बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात की है और उन्हें एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने दविंदर पाल सिंह भुल्लर के मामले की पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार मामले को सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) के सामने पेश किए जाने पर जोर दिया है। दिल्ली में हुए बम धमाकों के पीछे के दोषी दविंदर पाल सिंह भुल्लर की अब मानसिक हालत ठीक नहीं है। वे ना तो किसी को पहचानते हैं और ना ही किसी से बातचीत करते हैं। जानें आर.पी. सिंह ने क्या लिखा पत्र में दिल्ली सीएम को लिखा गया खत जानिए कौन हैं दविंदर पाल सिंह भुल्लर दविंदर पाल सिंह भुल्लर एक पूर्व इंजीनियरिंग प्रोफेसर हैं, जिनका जन्म 1965 में पंजाब में हुआ था। उन्हें 1993 में दिल्ली में हुए बम धमाके के लिए दोषी ठहराया गया, जिसमें 9 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हमले का निशाना कांग्रेस नेता एमएस बिट्टा थे। भुल्लर को 2001 में टाडा कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई, लेकिन 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य आधार पर सजा को उम्रकैद में बदल दिया। वे पिछले 14 वर्षों से सिजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और अमृतसर के अस्पताल में जहरे इलाज हैं। लंबे समय से उनकी रिहाई या संवेदनशील पुनर्विचार की मांग विभिन्न संगठनों और परिजनों द्वारा की जा रही है। बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात की है और उन्हें एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने दविंदर पाल सिंह भुल्लर के मामले की पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार मामले को सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) के सामने पेश किए जाने पर जोर दिया है। दिल्ली में हुए बम धमाकों के पीछे के दोषी दविंदर पाल सिंह भुल्लर की अब मानसिक हालत ठीक नहीं है। वे ना तो किसी को पहचानते हैं और ना ही किसी से बातचीत करते हैं। जानें आर.पी. सिंह ने क्या लिखा पत्र में दिल्ली सीएम को लिखा गया खत जानिए कौन हैं दविंदर पाल सिंह भुल्लर दविंदर पाल सिंह भुल्लर एक पूर्व इंजीनियरिंग प्रोफेसर हैं, जिनका जन्म 1965 में पंजाब में हुआ था। उन्हें 1993 में दिल्ली में हुए बम धमाके के लिए दोषी ठहराया गया, जिसमें 9 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हमले का निशाना कांग्रेस नेता एमएस बिट्टा थे। भुल्लर को 2001 में टाडा कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई, लेकिन 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य आधार पर सजा को उम्रकैद में बदल दिया। वे पिछले 14 वर्षों से सिजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और अमृतसर के अस्पताल में जहरे इलाज हैं। लंबे समय से उनकी रिहाई या संवेदनशील पुनर्विचार की मांग विभिन्न संगठनों और परिजनों द्वारा की जा रही है। पंजाब | दैनिक भास्कर
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