हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक पंचायत प्रधान पर 13 साल की मासूम के रेप के आरोप लगे हैं। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया- रामपुर की जघोरी पंचायत के प्रधान किशोरी लाल ने तांत्रिक विद्या के नाम पर डराकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने रविवार देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि- 21 सितंबर को जब वह स्कूल जा रही थी तो रास्ते में प्रधान किशोरी लाल मिला। आरोपी ने लड़की से उसके गले में लगे रुद्राक्ष के हार में बारे में पूछा। लड़की ने कहा- यह हार उसकी सहेली ने दिया है। किशोरी लाल ने इसे छुआ और कहा- लड़की से कहने लगा कि इसे छूने से उसे झटका लगा है। तांत्रिक विद्या के नाम से डराया लड़की ने कहा- ये कैसे संभव हो सकता है। इसके बाद आरोपी ने कहा- उसके पास तांत्रिक विद्या है। वह मंत्रों से इस हार को ठीक कर देगा, ऐसा नहीं किया तो उसका परिवार मर जाएगा। तांत्रिक ने लड़की को धमकी दी कि यदि उसने तांत्रिक विद्या के बारे में परिवार को बताया- तो भी तेरा परिवार मर जाएगा। इससे लड़की डर गई। 15 अक्टूबर को घर बुलाकर छेड़छाड़ की 15 अक्टूबर को लड़की जब स्कूल जा रही थी तो तांत्रिक ने लड़की को अपने घर बुलाया और पानी दिया। इस दौरान- आरोपी ने कुछ गलत करने की बात कहीं। किशोरी लाल उसे तांत्रिक विद्या से डराने का प्रयास कर रहा था। प्रधान ने लड़की को प्यार करने को कहा। आरोपी पीड़िता को अपना सबकुछ मानने की बात कहता रहा। 17 अक्टूबर को प्रधान ने लड़की को फिर घर बुलाया। तांत्रिक विद्या से डरी सहमी लड़की आरोपी के घर चली गई और दोबारा गलत काम किया। पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज बीते रविवार को पीड़िता ने अपने परिजनों को यह बात बताई और पुलिस में मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर बीते रविवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 और पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया। इसके बाद पीड़ित बच्ची का मेडिकल भी करवा दिया गया है। एफआईआर के बाद देर रात को आरोपी को भी घर से गिरफ्तार किया गया। आज उसे पुलिस रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के शिमला में एक पंचायत प्रधान पर 13 साल की मासूम के रेप के आरोप लगे हैं। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने बताया- रामपुर की जघोरी पंचायत के प्रधान किशोरी लाल ने तांत्रिक विद्या के नाम पर डराकर उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने रविवार देर रात आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में पीड़िता ने आरोप लगाया कि- 21 सितंबर को जब वह स्कूल जा रही थी तो रास्ते में प्रधान किशोरी लाल मिला। आरोपी ने लड़की से उसके गले में लगे रुद्राक्ष के हार में बारे में पूछा। लड़की ने कहा- यह हार उसकी सहेली ने दिया है। किशोरी लाल ने इसे छुआ और कहा- लड़की से कहने लगा कि इसे छूने से उसे झटका लगा है। तांत्रिक विद्या के नाम से डराया लड़की ने कहा- ये कैसे संभव हो सकता है। इसके बाद आरोपी ने कहा- उसके पास तांत्रिक विद्या है। वह मंत्रों से इस हार को ठीक कर देगा, ऐसा नहीं किया तो उसका परिवार मर जाएगा। तांत्रिक ने लड़की को धमकी दी कि यदि उसने तांत्रिक विद्या के बारे में परिवार को बताया- तो भी तेरा परिवार मर जाएगा। इससे लड़की डर गई। 15 अक्टूबर को घर बुलाकर छेड़छाड़ की 15 अक्टूबर को लड़की जब स्कूल जा रही थी तो तांत्रिक ने लड़की को अपने घर बुलाया और पानी दिया। इस दौरान- आरोपी ने कुछ गलत करने की बात कहीं। किशोरी लाल उसे तांत्रिक विद्या से डराने का प्रयास कर रहा था। प्रधान ने लड़की को प्यार करने को कहा। आरोपी पीड़िता को अपना सबकुछ मानने की बात कहता रहा। 17 अक्टूबर को प्रधान ने लड़की को फिर घर बुलाया। तांत्रिक विद्या से डरी सहमी लड़की आरोपी के घर चली गई और दोबारा गलत काम किया। पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज बीते रविवार को पीड़िता ने अपने परिजनों को यह बात बताई और पुलिस में मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर बीते रविवार को भारतीय न्याय संहिता की धारा 65 और पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज किया। इसके बाद पीड़ित बच्ची का मेडिकल भी करवा दिया गया है। एफआईआर के बाद देर रात को आरोपी को भी घर से गिरफ्तार किया गया। आज उसे पुलिस रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा। हिमाचल | दैनिक भास्कर
