नौकरी बदलने के बाद अक्सर लोग अपने पुराने पीएफ खाते को लेकर बेखबर हो जाते हैं। इसी समस्या को देखते हुए श्रम मंत्रालय और Employees’ Provident Fund Organisation (EPFO) ने एक नई प्रणाली लागू की है, जिसके तहत अब वर्षों से निष्क्रिय पड़े पीएफ खातों का पैसा कर्मचारियों तक खुद पहुंचाया जाएगा। इसके लिए अब किसी तरह के आवेदन या दफ्तरों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।
सरकार ने देशभर में ऐसे करीब 31 लाख पीएफ खातों की पहचान की है जिनमें लंबे समय से कोई लेन-देन नहीं हुआ है। पहले चरण में लगभग 6 लाख खाताधारकों को लाभ देने की योजना है, जिनके खातों में 1000 रुपये या उससे कम की राशि जमा है। अगर इन कर्मचारियों की KYC प्रक्रिया पूरी है, तो पैसा सीधे आधार से लिंक बैंक खाते में अपने आप ट्रांसफर कर दिया जाएगा।
पीएफ से जुड़ी गड़बड़ियों पर लगाम कसने के लिए EPFO ने निगरानी व्यवस्था भी मजबूत कर दी है। अब इसका सिस्टम GST और GeM पोर्टल से जुड़ गया है, जिससे उन कंपनियों पर तुरंत कार्रवाई हो सकेगी जो कर्मचारियों की सैलरी से पीएफ की कटौती तो करती हैं, लेकिन उसे खाते में जमा नहीं करातीं।
EPFO के नियमों के मुताबिक, अगर किसी पीएफ खाते में लगातार 36 महीने तक न तो कोई नई राशि जमा होती है और न ही निकासी होती है, तो उसे निष्क्रिय खाता माना जाता है। हालांकि ऐसा खाता बंद नहीं होता और खाताधारक अपने UAN की मदद से इस राशि को कभी भी नए पीएफ खाते में ट्रांसफर कर सकता है।
अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आपका कोई पुराना पीएफ खाता अब भी मौजूद है या नहीं, तो इसके लिए घर बैठे कई आसान तरीके उपलब्ध हैं। अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से 9966044425 पर मिस्ड कॉल देकर या EPFOHO UAN लिखकर 7738299899 पर SMS भेजकर जानकारी ली जा सकती है। इसके अलावा EPFO ऐप में लॉगिन कर View Passbook विकल्प से भी पुराने बैलेंस की पूरी डिटेल देखी जा सकती है।




