दुनिया का पहला CCTV: चोरी नहीं, जान बचाने के लिए हुआ था इजाद

दुनिया का पहला CCTV: चोरी नहीं, जान बचाने के लिए हुआ था इजाद

आज सीसीटीवी कैमरे हर जगह आम हैं—सड़क, स्कूल, ऑफिस और घर—लेकिन क्या आप जानते हैं कि दुनिया का पहला CCTV कैमरा चोरी या अपराध रोकने के लिए नहीं, बल्कि वैज्ञानिकों की सुरक्षा के लिए बनाया गया था?


कैसे शुरू हुई कहानी

इसकी शुरुआत हुई 1942 में, जर्मनी के ‘पीनेमुंडे’ सैन्य अड्डे पर। उस समय जर्मनी अपनी ‘वी-2’ रॉकेट का परीक्षण कर रहा था, जो दुनिया की पहली लंबी दूरी की गाइडेड बैलिस्टिक मिसाइल थी। लॉन्च के दौरान तकनीकी खराबी से अचानक भयानक विस्फोट का खतरा हमेशा बना रहता था।

इसी समस्या का समाधान खोजने के लिए मशहूर जर्मन इंजीनियर वॉल्टर बर्च और उनकी टीम ने कैमरा और मॉनिटर आधारित सिस्टम विकसित किया।


वैज्ञानिकों के लिए एक लाइफसेवर

  • कैमरे को ‘ब्लास्ट जोन’ के पास सुरक्षा घेरे में लगाया गया।
  • केबल के जरिए कैमरा दूर सुरक्षित बंकर में बने मॉनिटर से जुड़ा।
  • वैज्ञानिक बंकर में बैठकर रॉकेट की लाइव फीड देख सकते थे और किसी खतरे के बिना परीक्षण कर सकते थे।

यानी, पहला CCTV अपराध रोधी तकनीक नहीं बल्कि जान बचाने वाला उपकरण था।