गुरुग्राम में ग्रीन पटाखे खरीदने को लेकर भारी भीड़ उमड़ रही है। रविवार को कादीपुर इलाके में सुबह से ही सैकड़ों लोग पटाखे खरीदने पहुंचे। जिसके चलते हालात बेकाबू हो गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग पटाखों के गोदाम में घुसने के लिए धक्का- मुक्की करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी बरसा कर खदेड़ना पड़ा। यहां सुबह से ही लोग अपने पसंदीदा पटाखे खरीदने के लिए गोदामों में पहुंचने लगे थे। दोपहर होते-होते भीड़ इतनी बढ़ गई कि दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। काफी संख्या में लोग दिल्ली से भी पटाखे खरीदने पहुंचे हैं। लाइन तोड़कर किया हंगामा कुछ लोगों ने लाइन तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति ऐसी हो गई कि दुकानदारों और ग्राहकों के बीच बहस होने लगी। कुछ असामाजिक तत्वों ने मौके का फायदा उठाकर हंगामा शुरू कर दिया, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। मनमाने दाम वसूलने का आरोप कई दुकानों पर स्टॉक कम होने की वजह से लोग आपस में उलझ पड़े। कुछ ग्राहकों ने आरोप लगाया कि दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे थे, जिससे तनाव और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब स्थिति नहीं संभली तो पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। लाठी चलाकर भीड़ को खदेड़ा पुलिस ने लाठी का प्रयोग किया, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। कुछ लोगों ने पुलिस पर बदतमीजी का आरोप भी लगाया। हालांकि इस मामले में पुलिस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने कहा कि हमारा मकसद लोगों की सुरक्षा और बाजार में व्यवस्था बनाए रखना था। कुछ लोग लाइन तोड़कर हंगामा कर रहे थे, जिसके कारण हमें सख्त कदम उठाना पड़ा। अब स्थिति पूरी तरह काबू में है। पुलिस ने विक्रेताओं को भी चेतावनी दी है कि वे नियमों का पालन करें और अधिक कीमत वसूलने से बचें। गुरुग्राम में ग्रीन पटाखे खरीदने को लेकर भारी भीड़ उमड़ रही है। रविवार को कादीपुर इलाके में सुबह से ही सैकड़ों लोग पटाखे खरीदने पहुंचे। जिसके चलते हालात बेकाबू हो गए और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लोग पटाखों के गोदाम में घुसने के लिए धक्का- मुक्की करने लगे। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठी बरसा कर खदेड़ना पड़ा। यहां सुबह से ही लोग अपने पसंदीदा पटाखे खरीदने के लिए गोदामों में पहुंचने लगे थे। दोपहर होते-होते भीड़ इतनी बढ़ गई कि दुकानों पर लंबी-लंबी कतारें लग गईं। काफी संख्या में लोग दिल्ली से भी पटाखे खरीदने पहुंचे हैं। लाइन तोड़कर किया हंगामा कुछ लोगों ने लाइन तोड़ने की कोशिश की, जिसके बाद धक्का-मुक्की शुरू हो गई। देखते ही देखते स्थिति ऐसी हो गई कि दुकानदारों और ग्राहकों के बीच बहस होने लगी। कुछ असामाजिक तत्वों ने मौके का फायदा उठाकर हंगामा शुरू कर दिया, जिससे भगदड़ की स्थिति बन गई। मनमाने दाम वसूलने का आरोप कई दुकानों पर स्टॉक कम होने की वजह से लोग आपस में उलझ पड़े। कुछ ग्राहकों ने आरोप लगाया कि दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे थे, जिससे तनाव और बढ़ गया। सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले भीड़ को शांत करने की कोशिश की, लेकिन जब स्थिति नहीं संभली तो पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। लाठी चलाकर भीड़ को खदेड़ा पुलिस ने लाठी का प्रयोग किया, जिसके बाद भीड़ तितर-बितर हो गई। कुछ लोगों ने पुलिस पर बदतमीजी का आरोप भी लगाया। हालांकि इस मामले में पुलिस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है। मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने कहा कि हमारा मकसद लोगों की सुरक्षा और बाजार में व्यवस्था बनाए रखना था। कुछ लोग लाइन तोड़कर हंगामा कर रहे थे, जिसके कारण हमें सख्त कदम उठाना पड़ा। अब स्थिति पूरी तरह काबू में है। पुलिस ने विक्रेताओं को भी चेतावनी दी है कि वे नियमों का पालन करें और अधिक कीमत वसूलने से बचें। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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गुरुग्राम मेट्रो को लेकर मंत्री की चिट्ठी से फंसा पेंच:राव नरबीर का अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव, इससे तीन साल देरी और लागत दोगुना बढ़ेगी
