हरियाणा में 14 दिन पहले हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़े गए संदीप और गुरविंदर को कुरुक्षेत्र में पुलिस स्टेशन उड़ाने के एक लाख रुपए में डील की थी। इसमें 24 हजार रुपए उनको एडवांस मिल चुके थे। हालांकि उनको भरोसा दिया गया था कि काम पूरा होने पर अच्छा इनाम भी दिया जाएगा। इससे पहले गुरविंदर उर्फ गग्गू (19) निवासी शशा गुजरान और संदीप (22) हाल निवासी जिला पटियाला कोई वारदात करते CIA-2 ने 7 अक्टूबर को नेशनल हाईवे-152 D के पास गांव मुर्तजापुर रकबे से बाइक समेत पकड़ लिया। इस मामले में पुलिस अब तक उनके 2 और साथी कैथल के सिंही गांव सुरेश कुमार और पटियाला के विशु को गिरफ्तार कर चुकी है। कुलबीर सिद्धू का प्लान यमुनानगर के कुलबीर सिद्धू ने इंग्लैंड में बैठकर पुलिस स्टेशन को उड़ाने का प्लान बनाया था। इस प्लान को कामयाब बनाने के लिए उसने अमेरिका में अपने दूसरे साथी साहिल उर्फ शैली से मदद मांगी। उसने अपने नेटवर्क के जरिए प्लान को कामयाब करने की कोशिश की। इस केस में उसके तीसरे साथी मनीष उर्फ काका राणा का नाम भी सामने आ रहा है। सिद्धू-साहिल पर भी केस कुरुक्षेत्र पुलिस ने ग्रेनेड के साथ पकड़े गए आरोपी गुरविंदर व संदीप के साथ कुलबीर सिद्धू और साहिल को भी आरोपी बनाया है। हालांकि दोनों फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी है। जालंधर में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर भी इस गैंग ने हैंड ग्रेनेड से हमला करवाया था। गैंगस्टर के संपर्क में थे दोनों गुरविंदर और संदीप अपने विदेशी आका कुलबीर सिद्धू और शैली के संपर्क में थे। उन्हीं के इशारे पर दोनों ग्रेनेड लेकर कुरुक्षेत्र जा रहे थे। हालांकि ग्रेनेड किस पुलिस स्टेशन पर और किस समय फेंकना था, उसकी जानकारी उनको नहीं मिली थी। उनकी मंशा ज्यादा से नुकसान करने की थी। ग्रेनेड लेने संदीप के साथ गया विशु CIA-2 के इंचार्ज मोहन लाल ने बताया कि विशु और संदीप आपस में दोस्त है। ग्रेनेड लेने के लिए संदीप के साथ विशु उसकी बाइक पर गया था। ग्रेनेड उठाने के लिए दोनों पठानकोट के पास गए थे। संदीप, गुरविंद्र और विशु ग्रेनेड रखने वाले को नहीं जानते हैं। उनके पास ग्रेनेड उठाने के लिए गैंगस्टर से कॉल आई थी। इसके लिए उनको गैंगस्टर ने उनके पास ग्रेनेड का फोटो और लोकेशन भेजा था। बियो ने देना था वेपन इस मामले में पुलिस ने 13 अक्टूबर 25 आरोपी सुरेश कुमार उर्फ बियो को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से देसी पिस्टल व 4 कारतूस बरामद हुए थे। मामले की जांच में पता चला कि आरोपी सुरेश कुमार का काम गुरविंदर और संदीप को वेपन मुहैया करवाना था, लेकिन उससे पहले दोनों आरोपी पकड़ लिए गए थे। हरियाणा में 14 दिन पहले हैंड ग्रेनेड के साथ पकड़े गए संदीप और गुरविंदर को कुरुक्षेत्र में पुलिस स्टेशन उड़ाने के एक लाख रुपए में डील की थी। इसमें 24 हजार रुपए उनको एडवांस मिल चुके थे। हालांकि उनको भरोसा दिया गया था कि काम पूरा होने पर अच्छा इनाम भी दिया जाएगा। इससे पहले गुरविंदर उर्फ गग्गू (19) निवासी शशा गुजरान और संदीप (22) हाल निवासी जिला