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हिमाचल में 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ा
हिमाचल में 21 अक्टूबर से बदलेगा मौसम:ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के आसार, मैदानी क्षेत्रों में ठंड का प्रकोप बढ़ा हिमाचल प्रदेश में बीते एक सप्ताह से मौसम पूरी तरह साफ बना हुआ है, जिसके कारण प्रदेश में सूखी ठंड का असर देखा जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि 21 और 22 अक्टूबर को अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम करवट ले सकता है और बर्फबारी की संभावना है। वहीं प्रदेश के मैदानी इलाकों में रातें ठंडी हो रही हैं।
शिमला का न्यूनतम तापमान सामान्य से 4.1 डिग्री सेल्सियस बढ़कर 15 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया। वहीं ऊना, हमीरपुर, मंडी और कांगड़ा जैसे मैदानी इलाकों का तापमान शिमला से कम रहा, जिससे वहां अधिक ठंड महसूस की गई। वहीं आज सुबह मंडी, बिलासपुर और हमीरपुर जिलों के कुछ क्षेत्रों में घना कोहरा छाया रहा। मौसम विज्ञान केंद्र शिमला ने इन तीनों जिलों के लिए कोहरे का यलो अलर्ट जारी किया था। मैदानी इलाकों में रात के तापमान में गिरावट मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में मैदानी इलाकों में रात के तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना है, जबकि दिन का तापमान सामान्य बना रहेगा। वर्तमान में न्यूनतम और अधिकतम तापमान सामान्य से थोड़ा अधिक चल रहा है। 21 और 22 अक्टूबर को बिगड़ेगा मौसम पहाड़ों से चलने वाली ठंडी हवाओं के कारण मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ रही है, और यह तब तक जारी रहेगी, जब तक पहाड़ों पर अच्छी बारिश या बर्फबारी नहीं होती। हालांकि, 21 और 22 अक्टूबर को किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा के अधिक ऊंचाई वाले कुछ क्षेत्रों में मौसम खराब हो सकता है और हल्का हिमपात होने की संभावना है। इस दौरान निचले और मध्यम ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मौसम साफ बना रहेगा।
हिमाचल में लगेंगे 13000 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट:65 हजार करोड़ रुपये का निवेश, 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य
हिमाचल में लगेंगे 13000 मेगावाट के पावर प्रोजेक्ट:65 हजार करोड़ रुपये का निवेश, 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) और हिमाचल सरकार मिलकर राज्य में 13 हजार मेगावाट क्षमता वाले पावर प्रोजेक्ट्स स्थापित करेंगे। इन परियोजनाओं पर अनुमानित 65 हजार करोड़ रुपए का निवेश किया जाएगा। इससे राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आर्थिक प्रगति को भी गति मिलेगी। बीबीएमबी के चेयरमैन इंजीनियर मनोज त्रिपाठी ने बताया कि इन परियोजनाओं का निर्माण चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। हाल ही में बोर्ड की बैठक में परियोजनाओं के लिए एमओयू (समझौता ज्ञापन) का ड्राफ्ट तैयार किया गया है। संयुक्त कमेटी निगरानी करेगी इसमें भागीदार राज्यों और बीबीएमबी के अधिकारियों की एक संयुक्त कमेटी भी बनाई गई है, जो इस परियोजना की निगरानी और दिशा तय करेगी। परियोजना के पहले चरण में भाखड़ा और पौंग में दो परियोजनाएं शामिल हैं। इन दोनों को मिलाकर 4300 मेगावाट की बिजली क्षमता विकसित की जाएगी। एमओयू पर हस्ताक्षर होते ही इन परियोजनाओं की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) बननी शुरू हो जाएगी। त्रिपाठी ने बताया कि डीपीआर बनाने में लगभग 18 महीने का समय लगेगा। इसके बाद 5-6 महीनों में कार्य आवंटित करके निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, जिसे करीब 4 सालों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। बीबीएमबी बोर्ड की अगली बैठक आगामी 31 अक्टूबर को प्रस्तावित है, जिसमें इन परियोजनाओं को अंतिम मंजूरी मिलने की संभावना है।
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