गुरुग्राम मेट्रो को लेकर मंत्री की चिट्ठी से फंसा पेंच:राव नरबीर का अंडरग्राउंड बनाने का सुझाव, इससे तीन साल देरी और लागत दोगुना बढ़ेगी गुरुग्राम में मेट्रो एक्सटेंशन के निर्माण को लेकर अब नया पेंच फंस गया है। कैबिनेट मंत्री राव नरबीर सिंह ने फेज-2 के तहत सेक्टर-9 से लेकर साइबर सिटी तक की लाइन को अंडरग्राउंड करने के सुझाव के बाद इसके बदलाव को फिलहाल होल्ड पर रख दिया है। गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) की तकनीकी और वित्तीय रिपोर्ट के अनुसार, इस बदलाव से प्रोजेक्ट के पूरा होने में करीब तीन साल की देरी का अनुमान है। परियोजना की लागत भी 350 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर से बढ़कर 600-650 करोड़ रुपए प्रति किलोमीटर हो जाएगी। जीएमआरएल अधिकारियों का कहना है कि लागत बढ़ने के साथ-साथ टेंडर, डिजाइन में बदलाव और मंजूरी मिलने में भी देरी हो सकती है। इस प्रस्तावित अंडरग्राउंड रूट की रिपोर्ट प्रदेश सरकार को अंतिम फैसले के लिए सौंपी जाएगी। रिपोर्ट मिलने के बाद ही सरकार यह तय करेगी कि अतिरिक्त लागत को कैसे वहन किया जाए। प्रोजेक्ट के भूमि पूजन के बाद सांसद राव इंद्रजीत सिंह ने सवाल उठाया था कि प्रोजेक्ट समय पर पूरा न होने के लिए जवाबदेही तय की जाए और जिनकी वजह से देरी हो रही है, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। तब राव नरबीर ने दावा किया था कि प्रोजेक्ट समय पर चल रहा है और पहले जो कंफ्यूजन थी, वह दूर हो चुकी है। राव नरबीर की चिट्ठी की 3 अहम बातें.. ये है पूरा प्रोजेक्ट
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सेक्टर-9 से साइबर सिटी तक 14 मेट्रो स्टेशन होंगे
फेस दो के तहत सेक्टर-9 से लेकर दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। मेट्रो निर्माण को लेकर भू तकनीकी सर्वे किया जा चुका है। पुरानी डीपीआर के तहत दूसरे चरण में मेट्रो के 13 स्टेशन बनने थे, लेकिन नई डीपीआर में रेलवे स्टेशन मेट्रो स्टेशन शामिल होने के बाद 14 स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। नई डीपीआर को मंजूरी के लिए शहरी आवास मंत्रालय को भेजा जा चुका है। मेक इन इंडिया का ख्याल
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में मेक इन इंडिया पहल का ध्यान रखा जाएगा। परियोजना में अधिकतम भारतीय तकनीकी, उपकरण और संसाधनों का उपयोग किया जाएगा। मेट्रो कॉरिडोर एक अलग (स्वतंत्र) मेट्रो लाइन के रूप में बनेगा। स्वतंत्र कॉरिडोर में मेट्रो लाइन की अपनी अलग पहचान और संचालन प्रणाली होगी। इसका ट्रैक, स्टेशन और प्रबंधन अभी चल रही रैपिड मेट्रो से अलग होगा। यह नई मेट्रो लाइन रैपिड मेट्रो के ट्रैक या सिस्टम से नहीं जुड़ेगी या उसके साथ संयुक्त रूप से नहीं चलेगी। पहले जानिए.. मेट्रो को लेकर क्यों आमने-सामने हुए थे दोनों राव यह फाइल केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी के पास थी। अब केंद्रीय ऊर्जा एवं आवास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के मंत्रालय से संबंधित है। डीपीआर से संबंधित भ्रम दूर होने के बाद मनोहर लाल खट्टर ने हाल ही में परियोजना का भूमि पूजन किया, और अब यह प्रोजेक्ट शुरू हो चुका है।

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