ययन किया।
शोध यह भी संकेत देता है कि किडनी रोग से जुड़ा हाई ब्लड प्रेशर मस्तिष्क पर असर डाल सकता है और लंबे समय में Dementia का खतरा बढ़ा सकता है।
विशेषज्ञों की सलाह: किडनी मरीजों को शारीरिक जांच के साथ मानसिक स्वास्थ्य पर भी नियमित निगरानी रखनी चाहिए।




