भारत में डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने की दिशा में Google एक ऐतिहासिक निवेश करने जा रही है। कंपनी आंध्र प्रदेश में करीब 15 अरब डॉलर (लगभग 1.40 लाख करोड़ रुपये) की लागत से विशाल डेटा सेंटर प्रोजेक्ट विकसित करेगी, जिसे देश का अब तक का सबसे बड़ा सिंगल विदेशी निवेश माना जा रहा है।
करीब छह महीने पहले Google और Andhra Pradesh सरकार के बीच इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को लेकर समझौता हुआ था। अब 28 अप्रैल को इस परियोजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। इस मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu और कंपनी के शीर्ष अधिकारी, जिनमें Thomas Kurian शामिल हैं, मौजूद रहेंगे।
तीन बड़े कैंपस, एक विशाल नेटवर्क
यह डेटा सेंटर हब Visakhapatnam के आसपास तीन अलग-अलग लोकेशनों पर विकसित किया जाएगा—अदाविवरम, तरलुवाडा और रामबिल्ली। इन तीनों जगहों को मिलाकर करीब 1 गीगावाट (GW) क्षमता का हाई-टेक इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
राज्य सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए बड़े पैमाने पर जमीन आवंटित की है। रामबिल्ली में लगभग 174.8 एकड़, अदाविवरम और मुदासर्लोवा में 160 एकड़, जबकि तरलुवाडा में करीब 266.6 एकड़ भूमि दी गई है। इस पूरे प्रोजेक्ट को Raiden Infotech India Private Limited के जरिए लागू किया जाएगा, जो Google की सहयोगी कंपनी है।
2028 तक संचालन की योजना
इस मेगा प्रोजेक्ट को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा और उम्मीद है कि जुलाई 2028 तक तीनों डेटा सेंटर पूरी तरह चालू हो जाएंगे। इन हाई-एंड फैसिलिटीज में आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा, जिसमें सबमरीन केबल नेटवर्क, केबल लैंडिंग स्टेशन, हाई-स्पीड मेट्रो फाइबर और एडवांस टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर शामिल होंगे।
एशिया में सबसे बड़ा डेटा हब बनने की तैयारी
Google के मौजूदा डेटा सेंटर दुनिया के 11 देशों में फैले हुए हैं, लेकिन Visakhapatnam में बनने वाला यह क्लस्टर एशिया का सबसे बड़ा डेटा सेंटर हब बनने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इससे भारत की डिजिटल क्षमता और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर को वैश्विक स्तर पर मजबूती मिलेगी।
अदाणी ग्रुप की अहम भूमिका
इस प्रोजेक्ट में Adani Group की भी महत्वपूर्ण भागीदारी रहेगी। Adani Infra ने इस प्रोजेक्ट के लिए स्पेशल पर्पज व्हीकल (SPV) तैयार किए हैं, जिनके माध्यम से तीनों लोकेशनों पर अलग-अलग डेटा सेंटर पार्क विकसित किए जाएंगे।
भारत के डिजिटल भविष्य को मिलेगा बूस्ट
यह निवेश न सिर्फ विदेशी पूंजी के लिहाज से बड़ा है, बल्कि इससे देश में रोजगार, टेक्नोलॉजी और इंटरनेट इंफ्रास्ट्रक्चर को भी जबरदस्त बढ़ावा मिलेगा। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रोजेक्ट भारत को ग्लोबल डेटा हब बनाने की दिशा में एक बड़ा मील का पत्थर साबित हो सकता है।



