बांके बिहारी मंदिर में बने तोशाखाना में आज दूसरे दिन खजाना खोला जा रहा है। खजाने के मुख्य दरवाजे को ग्राइंडर से काटा जा रहा है। इसके बाद सीढ़ियों के जरिए नीचे तहखाने में जाने की कोशिश की जाएगी। इससे पहले, कल बांके बिहारी मंदिर के खजाने के दरवाजे के अंदर एक और कमरा मिला था। इस कमरे के नीचे तहखाना मिला था। वहां सीढ़ियां बनी हुई थीं। टीम कल 15 से 20 फीट नीचे ही जा पाई थी। मंदिर परिसर में दिनेश गोस्वामी ने बताया- जो कल प्रक्रिया रह गई थी, उसे आज वहीं से शुरू करके आगे बढ़ाया जा रहा है। वापस फोटोग्राफी करके सील को दिखाते हुए वेल्डिंग को ग्राइंडर से काटा जा रहा है। अब मैं आगे की प्रक्रिया के लिए अंदर जा रहा हूं। खजाना खोले जाने से जुड़े पल-पल अपडेट के लिए LIVE ब्लॉग से गुजर जाइए… बांके बिहारी मंदिर में बने तोशाखाना में आज दूसरे दिन खजाना खोला जा रहा है। खजाने के मुख्य दरवाजे को ग्राइंडर से काटा जा रहा है। इसके बाद सीढ़ियों के जरिए नीचे तहखाने में जाने की कोशिश की जाएगी। इससे पहले, कल बांके बिहारी मंदिर के खजाने के दरवाजे के अंदर एक और कमरा मिला था। इस कमरे के नीचे तहखाना मिला था। वहां सीढ़ियां बनी हुई थीं। टीम कल 15 से 20 फीट नीचे ही जा पाई थी। मंदिर परिसर में दिनेश गोस्वामी ने बताया- जो कल प्रक्रिया रह गई थी, उसे आज वहीं से शुरू करके आगे बढ़ाया जा रहा है। वापस फोटोग्राफी करके सील को दिखाते हुए वेल्डिंग को ग्राइंडर से काटा जा रहा है। अब मैं आगे की प्रक्रिया के लिए अंदर जा रहा हूं। खजाना खोले जाने से जुड़े पल-पल अपडेट के लिए LIVE ब्लॉग से गुजर जाइए… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
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बालाघाट के कटंगी में बाघ ने चरवाहे पर किया हमला, वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी
बालाघाट के कटंगी में बाघ ने चरवाहे पर किया हमला, वन विभाग का सर्च ऑपरेशन जारी <p style=”text-align: justify;”>मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले के कटंगी परिक्षेत्र में एक बार फिर बाघ का आतंक लौट आया है. आदमखोर बन चुका बाघ अब तक कई बार इंसानों पर हमला कर चुका है. बाघ के हमले में सिवनी जिले का एक चरवाहा गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया है. वहीं बाघ की तलाश में रेस्क्यू टीम पिछले तीन दिनों से जंगल में डेरा डाले हुए है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>जानकारी के मुताबिक, यह घटना अंबेझरी गांव के पास की बताई जा रही है, जहां शनिवार शाम को 60 वर्षीय चरवाहा खेमराज नाने मवेशी चराने गया था. अचानक झाड़ियों से निकले बाघ ने उस पर झपट्टा मारा. गिरने की वजह से उसकी जान तो बच गई, लेकिन वह गंभीर रूप से घायल हो गया. ग्रामीणों ने तुरंत उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां हालत नाज़ुक होने पर नागपुर रेफर कर दिया गया है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>तीन दिनों से बाघ की तलाश कर रहे वनकर्मी</h3>
<p style=”text-align: justify;”>पिछले तीन दिनों से पेंच टाइगर रिजर्व से आई रेस्क्यू टीम, हाथी दल और ड्रोन कैमरों की मदद से जंगल में बाघ की तलाश कर रही है. मगर, वन विभाग की टीम के हाथ बाघ नहीं लग सका है, जिससे स्थानीय रहवासियों में दहशत का माहौल है. ग्रामीणों का कहना है कि इलाके में एक नहीं, बल्कि दो बाघ सक्रिय हैं.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल</h3>
