फूड एंड बेवरेज सेक्टर में टैक्स गड़बड़ियों को लेकर इनकम टैक्स विभाग ने बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। देशभर में करीब 63,000 रेस्टोरेंट विभाग की निगरानी में आए हैं। इन सभी को ईमेल और मैसेज के जरिए 31 मार्च 2026 तक अपना इनकम टैक्स रिटर्न अपडेट करने के लिए कहा जाएगा।
दरअसल, विभाग ने पिछले साल नवंबर में इस सेक्टर के लेन-देन के पैटर्न की गहन जांच की थी। जांच में सामने आया कि कुछ रेस्टोरेंट असली बिक्री को छिपाने के लिए कई तरह के तरीके अपना रहे थे, जैसे बड़ी संख्या में बिल डिलीट करना या बिक्री के रिकॉर्ड में बदलाव करना।
जांच के दौरान करीब 1.77 लाख रेस्टोरेंट के ट्रांजैक्शन डेटा को एआई आधारित एनालिटिकल टूल्स से खंगाला गया। इस डेटा की तुलना उनके इनकम टैक्स रिटर्न में दिखाए गए टर्नओवर से की गई। विश्लेषण में पाया गया कि कई जगहों पर वास्तविक आय की तुलना में कम इनकम दिखाई गई थी। कई मामलों में यह भी देखा गया कि जो बिक्री रिकॉर्ड में दर्ज थी, वह फाइनेंशियल अकाउंट्स या टैक्स रिटर्न में पूरी तरह दिखाई नहीं दी। कुछ ट्रांजैक्शन को जानबूझकर रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया था।
इसी कड़ी में 8 मार्च 2026 को देशभर के 22 राज्यों के 46 शहरों में 62 रेस्टोरेंट पर एक साथ सर्वे भी किया गया। शुरुआती जांच में करीब 408 करोड़ रुपये की छिपी हुई बिक्री का पता चला है। फिलहाल मामले की जांच जारी है। टैक्स विभाग इस मामले में सख्ती के साथ-साथ स्वैच्छिक अनुपालन को भी बढ़ावा दे रहा है। इसी उद्देश्य से “SAKSHAM NUDGE” नाम से एक अभियान चलाया गया है, जिसके तहत टैक्सपेयर्स को अपनी गलतियों को सुधारने और सही जानकारी देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इस अभियान के तहत करदाताओं को इनकम टैक्स एक्ट की धारा 139(8A) के तहत अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने का विकल्प दिया गया है, ताकि वे अपनी आय से जुड़ी जानकारी को सही कर सकें। पहले चरण में 63,000 रेस्टोरेंट को इस संबंध में सूचना भेजी जा रही है।




