भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते पर ब्रेक: नए टैरिफ ढांचे के इंतजार में टली डील

भारत-अमेरिका ट्रेड समझौते पर ब्रेक: नए टैरिफ ढांचे के इंतजार में टली डील

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम व्यापार समझौता फिलहाल आगे बढ़ा दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, अब यह डील तभी साइन होगी जब अमेरिका अपना नया वैश्विक टैरिफ ढांचा तैयार कर लेगा। दोनों देश फिलहाल तकनीकी और नीति से जुड़े मुद्दों पर चर्चा जारी रखे हुए हैं।

दरअसल, इस देरी की बड़ी वजह अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट का हालिया फैसला है, जिसमें पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा लागू किए गए कुछ टैरिफ अधिकारों को रद्द कर दिया गया। यह अधिकार इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत इस्तेमाल किए जाते थे, जिनसे भारी आयात शुल्क लगाए जाते थे। कोर्ट के इस फैसले के बाद पुराने टैरिफ अप्रभावी हो गए हैं, जिसके चलते अमेरिका को अब नया ट्रेड फ्रेमवर्क तैयार करना पड़ रहा है। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती, तब तक अमेरिका ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 122 के तहत सभी देशों पर अस्थायी रूप से 10% टैरिफ लागू कर दिया है, जो करीब 5 महीनों तक जारी रह सकता है।

सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भारत इस डील को लेकर जल्दबाजी में नहीं है। किसी भी समझौते से पहले यह देखा जाएगा कि भारत को अन्य देशों की तुलना में क्या प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलता है। पहले भारत ने कुछ खास उत्पादों पर 18% तक रेसिप्रोकल टैरिफ तय किया था, लेकिन नए अमेरिकी ढांचे के अनुसार इसमें बदलाव संभव है। इस बीच, नॉन-टैरिफ बाधाओं और सेक्शन 232 जैसे सेक्टोरल टैरिफ को लेकर भी बातचीत जारी है। साथ ही, अमेरिका की ‘सेक्शन 301’ जांच के कानूनी पहलुओं पर भी भारत नजर बनाए हुए है।

हाल ही में Malaysia द्वारा अमेरिका के साथ व्यापार समझौते से पीछे हटने की खबरें आई थीं, लेकिन भारतीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि भारत की स्थिति इससे अलग है। भारत ने अभी तक कोई बाध्यकारी कानूनी समझौता नहीं किया है, केवल एक फ्रेमवर्क स्तर पर बातचीत चल रही है। कॉमर्स सेक्रेटरी Rajesh Agrawal ने कहा कि दोनों देश आपसी हितों को ध्यान में रखते हुए बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों, खासकर पश्चिम एशिया में तनाव के कारण लॉजिस्टिक्स और शिपिंग पर असर पड़ा है।

इसके बावजूद सरकार को उम्मीद है कि इस वित्त वर्ष में भारत का कुल निर्यात 860 बिलियन डॉलर तक पहुंच सकता है।