खाली पेट गैस की दवा लेना पड़ सकता है महंगा, दिल और मानसिक सेहत पर पड़ सकता है असर

खाली पेट गैस की दवा लेना पड़ सकता है महंगा, दिल और मानसिक सेहत पर पड़ सकता है असर

आजकल गैस, एसिडिटी और पेट फूलने की समस्या आम होती जा रही है। इससे राहत पाने के लिए कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के दवाइयों का सहारा लेने लगते हैं। खासकर कुछ लोगों की आदत बन जाती है कि सुबह उठते ही गैस की गोली ले लें, ताकि दिनभर आराम रहे। लेकिन लंबे समय तक ऐसा करना शरीर के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, एसिडिटी की दवाओं का लगातार सेवन शरीर में जरूरी पोषक तत्वों के अवशोषण को प्रभावित करता है। एक उदाहरण में बताया गया कि 35 वर्षीय महिला रोजाना खाली पेट Pantoprazole लेती थीं। शुरुआत में उन्हें राहत मिलती रही, लेकिन धीरे-धीरे उनके व्यवहार और शरीर में बदलाव दिखने लगे। उन्हें लगातार थकान, उदासी और काम में मन न लगने जैसी समस्याएं होने लगीं, जिन्हें उन्होंने सामान्य तनाव समझकर नजरअंदाज कर दिया।

दरअसल, लंबे समय तक एसिड को दबाने वाली दवाएं लेने से विटामिन B12 का स्तर कम होने लगता है। यह विटामिन शरीर के लिए बेहद जरूरी होता है, खासकर नसों और दिमाग के सही कामकाज के लिए। इसकी कमी से हाथ-पैरों में झनझनाहट, मूड स्विंग, डिप्रेशन और एंग्जायटी जैसी दिक्कतें पैदा हो सकती हैं।

इतना ही नहीं, B12 की कमी से शरीर में होमोसिस्टीन का स्तर बढ़ जाता है, जो दिल से जुड़ी बीमारियों का खतरा बढ़ा सकता है। कई मामलों में हार्ट अटैक के शुरुआती संकेत सामान्य लक्षणों जैसे थकान, कमजोरी या मानसिक बदलाव के रूप में भी सामने आते हैं, जिन्हें लोग अक्सर नजरअंदाज कर देते हैं।

भारत में बड़ी संख्या में लोग एसिडिटी की दवाएं रोजाना लेते हैं, लेकिन बहुत कम लोगों को इसके संभावित साइड इफेक्ट्स की जानकारी होती है। इसलिए यह समझना जरूरी है कि रोजाना गैस की दवा लेना स्थायी समाधान नहीं है।

अगर आपको बार-बार गैस या एसिडिटी की समस्या हो रही है, तो खुद से दवा लेने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। सही इलाज और जीवनशैली में बदलाव से इस समस्या को जड़ से खत्म किया जा सकता है।