हरियाणा विधानसभा में आज ( सोमवार, 23 फरवरी) बजट सत्र का दूसरा दिन है. इस दौरान सदन में IDFC फर्स्ट बैंक में घोटाले को लेकर जमकर हंगामा हुआ है. विधानसभा में नेता विपक्ष भूपेंद्र हुड्डा ने IDFC फर्स्ट बैंक में 590 करोड़ के घोटाले का मुद्दा उठाया.उन्होंने कहा कि ये बहुत गंभीर मुद्दा है.वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में इसका जवाब दिया.
सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार अलग अलग बैंकों में पैसा रखती है. जिस बैंक में ये मामला आया है, उस बैंक में चार विभागों के खाते थे. इस पूरे मामले के हर फैक्ट्स पर हम जांच करा रहे हैं. जब ये मामला सामने आया तो सरकार की ओर से तुरंत ही इस बैंक से सारा पैसा राष्ट्रीयकृत बैंक में ट्रांसफर कर दिया गया.
‘एक-एक पैसा वापस आएगा’
सीएम नायब सैनी ने विधानसभा में कहा कि IDFC फर्स्ट बैंक ने SEBI को पत्र लिखकर जानकारी दी है कि कर्मचारियों ने गड़बड़ की है. उन्होंने कहा कि हम इस मुद्दे पर पर गंभीरता से जांच कर रहे हैं. बैंक में 450 FD बनी हुई थीं एक-एक पैसा इसमें वापस आएगा. उन्होंने कहा कि नेता विपक्ष ने इस मुद्दे को उठाया है. इस मामले में चाहे कोई अधिकारी हो या बैंक का अधिकारी हो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.
एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस कर रही जांच
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 4- 5 दिन पहले ये जानकारी मिल गई थी और इसकी जांच शुरू कर दी गई थी. उन्होंने कहा कि इस मामले में SEBI को भी लेटर लिखा गया है.उन्होंने बताया कि एंटी करप्शन ब्यूरो और विजिलेंस से भी मामले की जांच करवाई जा रही है. उन्होंने साफ कहा कि इस मामले में जो कोई भी शामिल होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. इस मामले में सरकार का पैसा पूरी तरह सुरक्षित है. हमारा एक भी पैसा कहीं नहीं जाएगा.
सदन में हुआ हंगामा
वहीं सीएम के जवाब के बाद सदन में नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि सरकार को सब पता है कि कसूरवार कौन है. उस पर तुरंत एक्शन लेना चाहिए. सीएम सैनी ने कहा कि हमारे पास पूरा रिकॉर्ड है. जांच में कुछ समय लगता है. जो भी दोषी होगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा.


