क्या जेवर का संबंध रामायण और महाभारत से है? जानिए एयरपोर्ट उद्घाटन के साथ जुड़ी इसकी दिलचस्प कहानी

क्या जेवर का संबंध रामायण और महाभारत से है? जानिए एयरपोर्ट उद्घाटन के साथ जुड़ी इसकी दिलचस्प कहानी

उत्तर प्रदेश के जेवर में बने Noida International Airport का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया। यह देश की सबसे बड़ी इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है और इसके शुरू होने से दिल्ली-एनसीआर के एयर ट्रैफिक पर बड़ा असर पड़ेगा। हालांकि आम यात्रियों के लिए उड़ान सेवाएं शुरू होने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन उम्मीद है कि मई-जून तक घरेलू और उसके बाद अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शुरू हो जाएंगी।

जेवर, जो कभी एक छोटा सा कस्बा हुआ करता था, अब इस एयरपोर्ट के कारण तेजी से वैश्विक पहचान हासिल कर रहा है। यह Gautam Buddh Nagar जिले की एक तहसील है और पहले बुलंदशहर का हिस्सा हुआ करता था। 1997 में जिले के पुनर्गठन के बाद इसे गौतमबुद्ध नगर में शामिल किया गया। 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की आबादी करीब 32 हजार थी, जो अब निश्चित रूप से बढ़ चुकी है।

‘जेवर’ नाम को लेकर भी लोगों में काफी जिज्ञासा है। हिंदी में जेवर का मतलब आभूषण या गहना होता है, इसलिए माना जाता है कि इस क्षेत्र का संबंध कभी गहनों के व्यापार से रहा होगा। हालांकि इस दावे के समर्थन में कोई ठोस ऐतिहासिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। कुछ जानकार यह भी मानते हैं कि समय के साथ किसी पुराने शब्द का रूप बदलकर ‘जेवर’ बन गया, लेकिन इस पर भी कोई स्पष्ट दस्तावेज नहीं मिलता।

पौराणिक दृष्टि से देखा जाए तो Ramayana या Ramcharitmanas में जेवर का सीधा उल्लेख नहीं मिलता। इसके बावजूद स्थानीय मान्यताओं में इस पूरे क्षेत्र को त्रेतायुग से जोड़कर देखा जाता है। पास के बिसरख गांव को Ravana के पिता Vishrava की जन्मभूमि माना जाता है, जो इस इलाके की पौराणिक पहचान को दर्शाता है।

इतना ही नहीं, Mahabharata काल से जुड़ी मान्यताएं भी यहां प्रचलित हैं। दनकौर क्षेत्र को Dronacharya के आश्रम से जोड़ा जाता है, जहां Pandavas और कौरवों ने शिक्षा प्राप्त की थी। साथ ही Ekalavya का संबंध भी इसी क्षेत्र से जोड़ा जाता है। हालांकि ये सभी बातें लोक परंपराओं पर आधारित हैं, न कि प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य।

इस तरह जेवर एक ऐसा स्थान बनकर उभर रहा है, जहां एक ओर पौराणिक मान्यताओं की गूंज सुनाई देती है और दूसरी ओर आधुनिक विकास की तेज रफ्तार दिखाई देती है। Noida International Airport के शुरू होने के बाद यह इलाका न सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश के लिए आर्थिक और औद्योगिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनने की ओर बढ़ रहा है।