शेयर बाजार में हाहाकार – वैश्विक तनाव से डगमगाया सेंसेक्स, लाखों करोड़ रुपये साफ

शेयर बाजार में हाहाकार – वैश्विक तनाव से डगमगाया सेंसेक्स, लाखों करोड़ रुपये साफ

सप्ताह की शुरुआत भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद निराशाजनक रही। सोमवार सुबह कारोबार शुरू होते ही बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और कुछ ही समय में निवेशकों के करीब 7.5 लाख करोड़ रुपये डूब गए। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स करीब 1,482 अंक टूटकर 73,000 के आसपास पहुंच गया, जबकि निफ्टी भी 22,600 के स्तर के करीब फिसल गया।

गिरावट का दायरा इतना व्यापक था कि निफ्टी के ज्यादातर शेयर लाल निशान में खुले। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी करीब 2% तक की कमजोरी देखने को मिली, जिससे बाजार का माहौल पूरी तरह नकारात्मक हो गया। हालांकि, कुछ चुनिंदा शेयर जैसे ONGC और HCLTech हल्की बढ़त के साथ टिके रहे।

इस गिरावट के पीछे सबसे अहम वजह अंतरराष्ट्रीय तनाव को माना जा रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ती तल्खी ने वैश्विक निवेशकों को सतर्क कर दिया है। ऐसे माहौल में निवेशक जोखिम से दूरी बनाते हैं, जिसका सीधा असर शेयर बाजार पर पड़ता है।

दूसरी ओर, वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। एशिया और अमेरिका के शेयर बाजार पहले ही दबाव में थे, जिसका असर भारतीय बाजार पर भी देखने को मिला। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार गिरते हैं, तो भारतीय बाजार भी उसी दिशा में चलने लगता है।

तेल की कीमतों में उछाल भी बाजार के लिए चिंता का कारण बना। ब्रेंट क्रूड 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चला गया, जिससे भारत जैसे आयातक देश पर महंगाई और खर्च का दबाव बढ़ने की आशंका है। इसका असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा और बिकवाली तेज हो गई।

इसके अलावा, वोलैटिलिटी इंडेक्स (VIX) में करीब 10% की तेज बढ़ोतरी ने बाजार में डर और अनिश्चितता को और बढ़ा दिया। यह संकेत देता है कि आने वाले समय में बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

सेक्टोरल स्तर पर देखें तो सबसे ज्यादा दबाव PSU बैंक, बैंकिंग और मेटल सेक्टर पर रहा। टाटा स्टील, हिंडालको और JSW स्टील जैसे मेटल शेयरों में तेज गिरावट ने बाजार को और नीचे खींचा। जब बड़े सेक्टर कमजोर होते हैं, तो पूरा बाजार दबाव में आ जाता है और यही सोमवार को देखने को मिला।