गैस संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला: इंडस्ट्री के लिए LPG सप्लाई बढ़ी, कोटा 70% तक पहुंचा

गैस संकट के बीच केंद्र का बड़ा फैसला: इंडस्ट्री के लिए LPG सप्लाई बढ़ी, कोटा 70% तक पहुंचा

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के चलते भारत में गैस सप्लाई पर असर पड़ा है। इसी स्थिति को संभालने के लिए केंद्र सरकार ने कॉमर्शियल LPG की उपलब्धता बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब तक जहां यह सप्लाई सीमित थी, वहीं इसे बढ़ाकर 70% तक कर दिया गया है, जो संकट से पहले के स्तर के करीब है।

सरकार का कहना है कि इस अतिरिक्त गैस का फायदा मुख्य रूप से उन उद्योगों को मिलेगा जो अपने संचालन के लिए LPG पर निर्भर हैं। खासतौर पर स्टील, ऑटोमोबाइल, टेक्सटाइल, केमिकल, डाइज और प्लास्टिक सेक्टर को प्राथमिकता दी जाएगी, क्योंकि इन क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार जुड़ा हुआ है। इससे पहले सरकार ने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को राहत देते हुए अतिरिक्त गैस दी थी। अब फोकस बड़े औद्योगिक सेक्टर पर शिफ्ट किया गया है ताकि उत्पादन और रोजगार प्रभावित न हो।

हालांकि, बढ़े हुए कोटे का पूरा लाभ लेने के लिए इंडस्ट्रियल और कॉमर्शियल यूजर्स को कुछ शर्तें भी पूरी करनी होंगी। उन्हें ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) के साथ रजिस्ट्रेशन कराना होगा और साथ ही अपने शहर की सिटी गैस कंपनी के पास पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) के लिए आवेदन करना जरूरी होगा। सरकार चाहती है कि धीरे-धीरे उद्योग LPG से PNG की ओर ट्रांजिशन करें।

फिर भी, जिन उद्योगों में विशेष प्रकार की हीटिंग की जरूरत होती है और जहां PNG इस्तेमाल संभव नहीं है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। ऐसे सेक्टर्स को बिना अतिरिक्त शर्त के बढ़ा हुआ LPG कोटा मिलता रहेगा। पेट्रोलियम मंत्रालय ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि वे इस नई व्यवस्था को तेजी से लागू करें। कई राज्यों ने पहले ही गैर-घरेलू LPG सप्लाई को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं, जबकि बाकी जगहों पर सरकारी तेल कंपनियां सीधे सिलेंडर उपलब्ध करा रही हैं।

गौरतलब है कि भारत अपनी LPG जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है और इसका प्रमुख स्रोत मिडिल ईस्ट है। हाल ही में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच हुए सैन्य टकराव के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में स्थिति तनावपूर्ण हो गई, जिससे सप्लाई चेन प्रभावित हुई।

इसी कारण शुरुआत में घरेलू जरूरतों को प्राथमिकता देने के लिए कमर्शियल गैस सप्लाई घटाई गई थी। अब हालात को संतुलित करने के लिए इसे दोबारा बढ़ाया जा रहा है। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि देश में गैस की कोई कमी नहीं है और लोगों को किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए।