तरनतारन के उप-चुनावों के लिए नामांकन के 6 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक मात्र 26 आवेदन ही मिले हैं। लेकिन इनमें अधिकतर रिपीट व कवरिंग कैंडिडेट हैं, जिन्हें स्क्रूटनी व वापसी के समय हटा दिया जाएगा। अभी तक सभी प्रमुख पार्टियों ने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया स्टार नीटू शटरांवाला ने भी अपना 12वां नामांकन भरा है। नामांकन में दी जानकारी के अनुसार, आजाद उम्मीदवार बने नीटू शटरांवाला की पारिवारिक आय तो 13.75 लाख है, लेकिन ना तो उनके पास कोई घर है, ना कार और ना ही गेहना। इतना ही नहीं, नीटू अनपढ़ भी है और पूरा एफिडेविट उन्होंने अंग्रेजी में भरा है। इसके अलावा खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे के उम्मीदवार मनदीप सिंह मैदान में हैं। तरनतारन विधानसभा सीट पूर्व विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हो गई थी। मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के अलावा खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे के उम्मीदवारों के बीच है। जानें नीटू शटरांवाले ने अपने नामांकन हल्फनामे में क्या भरा 41 साल के नीटू ने बताया कि ये उनका 12वां नामांकन है। वे शाह सिकंदर महल्ला जालंधर के रहने वाले हैं और अनपढ़ हैं। पांच साल में नीटू की आमदनी ढाई गुणा तक बढ़ चुकी है। ये इनकम उनकी ही नहीं, उनकी पत्नी की भी बढ़ी है। दोनों की इनकम 2021-22 में जहां तकरीबन 5 लाख वार्षिक थी, वहीं अब 2025-26 में ये आमदनी बढ़कर 13.75 लाख वार्षिक हो चुकी है। नीटू ने बताया कि उन्हें आय शटरिंग व अपने आर्टिस्ट होने के कारण मिल जाती है। लेकिन उनकी पत्नी गृहिणी है और यहीं से उनकी आमदनी भी इकट्ठी हो जाती है। इसके अलावा ना तो उनके पास व ना ही उनकी पत्नी के पास कोई प्रॉपर्टी, वाहन और खेत-खलिहान हैं। करोड़ों के मालिक, लेकिन बिना कार के 39 साल के मनदीप सिंह अमृतसर के कोट बाबा दीप सिंह के रहने वाले हैं। परिवार की इनकम 13.61 लाख है, जो चार साल पहले 2021-22 में 9.24 लाख रुपए रही। मनदीप सिंह पर आज तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। उनकी चल संपत्ति 52 लाख है, जबकि अचल प्रॉपर्टी 75 लाख रुपए के करीब है। 10वीं पास मनदीप सिंह की छवि बेदाग है। उनके पास कोई कार नहीं है, जबकि उनकी पत्नी के पास 8 तोले व उनके पास 3 तोल ही सोना है। तरनतारन के उप-चुनावों के लिए नामांकन के 6 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक मात्र 26 आवेदन ही मिले हैं। लेकिन इनमें अधिकतर रिपीट व कवरिंग कैंडिडेट हैं, जिन्हें स्क्रूटनी व वापसी के समय हटा दिया जाएगा। अभी तक सभी प्रमुख पार्टियों ने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया स्टार नीटू शटरांवाला ने भी अपना 12वां नामांकन भरा है। नामांकन में दी जानकारी के अनुसार, आजाद उम्मीदवार बने नीटू शटरांवाला की पारिवारिक आय तो 13.75 लाख है, लेकिन ना तो उनके पास कोई घर है, ना कार और ना ही गेहना। इतना ही नहीं, नीटू अनपढ़ भी है और पूरा एफिडेविट उन्होंने अंग्रेजी में भरा है। इसके अलावा खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे के उम्मीदवार मनदीप सिंह मैदान में हैं। तरनतारन विधानसभा सीट पूर्व विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हो गई थी। मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के अलावा खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे के उम्मीदवारों के बीच है। जानें नीटू शटरांवाले ने अपने नामांकन हल्फनामे में क्या भरा 41 साल के नीटू ने बताया कि ये उनका 12वां नामांकन है। वे शाह सिकंदर महल्ला जालंधर के रहने वाले हैं और अनपढ़ हैं। पांच साल में नीटू की आमदनी ढाई गुणा तक बढ़ चुकी है। ये इनकम उनकी ही नहीं, उनकी पत्नी की भी बढ़ी है। दोनों की इनकम 2021-22 में जहां तकरीबन 5 लाख वार्षिक थी, वहीं अब 2025-26 में ये आमदनी बढ़कर 13.75 लाख वार्षिक हो चुकी है। नीटू ने बताया कि उन्हें आय शटरिंग व अपने आर्टिस्ट होने के कारण मिल जाती है। लेकिन उनकी पत्नी गृहिणी है और यहीं से उनकी आमदनी भी इकट्ठी हो जाती है। इसके अलावा ना तो उनके पास व ना ही उनकी पत्नी के पास कोई प्रॉपर्टी, वाहन और खेत-खलिहान हैं। करोड़ों के मालिक, लेकिन बिना कार के 39 साल के मनदीप सिंह अमृतसर के कोट बाबा दीप सिंह के रहने वाले हैं। परिवार की इनकम 13.61 लाख है, जो चार साल पहले 2021-22 में 9.24 लाख रुपए रही। मनदीप सिंह पर आज तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। उनकी चल संपत्ति 52 लाख है, जबकि अचल प्रॉपर्टी 75 लाख रुपए के करीब है। 10वीं पास मनदीप सिंह की छवि बेदाग है। उनके पास कोई कार नहीं है, जबकि उनकी पत्नी के पास 8 तोले व उनके पास 3 तोल ही सोना है। पंजाब | दैनिक भास्कर
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लुधियाना में मां-बाप ने बच्ची को ठुकराया, अब पहुंची विदेश:6 महीने की मासूम सड़क किनारे मिली थी, अमेरिका के दंपती ने किया अडॉप्ट
लुधियाना में मां-बाप ने बच्ची को ठुकराया, अब पहुंची विदेश:6 महीने की मासूम सड़क किनारे मिली थी, अमेरिका के दंपती ने किया अडॉप्ट पंजाब के लुधियाना में मां-बाप ने बच्ची को सड़क पर लावारिस हाल में छोड़ा और भाग गए। लोगों को बच्ची मिली, कोई वारिस नहीं आया तो प्रशासन ने उसे लुधियाना के दोराहा स्थित हेवनली पैलेस में भेज दिया। 6 महीने की मासूम बच्ची वहां पर रोती रही और फिर उसे पता लग गया कि अब यही उसका ठिकाना है। बच्ची की किस्मत ऐसी निकली कि 1 साल बाद उसे अडॉप्ट करने अमेरिका का दंपती पहुंच गया। सारी लीगल फॉर्मेलिटीज पूरी करके अमेरिका का दंपती उसे हेवनली पैलेस से अमेरिका ले गया। बच्ची वहां पर पल-बढ़ रही है। जिला प्रशासन लगातार बच्ची के पालन पोषण का फीडबैक लगातार अमेरिकन एंबेसी के जरिए लेता है। CARA के जरिए किया अडॉप्ट
अमेरिका के दंपती के तीन बेटे हैं और वो बेटी चाहते थे। उन्होंने भारत सरकार की सेंट्रल अडॉप्शन रिसोर्स अथॉरिटी (CARA) की वेबसाइट के जरिए गर्ल चाइल्ड के लिए अप्लाई किया। CARA ने उन्हें लुधियाना के हेवनली पैलेस में पल रही डेढ़ साल बच्ची को देने की पेशकश की। अमेरिका का दंपती लुधियाना आया और उन्होंने बच्ची को देखा और अथॉरिटी के जरिए उसे अडॉप्ट कर दिया। नवंबर 2023 में मिली थी बच्ची, जून 2025 में विदेश पहुंच गई बच्ची लुधियाना प्रशासन की तरफ से बनाई गई बाल भलाई कमेटी को नवंबर 2023 में मिली थी। बच्ची का मेडिकल करवाने के बाद उसे हेवनली पैलेस प्रबंधन के हवाले कर दिया। एक साल सात महीने बच्ची हेवनली पैलेस में पली बढ़ी और जून 2025 में वो अमेरिका पहुंच गई। चार घरों को लक्ष्मी सौंप चुका है हेवनली पैलेस
लुधियाना का हेवनली पैलेस 2023 से अब तक चार घरों को लक्ष्मी (बेटियों) सौंप चुका है। यहां से बेटियां ले जाने वालों में अमेरिका के दंपती के अलावा पश्चिम बंगाल, अमृतसर और होशियारपुर के 3 परिवार भी शामिल हैं। प्रशासन इन सभी बच्चियों के पालन- पोषण पर लगातार नजर रख रहा है। चार और नवजात बच्चियां पल रहीं
हेवनली पैलेस में चार नवजात बच्चियां और पल रही हैं। ये सभी बच्चियां लुधियाना जिला बाल भलाई कमेटी के जरिए यहां पहुंची हैं। इन बच्चियों को भी अब किसी के घर की लक्ष्मी बनने का इंतजार है। इन सभी बच्चियों की उम्र छह माह के आसपास है। गवर्नर ने भी बच्चियों को गोद में उठाया था
कुछ दिन पहले पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया ने हेवनली पैलेस का दौरा किया तो उस समय उन्होंने इन बच्चियों को गोद में रखा था। बच्चियां गवर्नर की गोद में आने पर खुश हुईं तो वो भावुक हो गए थे और उन्होंने कहा था कि इन बच्चियों की किस्मत किसी अच्छी जगह पर पहुंचने की है। इसलिए इनके मां बाप ने इन्हें छोड़ा है। हर साल नवरात्र में कन्या पूजन समारोह होता है
हेवनली पैलेस के संस्थापक अनिल के मोंगा अमेरिका में रहते हैं और वो हर साल अप्रैल व अक्टूबर में आने वाले नवरात्रों में लुधियाना आते हैं और 9-9 दिन तक हेवनली पैलेस में दुर्गा पूजन करवाते हैं। इस दौरान यहां पल रही कन्याओं का पूजन करते हैं। अनिल के. मोंगा का कहना है कि उनका मकसद उन बच्चों को एक अच्छी जिंदगी देना है जिन्हें उनके मां-बाप त्याग देते हैं। 134 बच्चे पल रहे हैं यहां
हेवनली पैलेस में इस समय 134 बच्चे हैं। यहां रहने वाले बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य व अन्य सुविधाओं की विशेष व्यवस्था की गई है। इस साल दो बच्चों को पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में दाखिला मिला है। दोनों बीकॉम कर रहे हैं और उन्हें स्कॉलरशिप के आधार पर दाखिला मिला है।
