गर्मी से पहले AC खरीदने वालों को झटका: कंपनियों ने 5-15% तक बढ़ाए दाम, महंगे हुए कच्चे माल का असर

गर्मी से पहले AC खरीदने वालों को झटका: कंपनियों ने 5-15% तक बढ़ाए दाम, महंगे हुए कच्चे माल का असर

गर्मी शुरू होने से पहले ही एयर कंडीशनर खरीदना लोगों के लिए महंगा पड़ने लगा है। देश की कई बड़ी AC कंपनियों ने अपने उत्पादों की कीमतों में बढ़ोतरी कर दी है। कंपनियों का कहना है कि कॉपर, एल्युमीनियम जैसे कच्चे माल की लागत बढ़ने और ट्रांसपोर्ट खर्च में इजाफे की वजह से कीमतें बढ़ानी पड़ी हैं। डाइकिन, वोल्टास, ब्लू स्टार, LG, हायर और मित्सुबिशी जैसी कंपनियों ने अपने अलग-अलग मॉडल्स के दाम में करीब 5% से 15% तक की वृद्धि की है।

क्यों बढ़े AC के दाम?

एसी कंपनियों के अनुसार कीमत बढ़ने के पीछे कई वजहें हैं। सबसे बड़ा कारण कॉपर और एल्युमीनियम की कीमतों में तेज उछाल है। इसके अलावा रुपये की कमजोरी के कारण आयात किए जाने वाले पार्ट्स महंगे हो गए हैं। साथ ही हाल के महीनों में लॉजिस्टिक्स यानी माल ढुलाई की लागत भी बढ़ी है। एक और महत्वपूर्ण कारण 1 जनवरी 2026 से लागू हुए ब्यूरो ऑफ एनर्जी एफिशिएंसी (BEE) के नए एनर्जी एफिशिएंसी नियम हैं, जिनके चलते कंपनियों को तकनीक में बदलाव करना पड़ा।

नए नियमों से ग्राहकों को फायदा

हालांकि कीमतें बढ़ने के बावजूद नए एसी ग्राहकों के लिए फायदेमंद हो सकते हैं। उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों के अनुसार नए मानकों के तहत आने वाले एसी पहले के मुकाबले लगभग 10-11% ज्यादा बिजली बचाते हैं। यानी शुरुआत में कीमत थोड़ी ज्यादा होगी, लेकिन लंबे समय में बिजली बिल कम आएगा।

कंपनियों का क्या कहना है?

डाइकिन इंडिया के चेयरमैन कंवलजीत जावा का कहना है कि नए एनर्जी नियमों के कारण एसी की तकनीक पहले से बेहतर हुई है, लेकिन इससे लागत भी बढ़ गई है। कॉपर की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं और डॉलर मजबूत होने से आयात महंगा हो गया है। वहीं ब्लू स्टार के मैनेजिंग डायरेक्टर बी. त्यागराजन के मुताबिक कंपनी ने फरवरी के मध्य में ही लगभग 8-10% तक कीमतें बढ़ा दी थीं।

बाजार में तुरंत असर नहीं दिखेगा

हालांकि ग्राहकों को बढ़े हुए दाम तुरंत हर जगह देखने को नहीं मिल सकते। इसकी वजह यह है कि कई डीलर्स ने पहले से पुराने रेट पर काफी स्टॉक खरीदकर रखा हुआ है। जब तक यह पुराना स्टॉक खत्म नहीं होता, तब तक कुछ दुकानों पर पुराने दाम पर एसी मिल सकते हैं।

इस साल रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद

कीमत बढ़ने के बावजूद कंपनियां 2026 में अच्छी बिक्री की उम्मीद कर रही हैं। मौसम विभाग की गर्मी को लेकर चेतावनी और बढ़ती मांग को देखते हुए एसी उद्योग को इस साल करीब 15% तक ग्रोथ मिलने का अनुमान है।

भारत का AC बाजार कितना बड़ा?

भारत में रूम एयर कंडीशनर का बाजार करीब 1.35 करोड़ यूनिट प्रति वर्ष का माना जाता है। इस बाजार में वोल्टास, एलजी, डाइकिन, ब्लू स्टार, हिताची, पैनासोनिक और लॉयड जैसी कंपनियों के बीच कड़ा मुकाबला रहता है। पिछला साल यानी 2025 एसी इंडस्ट्री के लिए थोड़ा धीमा रहा था, लेकिन इस साल मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

GST से कुछ राहत

उद्योग से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि जीएसटी दर को 28% से घटाकर 18% करने से कंपनियों को कुछ राहत मिली है। इससे बिजली बचाने वाले नए मॉडल ग्राहकों तक पहुंचाना आसान हुआ है।

नए BEE स्टार रेटिंग नियम क्या हैं?

1 जनवरी 2026 से लागू किए गए नए मानकों के तहत अब 5-स्टार एसी पहले के 5-स्टार मॉडल्स से करीब 10-11% अधिक ऊर्जा कुशल माने जाएंगे। इसका मतलब है कि नए एसी कम बिजली में बेहतर कूलिंग देंगे।

AC खरीदते समय ध्यान रखने वाली बातें

  • मार्च के अंत तक डीलर्स के पास पुराना स्टॉक पुराने रेट पर मिल सकता है।
  • गर्मी की पीक सीजन से पहले खरीदने पर कीमत थोड़ी कम पड़ सकती है।
  • अगर एसी रोज 6-8 घंटे चलाना है तो 5-स्टार मॉडल लेना ज्यादा फायदेमंद रहता है, क्योंकि बिजली की बचत कुछ सालों में अतिरिक्त लागत की भरपाई कर देती है।