अमेरिका और जापान के बीच तय Trade Deal ने ज़मीन पर आकार लेना शुरू कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने जानकारी दी कि जापान की ओर से अमेरिका में किए जाने वाले बड़े निवेश की शुरुआती परियोजनाएं लॉन्च हो चुकी हैं, जिनकी संयुक्त लागत करीब 36 अरब डॉलर है।
इस समझौते के तहत जापान ने 550 अरब डॉलर तक का निवेश करने की प्रतिबद्धता जताई है, जिसे ट्रम्प के मौजूदा कार्यकाल के अंत, जनवरी 2029 तक पूरा किया जाना है। यह करार पिछले साल जुलाई में हुआ था, जब बदले में जापानी कारों और अन्य उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ में राहत दी गई थी।
राष्ट्रपति ने अपने सोशल मीडिया मंच Truth Social पर पोस्ट के ज़रिए बताया कि शुरुआती चरण में तीन बड़े प्रोजेक्ट आगे बढ़े हैं।
- जॉर्जिया में क्रिटिकल मिनरल्स से जुड़ी इकाई, जहां सिंथेटिक डायमंड समेत अहम खनिजों का उत्पादन होगा—इससे विदेशी निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी।
- टेक्सास के गल्फ कोस्ट पर ऊर्जा ढांचा मजबूत करने के लिए डीपवॉटर क्रूड ऑयल एक्सपोर्ट सुविधा और LNG परियोजनाएं, जिनका मकसद अमेरिकी ऊर्जा निर्यात बढ़ाना है।
- ओहियो में एक विशाल नेचुरल गैस आधारित पावर जेनरेशन प्लांट।
ट्रम्प ने कहा कि इन पहलों को आगे बढ़ाने में टैरिफ नीति की भूमिका निर्णायक रही है और इसे दोनों देशों के लिए एक अहम मोड़ बताया। उनके मुताबिक, अमेरिका उत्पादन और निर्माण के नए दौर में प्रवेश कर रहा है।
इसी क्रम में पिछले सप्ताह वॉशिंगटन में जापान के उद्योग मंत्री रयोसी अकाजावा और अमेरिकी वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लुटनिक की बैठक हुई, जहां शुरुआती निवेश को तेज़ी से आगे बढ़ाने पर सहमति बनी।
बताया गया है कि आगे के निवेश क्रिटिकल मिनरल्स, सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और ऊर्जा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों पर केंद्रित होंगे—ताकि दोनों देशों की आर्थिक मजबूती और राष्ट्रीय सुरक्षा को समान रूप से बल मिल सके।



