पंजाब के जालंधर शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में देश के सबसे बड़े कॉमेडियन कपिल शर्मा को पराठे खिलाने वाले मशहूर हार्ट अटैक पराठे वाले ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मालिक बीर दविंदर सिंह ने दावा किया है कि स्थानीय पुलिस उनके साथ लगातार मारपीट, गाली-गलौज और उत्पीड़न कर रही है। दविंदर सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा कि पुलिस देर रात उनकी दुकान पर पहुंची और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी वक्त मरवाया जा सकता है, क्योंकि पुलिस रोजाना उन्हें परेशान करने आ जाती है। दविंदर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से न्याय की मांग करते हुए कहा कि वह अब पूरी तरह हिम्मत हार चुके हैं। 60 साल की अमृतधारी मार से की गाली गलोच बीर दविंदर ने कहा कि दिवाली की रात भी पुलिस की गाड़ियां उनकी दुकान के बाहर आईं और उनकी 60 साल की अमृतधारी मां के साथ बदसलूकी और गाली-गलोच की गई। दविंदर ने कहा कि मैं यूथ के लिए काम कर रहा हूं, रोजगार पैदा कर रहा हूं, लेकिन पुलिस मुझे काम नहीं करने दे रही। हर दिन आकर धमकाया जाता है और दुकान बंद करवाने की कोशिश होती है। देर रात खुली पराठे की कार्ट बंद करने पर शुरू हुआ विवाद दविंदर सिंह ने अपने आरोपों के समर्थन में दो वीडियो क्लिप्स भी साझा किए हैं। वीडियो में वह पुलिसकर्मियों के साथ बहस करते और गुस्से में अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दिवाली की रात मौके पर पहुंची पुलिस ने उनके साथ मारपीट और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, हार्ट अटैक पराठे वाले की दुकान देर रात तक खुली रहती है, जिससे पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच विवाद बना हुआ है। मामला फिलहाल जांच के अधीन है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो जालंधर के मॉडल टाउन में वीर दविंदर सिंह नामक युवक ने कुछ अर्सा पहले रात के समय देसी घी वाले परांठे बनाने शुरू किए। धीरे-धीरे उसके परांठे लोगों को इतने पसंद आने लगे कि रात के समय भारी संख्या में लोग उसके पास जुटने लगे। उसके परांठों के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिसके बाद पंजाब में उसे हार्ट अटैक वाले परांठे बनाने वाले के नाम से जाना जाने लगा। वीर दविंदर इससे पहले जालंधर के मॉडल टाउन में ही एक रेस्टोरेंट में काम करता था। फिर उसने अपना काम शुरू कर दिया। एक फूड ब्लॉगर ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला जो वायरल हो गया। इसके बाद वह पूरे शहर में मशहूर हो गया। कॉमेडियन कपिल शर्मा पराठे खाने आए थे वीर दविंदर सिंह जालंधर के मॉडल टाउन में पराठे का काउंटर लगाता था। 29 दिसंबर 2023 की रात पराठे खाने के लिए कॉमेडियन कपिल शर्मा अपने परिवार के साथ आए थे। दविंदर ने आरोप लगाया है कि जालंधर पुलिस के थाना-6 के SHO अजायब सिंह औजला (अभी भी वही हैं) और उनके साथ करीब 20-22 मुलाजिम उनके काउंटर पर आ गए। पुलिस ने उन्हें अपने साथ लिया और थाने ले आई थी। दविंदर ने दावा किया था कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई थी। पुलिस ने क्या कहा? डीएसपी पंकज शर्मा ने कहा कि पराठे वाले का आरोप है कि पुलिस मुलाजिम द्वारा बदतमीजी की गई है। वहीं, पुलिस मुलाजिम ने कहा है कि वो अपनी ड्यूटी कर रहा था। फिलहाल मामला जांच के अधीन है, जांच के बाद तथ्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। पंजाब के जालंधर शहर के पॉश इलाके मॉडल टाउन में देश के