अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशें तेज हो गई हैं, लेकिन दोनों देशों की शर्तों के चलते बातचीत आगे नहीं बढ़ पा रही है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump की टीम ईरान के साथ सीजफायर को लेकर बातचीत शुरू करना चाहती है। इस पहल में उनके करीबी सहयोगी Jared Kushner और Steve Witkoff भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने बातचीत के लिए साफ शर्तें रख दी हैं। ईरान का कहना है कि सबसे पहले युद्ध को पूरी तरह रोका जाए, उसके बाद हुए नुकसान की भरपाई की जाए। साथ ही, भविष्य में किसी भी तरह के हमले से बचाव के लिए ठोस और विश्वसनीय गारंटी भी दी जानी चाहिए। हालांकि, अमेरिकी पक्ष इन मांगों को पूरी तरह मानने के लिए तैयार नहीं दिख रहा है। खासकर मुआवजे को लेकर अमेरिका की सहमति नहीं बन पाई है। फिलहाल दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत नहीं हो रही है, बल्कि Egypt, Qatar और United Kingdom जैसे देश मध्यस्थता कर रहे हैं।
दूसरी ओर, अमेरिका चाहता है कि ईरान अपने मिसाइल कार्यक्रम पर अस्थायी रोक लगाए और यूरेनियम संवर्धन की प्रक्रिया को भी बंद करे। इसके अलावा, परमाणु ठिकानों को निष्क्रिय करने और क्षेत्रीय संगठनों को मिलने वाली आर्थिक मदद रोकने की मांग भी की जा रही है। इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने वैश्विक मंच पर भी इस मुद्दे को उठाया है। उन्होंने भारत के प्रधानमंत्री से बातचीत के दौरान कहा कि BRICS देशों को इस संघर्ष को रोकने में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।
ईरान का मानना है कि क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने के लिए मध्य-पूर्व के देशों को मिलकर एक स्वतंत्र सुरक्षा तंत्र तैयार करना चाहिए, जिससे बाहरी हस्तक्षेप को कम किया जा सके और इलाके में शांति कायम रह सके।




