अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष अब 11वें दिन में पहुंच गया है। इसी बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट के जरिए होने वाली तेल आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश की, तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा ताकत के साथ जवाब देगा। ट्रम्प के मुताबिक दुश्मन के पूरी तरह खत्म होने तक सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी।
ट्रम्प ने बताया कि जंग शुरू होने के बाद से अमेरिका और इजराइल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के भीतर अब तक करीब 5 हजार से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कुछ अहम रणनीतिक ठिकानों पर अभी हमला नहीं किया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर आगे कार्रवाई की जा सके।
फ्लोरिडा के डोरल शहर में मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका और इजराइल इस युद्ध में बढ़त बना चुके हैं। उन्होंने कहा कि संभव है कि यह संघर्ष जल्द खत्म हो जाए, लेकिन फिलहाल सैन्य अभियान जारी रहेगा।
ईरान की महिला खिलाड़ियों को शरण देने की अपील
इस बीच ट्रम्प ने ऑस्ट्रेलिया से एक मानवीय अपील भी की है। उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया को ईरान की महिला फुटबॉल खिलाड़ियों को शरण देनी चाहिए, क्योंकि उन्हें अपने देश लौटने पर खतरे का सामना करना पड़ सकता है।
दरअसल ऑस्ट्रेलिया में चल रहे महिला एशियन कप के दौरान यह विवाद सामने आया। 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमले के बाद ईरानी महिला टीम ने राष्ट्रगान नहीं गाया था। इसे सरकार के खिलाफ विरोध के तौर पर देखा गया और ईरानी मीडिया में खिलाड़ियों को देशद्रोही बताया गया।
ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा कि अगर इन खिलाड़ियों को ईरान वापस भेजा गया तो उन्हें कड़ी सजा या जान का खतरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि अगर ऑस्ट्रेलिया उन्हें शरण देने के लिए तैयार नहीं होता, तो अमेरिका इन खिलाड़ियों को आश्रय देने के लिए तैयार है।




