मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर अगले 48 घंटों में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला गया, तो अमेरिका ईरान के ऊर्जा ढांचे पर बड़े पैमाने पर हमला करेगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि कार्रवाई की शुरुआत ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट से हो सकती है, हालांकि उन्होंने किसी खास प्लांट का नाम नहीं लिया।
यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ घंटों पहले ही ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर मिसाइल हमले किए थे। इन हमलों में 100 से ज्यादा लोग घायल हुए। खास बात यह है कि डिमोना में इजरायल की प्रमुख परमाणु सुविधा मौजूद है। ईरान का कहना है कि यह हमला उसके नतांज परमाणु केंद्र पर हुए हमले का जवाब था, जबकि इजरायल ने उस हमले में अपनी भूमिका से इनकार किया है।
इस बीच, होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की रोक का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई दे रहा है। तेल की सप्लाई बाधित होने से कीमतों में उछाल आया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में चिंता बढ़ गई है। यह स्थिति ट्रंप के लिए भी चुनौती बन रही है, क्योंकि इसी साल अमेरिका में मध्यावधि चुनाव होने हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साफ लिखा कि ईरान के पास मौजूदा समय से ठीक 48 घंटे हैं। भारतीय समय के अनुसार यह समय सीमा 24 मार्च सुबह 5:14 बजे तक है। यदि तब तक रास्ता नहीं खुला, तो अमेरिका की ओर से सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की रुकावट का असर पूरी दुनिया पर पड़ना तय है।