सबसे बड़े कॉमेडियन कपिल शर्मा को पराठे खिलाने वाले मशहूर हार्ट अटैक पराठे वाले ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मालिक बीर दविंदर सिंह ने दावा किया है कि स्थानीय पुलिस उनके साथ लगातार मारपीट, गाली-गलौज और उत्पीड़न कर रही है। दविंदर सिंह ने एक वीडियो जारी कर कहा कि पुलिस देर रात उनकी दुकान पर पहुंची और उनके साथ धक्का-मुक्की की गई। उन्होंने कहा कि उन्हें किसी भी वक्त मरवाया जा सकता है, क्योंकि पुलिस रोजाना उन्हें परेशान करने आ जाती है। दविंदर ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से न्याय की मांग करते हुए कहा कि वह अब पूरी तरह हिम्मत हार चुके हैं। 60 साल की अमृतधारी मार से की गाली गलोच बीर दविंदर ने कहा कि दिवाली की रात भी पुलिस की गाड़ियां उनकी दुकान के बाहर आईं और उनकी 60 साल की अमृतधारी मां के साथ बदसलूकी और गाली-गलोच की गई। दविंदर ने कहा कि मैं यूथ के लिए काम कर रहा हूं, रोजगार पैदा कर रहा हूं, लेकिन पुलिस मुझे काम नहीं करने दे रही। हर दिन आकर धमकाया जाता है और दुकान बंद करवाने की कोशिश होती है। देर रात खुली पराठे की कार्ट बंद करने पर शुरू हुआ विवाद दविंदर सिंह ने अपने आरोपों के समर्थन में दो वीडियो क्लिप्स भी साझा किए हैं। वीडियो में वह पुलिसकर्मियों के साथ बहस करते और गुस्से में अपनी बात रखते नजर आ रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि दिवाली की रात मौके पर पहुंची पुलिस ने उनके साथ मारपीट और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, हार्ट अटैक पराठे वाले की दुकान देर रात तक खुली रहती है, जिससे पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच विवाद बना हुआ है। मामला फिलहाल जांच के अधीन है। सोशल मीडिया पर वायरल हुए कई वीडियो जालंधर के मॉडल टाउन में वीर दविंदर सिंह नामक युवक ने कुछ अर्सा पहले रात के समय देसी घी वाले परांठे बनाने शुरू किए। धीरे-धीरे उसके परांठे लोगों को इतने पसंद आने लगे कि रात के समय भारी संख्या में लोग उसके पास जुटने लगे। उसके परांठों के कुछ वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए जिसके बाद पंजाब में उसे हार्ट अटैक वाले परांठे बनाने वाले के नाम से जाना जाने लगा। वीर दविंदर इससे पहले जालंधर के मॉडल टाउन में ही एक रेस्टोरेंट में काम करता था। फिर उसने अपना काम शुरू कर दिया। एक फूड ब्लॉगर ने उसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाला जो वायरल हो गया। इसके बाद वह पूरे शहर में मशहूर हो गया। कॉमेडियन कपिल शर्मा पराठे खाने आए थे वीर दविंदर सिंह जालंधर के मॉडल टाउन में पराठे का काउंटर लगाता था। 29 दिसंबर 2023 की रात पराठे खाने के लिए कॉमेडियन कपिल शर्मा अपने परिवार के साथ आए थे। दविंदर ने आरोप लगाया है कि जालंधर पुलिस के थाना-6 के SHO अजायब सिंह औजला (अभी भी वही हैं) और उनके साथ करीब 20-22 मुलाजिम उनके काउंटर पर आ गए। पुलिस ने उन्हें अपने साथ लिया और थाने ले आई थी। दविंदर ने दावा किया था कि थाने में उनके साथ मारपीट की गई थी। पुलिस ने क्या कहा? डीएसपी पंकज शर्मा ने कहा कि पराठे वाले का आरोप है कि पुलिस मुलाजिम द्वारा बदतमीजी की गई है। वहीं, पुलिस मुलाजिम ने कहा है कि वो अपनी ड्यूटी कर रहा था। फिलहाल मामला जांच के अधीन है, जांच के बाद तथ्यों के आधार पर मामले में कार्रवाई की जाएगी। पंजाब | दैनिक भास्कर