<p style=”text-align: justify;”>अंबेझरी, पथरापेठ और पिपरवानी गांवों में लोगों में जबरदस्त दहशत है. परिक्षेत्र अधिकारी बाबूलाल चढ्ढार ने बताया कि रेस्क्यू टीम पूरी ताकत से बाघ को पकड़ने की कोशिश कर रही है. हालांकि ग्रामीणों ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं और सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>एक साल में बाघ के हमले में 5 मौत</h3>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें कि बीते एक साल में अब तक बाघ के हमले से पांच ग्रामीणों की मौत हो चुकी है, वहीं शनिवार को घटी यह छठवीं घटना है जिसमें चरवाहा गंभीर रूप से घायल हो चुका है जो जिंदगी और मौत से जूझ रहा है. फिलहाल बाघ की लोकेशन को लेकर रेस्क्यू टीम अलर्ट है, लेकिन लगातार हो रहे हमले से जंगल से सटे गांवों में डर का माहौल बना हुआ है.</p>

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उत्तराखंड में दिवाली पर बाजार में उछाल, ऑटोमोबाइल और सराफा सेक्टर में बिक्री बढ़ी
उत्तराखंड में दिवाली पर बाजार में उछाल, ऑटोमोबाइल और सराफा सेक्टर में बिक्री बढ़ी <p style=”text-align: justify;”>उत्तराखंड में इस बार जमकर खरीदारी हुई है, कारोबार और अर्थव्यवस्था को एक तरह से नई रफ्तार मिली है. ऑटोमोबाइल सेक्टर हो या फिर सराफा, सभी जगह ग्राहकों ने जमकर खरीदारी की है. एक तरह से यह दिवाली कारोबारियों के लिए अच्छी साबित हुई है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>ऑटोमोबाइल और टू-व्हीलर मार्केट में बढ़ोतरी</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>इस बार दिवाली पर उत्तराखंड में कारोबार खूब चमक रहा है. ऑटोमोबाइल बाजार में भी बढ़ोतरी हुई है. लगभग 1 महीने में त्योहारों के सीजन में हर सेक्टर से सकारात्मक खबरें आई हैं. जीएसटी कम हुई तो ऑटोमोबाइल सेक्टर इस बार बेहतर कारोबार कर पाया है. टू-व्हीलर मार्केट में 30 से 35 फ़ीसदी तक की बढ़ोतरी देखने को मिली.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>चार पहिया वाहन और सराफा बाजार का हाल</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>चार पहिया वाहन बाजार में भी 20 फ़ीसदी तक बढ़ोतरी इस सीजन में देखने को मिली है. सोना-चांदी महंगा होने के बावजूद सराफा कारोबार में बढ़ोतरी देखने को मिली है. बाजार की चमक का असर उत्तराखंड के राजस्व पर भी देखने को मिलेगा. मानसून के दौरान हुई आपदाओं के बावजूद त्योहारों का स्वागत अच्छा रहा.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>जीएसटी में बढ़ोतरी और सरकार की उम्मीद</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>पिछले वर्ष की तुलना में उत्तराखंड में जीएसटी से प्राप्त होने वाले राजस्व में 11% की बढ़ोतरी हुई है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में अगस्त माह तक जीएसटी 3779 करोड़ था, जबकि 2025-26 में यह 4145 करोड़ हो गया. जीएसटी सुधारों के बाद कारोबार में उछाल आया है, जिससे सरकार को उम्मीद है कि अक्टूबर माह में राजस्व में और बढ़ोतरी होगी</p>
<h3 style=”text-align: justify;”><strong>इलेक्ट्रिक, CNG वाहन और सराफा बाजार में उछाल</strong></h3>
<p style=”text-align: justify;”>फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन (FADA) के उत्तराखंड चैप्टर के अध्यक्ष हरीश सुरी ने बताया कि यह सीजन पिछले साल की तुलना में बेहद सुखद रहा और खरीदारी में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई. इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में बढ़ोतरी हुई, वहीं शहर और आसपास के इलाकों में CNG वाहन भी खूब बिके.</p>
<p style=”text-align: justify;”>सराफा मंडल के अध्यक्ष पंकज मैसोन ने कहा कि इस बार लोग सोना और चांदी को केवल परंपरा के लिए नहीं बल्कि निवेश के तौर पर खरीद रहे हैं. इससे यह स्पष्ट होता है कि उत्तराखंड में त्योहारी सीजन ने न केवल कारोबारियों को राहत दी है, बल्कि निवेश और खरीदारी दोनों के दृष्टिकोण से बाजार में सकारात्मक रुझान देखा गया. </p>
