ब्रिटेन की राजनीति एक बार फिर उथल-पुथल में है। वॉशिंगटन में ब्रिटेन के पूर्व राजदूत पीटर मैंडेलसन और कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन के रिश्तों से जुड़े नए खुलासों ने प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की सरकार को कटघरे में ला खड़ा किया है। पहले माफी, फिर नरमी—और अब सख्त रुख। स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि वे पद नहीं छोड़ेंगे और इस संकट का सामना करेंगे।
पहले पछतावा, अब संघर्ष का ऐलान
एपस्टीन विवाद सामने आने के बाद स्टार्मर ने पीड़ितों से माफी मांगी थी और अपनी ही पार्टी के सांसदों से समय देने की अपील की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि मौजूदा कार्यकाल में डेढ़ साल बचे हैं, इसलिए सरकार को काम पूरा करने दिया जाए। लेकिन अब उनका रुख बदला हुआ है—प्रधानमंत्री ने ऐलान किया है कि वे आखिरी दम तक लड़ेंगे।
लेबर पार्टी के भीतर बढ़ा असंतोष
हालांकि स्टार्मर का नाम किसी यौन आरोप में नहीं है और एपस्टीन से उनकी कोई मुलाकात भी नहीं हुई, फिर भी 2024 में पीटर मैंडेलसन को उच्च राजनयिक पद पर नियुक्त करने का फैसला उनकी परेशानी की जड़ बना। लेबर पार्टी के कई सांसदों का कहना है कि एपस्टीन से जुड़े व्यक्ति को अहम जिम्मेदारी देना गंभीर भूल थी, और इसी वजह से इस्तीफे की मांग उठी।
डाउनिंग स्ट्रीट में फेरबदल
विवाद के बीच प्रधानमंत्री कार्यालय में बड़े बदलाव भी हुए। स्टार्मर के चीफ ऑफ स्टाफ और संचार निदेशक ने इस्तीफा दे दिया। स्कॉटलैंड में लेबर नेता अनस सरवर ने भी माना कि नेतृत्व स्तर पर गलतियां हुई हैं और सुधार जरूरी है। इसके बावजूद स्टार्मर अपने फैसले पर अडिग दिखे।
बंद कमरे में समर्थन जुटाया
संसद में लेबर सांसदों की बैठक में स्टार्मर ने आत्मविश्वासी भाषण दिया—“मैंने हर संघर्ष में जीत हासिल की है और अपने जनादेश से पीछे नहीं हटूंगा।” इस संबोधन के बाद कई वरिष्ठ नेताओं ने, जिनमें संभावित प्रतिद्वंद्वी भी शामिल थे, सार्वजनिक रूप से उनका साथ दिया। उप प्रधानमंत्री डेविड लैमी और विदेश सचिव यवेट कूपर ने भी सोशल मीडिया पर समर्थन जताया।
मैंडेलसन पर शिकंजा, जांच जारी
मैंडेलसन को पहले ही पद से हटाया जा चुका है। अब पुलिस उनके खिलाफ सार्वजनिक पद पर रहते हुए संभावित कदाचार की जांच कर रही है। आरोप है कि उन्होंने वर्षों पहले एपस्टीन को संवेदनशील सरकारी जानकारी दी थी। हालांकि उन पर अब तक कोई यौन अपराध का आरोप नहीं लगाया गया है और न ही गिरफ्तारी हुई है।
दस्तावेज़ों का वादा, पर वक्त लगेगा
प्रधानमंत्री ने मैंडेलसन की नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज़ सार्वजनिक करने का भरोसा दिलाया है। सरकार का कहना है कि इससे साफ होगा कि मैंडेलसन ने अपने रिश्तों को लेकर अधिकारियों को गुमराह किया था। मगर राष्ट्रीय सुरक्षा और चल रही जांच के कारण इनके जारी होने में समय लग सकता है।
विपक्ष का हमला तेज
कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बैडेनोच ने स्टार्मर पर गलत फैसलों की झड़ी लगाने का आरोप लगाया और कहा कि उनकी स्थिति डगमगा चुकी है। जनमत सर्वेक्षणों में लेबर पार्टी के रिफॉर्म यूके से पीछे चलने के बीच विपक्ष इस्तीफे की मांग तेज कर रहा है।
नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें
ब्रिटेन की संसदीय व्यवस्था में बिना आम चुनाव के भी प्रधानमंत्री बदला जा सकता है। यदि स्टार्मर पर चुनौती बढ़ती है, तो लेबर पार्टी के भीतर नेतृत्व चुनाव संभव है। हालांकि पार्टी के कई सांसद चेतावनी दे रहे हैं कि बार-बार नेतृत्व बदलने से राजनीतिक अस्थिरता ही बढ़ेगी।
फिलहाल संदेश साफ
घोटालों, इस्तीफों और दबाव के बीच स्टार्मर का संदेश स्पष्ट है—वे पद नहीं छोड़ेंगे। अब नजर इस पर है कि दस्तावेज़ों के खुलासे और जांच का रुख उनकी सरकार को राहत देता है या संकट और गहरा करता है।