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पंजाब का ऐसा गांव, जहां भैंसों ने बदली दिवाली परंपरा:200 साल से देश से अलग दूसरे दिन सेलिब्रेशन; 2 साइंस रिसर्च इंस्टीट्यूट से है पहचान पंजाब के मोहाली जिले का एक गांव ऐसा भी है, जहां दीपावली पूरे देश से अलग दिन मनाई जाती है। इस गांव का नाम है, चिल्ला गांव। यहां हमेशा से परंपरा रही है कि गांव में दिवाली अगले दिन मनाई जाएगी, जबकि सारा देश एक दिन पहले सेलिब्रेशन कर चुका होता है। यह रिवाज करीब 200 वर्षों से चला आ रहा है, जिसके पीछे भैंसों से जुड़ी कहानी मानी जाती है। हालांकि, इस परंपरा कोई उल्लेख किसी किताब या धार्मिक ग्रंथ में नहीं मिलता, फिर भी लोग अपने बुजुर्गों द्वारा शुरू की गई इस परंपरा को बिना कोई सवाल उठाए निभा रहे हैं। इस साल गांव में दिवाली 21 अक्टूबर को मनाई जाएगी, जबकि देश में यह फेस्टीवल 20 अक्टूबर को सेलिब्रेट होगा। 20 अक्टूबर की रात ग्रामीण घरों में छोटी दीपमाला करेंगे और रिश्तेदारों से मिलेंगे, जबकि मुख्य उत्सव अगले दिन पूरे गांव में होगा। इस अवसर पर गांव में मेला भी आयोजित किया जाएगा। खास बात यह है कि इस गांव में 2 नेशनल लेवल के इंस्टीट्यूट है और यहां के कई लोग विदेशों में भी बसे हैं, इसके बावजूद इस परंपरा में बदलाव नहीं आया है। देश से अलग क्यों होता है दीपावली सेलिब्रेशन, ग्रामीणों की जुबानी जानिए… 200 साल पहले खो गई थी भैंसे, ढूंढने में निकल गई रात
गांव के पूर्व सरपंच अजैब सिंह, जिनकी उम्र 81 साल है। वे बताते हैं कि उनके बचपन से ही गांव में दिवाली एक दिन बाद मनाई जाती है। वे कहते हैं कि बुजुर्गों के अनुसार करीब 200 साल पहले दिवाली वाले दिन गांव की भैंसे खो गई थी। उस दिन पूरे गांव के लोग भैंसों को तलाशते रहे। जब तक पशु मिले, दिवाली वाली रात निकल गई थी और घरों में लक्ष्मी पूजन नहीं हो पाया। तब से ही गांव में दिवाली अगले दिन मनाने की परंपरा शुरू हो गई। गांव बना एजुकेशन सिटी, सभी लोग शिक्षित
प्रोफेसर जगतार सिंह बताते हैं कि गांव की आबादी करीब साढ़े 500 के आसपास है। यह गांव मोहाली के सेक्टर 80-81 क्षेत्र में आता है। उन्होंने बताया कि चिल्ला गांव आज आधुनिक और शिक्षित गांवों में गिना जाता है। यहां एजुकेशन सिटी है, जिसके एक ओर नैनो टेक्नोलॉजी संस्थान और दूसरी ओर इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (IISER) स्थित है। इंडियन स्कूल ऑफ बिजनेस (ISB) भी गांव में है। इसके बावजूद लोग पुरानी परंपराओं को पूरी निष्ठा के साथ निभाते हैं। जो लोग गांव से बाहर बस चुके हैं, वे भी इस दिन विशेष रूप से गांव लौटकर दिवाली का उत्सव मनाते हैं। रिवाज कब शुरू हुआ, इसका किसी को पता नहीं
गांव के ही गुरचरण सिंह का कहना है कि जब से उन्होंने होश संभाला है, तब से पूरे भारत में दिवाली जिस दिन मनाई जाती है, उसके अगले दिन चिल्ला गांव में दिवाली मनाई जाती है। यह परंपरा कब और किसने शुरू की, यह किसी को नहीं पता, लेकिन आज भी पूरा गांव इसे श्रद्धा और एकजुटता से निभा रहा है। गांव के लोग विदेश तक बसे, फिर भी निभाते है परंपरा
वहीं, गांव के गगनदीप बताते हैं कि चिल्ला मोहाली के सबसे विकसित गांवों में से एक है। यहां देश के दो बड़े साइंस और रिसर्च संस्थान हैं, साथ ही इंडियन बिजनेस स्कूल भी है। गांव हवाई अड्डे के पास स्थित है। करमजीत सिंह के अनुसार, गांव के लगभग सभी लोग शिक्षित हैं। कई लोग नौकरीपेशा हैं, कई व्यवसायी हैं और कई विदेशों में भी बसे हैं। इसके बावजूद सभी लोग गांव की इस परंपरा का पूरी श्रद्धा से पालन करते हैं। गुरुद्वारा साहिब और खेड़े पर माथा टेकते हैं। PHOTOS में देखिए गांव चिल्ला की आधुनिकता… —————————–
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