पटियाला कोई वारदात करते CIA-2 ने 7 अक्टूबर को नेशनल हाईवे-152 D के पास गांव मुर्तजापुर रकबे से बाइक समेत पकड़ लिया। इस मामले में पुलिस अब तक उनके 2 और साथी कैथल के सिंही गांव सुरेश कुमार और पटियाला के विशु को गिरफ्तार कर चुकी है। कुलबीर सिद्धू का प्लान यमुनानगर के कुलबीर सिद्धू ने इंग्लैंड में बैठकर पुलिस स्टेशन को उड़ाने का प्लान बनाया था। इस प्लान को कामयाब बनाने के लिए उसने अमेरिका में अपने दूसरे साथी साहिल उर्फ शैली से मदद मांगी। उसने अपने नेटवर्क के जरिए प्लान को कामयाब करने की कोशिश की। इस केस में उसके तीसरे साथी मनीष उर्फ काका राणा का नाम भी सामने आ रहा है। सिद्धू-साहिल पर भी केस कुरुक्षेत्र पुलिस ने ग्रेनेड के साथ पकड़े गए आरोपी गुरविंदर व संदीप के साथ कुलबीर सिद्धू और साहिल को भी आरोपी बनाया है। हालांकि दोनों फरार चल रहे हैं, जिनकी गिरफ्तारी पर इनाम भी है। जालंधर में भाजपा नेता मनोरंजन कालिया के घर पर भी इस गैंग ने हैंड ग्रेनेड से हमला करवाया था। गैंगस्टर के संपर्क में थे दोनों गुरविंदर और संदीप अपने विदेशी आका कुलबीर सिद्धू और शैली के संपर्क में थे। उन्हीं के इशारे पर दोनों ग्रेनेड लेकर कुरुक्षेत्र जा रहे थे। हालांकि ग्रेनेड किस पुलिस स्टेशन पर और किस समय फेंकना था, उसकी जानकारी उनको नहीं मिली थी। उनकी मंशा ज्यादा से नुकसान करने की थी। ग्रेनेड लेने संदीप के साथ गया विशु CIA-2 के इंचार्ज मोहन लाल ने बताया कि विशु और संदीप आपस में दोस्त है। ग्रेनेड लेने के लिए संदीप के साथ विशु उसकी बाइक पर गया था। ग्रेनेड उठाने के लिए दोनों पठानकोट के पास गए थे। संदीप, गुरविंद्र और विशु ग्रेनेड रखने वाले को नहीं जानते हैं। उनके पास ग्रेनेड उठाने के लिए गैंगस्टर से कॉल आई थी। इसके लिए उनको गैंगस्टर ने उनके पास ग्रेनेड का फोटो और लोकेशन भेजा था। बियो ने देना था वेपन इस मामले में पुलिस ने 13 अक्टूबर 25 आरोपी सुरेश कुमार उर्फ बियो को गिरफ्तार किया था। आरोपी के कब्जे से देसी पिस्टल व 4 कारतूस बरामद हुए थे। मामले की जांच में पता चला कि आरोपी सुरेश कुमार का काम गुरविंदर और संदीप को वेपन मुहैया करवाना था, लेकिन उससे पहले दोनों आरोपी पकड़ लिए गए थे। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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MITS कंपनी के सीईओ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले हैं। मुजफ्फरनगर में ही वह एक मेडिकल स्टोर चलाते थे। 2002 में काम में गिरावट आ गई और दिवालिया होने की कगार पर आ गए। तब उनके सिर पर करोड़ों रुपए का कर्ज था। इसके बाद 2015 में वह चंडीगढ़ आ गए। वहां फार्मास्युटीकल कंपनी शुरू की। अब उनकी 12 कंपनियां चल रही है। कारें देने का सपना साकार हुआ, अब पार्किंग की समस्या
एम के भाटिया कहते हैं कि उनके ऑफिस पंचकुला और चंडीगढ़ में है। पहले गाड़ियां कंपनी के नाम पर लेते थे, मगर अब सीधे एम्पलाई के नाम पर ही लेते हैं। अभी तक 100 से ज्यादा कर्मचारियों को गाड़ियां दे चुके हैं। अब ऑफिस के पास पार्किंग की समस्या होने लगी है। अब इसके लिए भी काम किया जा रहा है।
