भारत में वाहन सड़क के बाईं ओर चलते हैं, जबकि कई देशों में दाईं ओर ड्राइविंग होती है। इसकी जड़ें ब्रिटिश शासन से जुड़ी हैं। यूनाइटेड किंगडम में पहले से लेफ्ट साइड ड्राइविंग प्रचलित थी, जिसे औपनिवेशिक दौर में भारत में लागू किया गया।
आजादी के बाद क्यों नहीं बदला नियम?
1947 के बाद नियम बदलना महंगा और जटिल होता। सड़कों, साइन बोर्ड, वाहनों की बनावट और ड्राइवरों की ट्रेनिंग—सब कुछ बदलना पड़ता। इसलिए मौजूदा व्यवस्था जारी रखी गई।
इस नियम को कानूनी आधार Motor Vehicles Act के तहत मिला हुआ है।
पड़ोसी देशों से तालमेल
नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान भी बाईं ओर ड्राइविंग अपनाते हैं, जिससे क्षेत्रीय समन्वय बना रहता है।
निष्कर्ष: भारत में लेफ्ट साइड ड्राइविंग इतिहास, कानून और व्यावहारिक जरूरतों का नतीजा है।




