भारतीय संगीत जगत की स्वर कोकिला Lata Mangeshkar का नाम आज भी सम्मान और श्रद्धा के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने लंबे करियर में अनगिनत सुपरहिट गीत गाकर लोगों के दिलों में खास जगह बनाई। लेकिन उनके जीवन से जुड़े कुछ ऐसे किस्से भी हैं, जो कम ही लोग जानते हैं। इन्हीं में से एक दिलचस्प घटना फिल्म Satyam Shivam Sundaram से जुड़ी हुई है।
दरअसल, इस फिल्म को बनाने वाले दिग्गज फिल्मकार Raj Kapoor शुरुआत में ‘रूपा’ के किरदार के लिए लता मंगेशकर को लेना चाहते थे। फिल्म की कहानी एक ऐसी लड़की के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी आवाज बेहद सुरीली होती है, लेकिन उसकी सूरत साधारण होती है। इस किरदार के लिए राज कपूर को लगा कि लता जी बिल्कुल फिट बैठेंगी। यही वजह थी कि उन्होंने उन्हें अभिनय का प्रस्ताव दिया, जिसमें उनके अपोजिट Shashi Kapoor को कास्ट करने की योजना थी।
मगर बात उस समय बिगड़ गई, जब राज कपूर ने फिल्म के विचार को समझाते हुए एक ऐसा उदाहरण दे दिया, जिसने लता मंगेशकर को ठेस पहुंचाई। उन्होंने यह कहा कि कभी-कभी बेहद खूबसूरत आवाज किसी साधारण या कम आकर्षक दिखने वाली महिला की होती है, और इसी सोच ने उन्हें यह फिल्म बनाने की प्रेरणा दी। यह टिप्पणी भले ही उनके नजरिए का हिस्सा रही हो, लेकिन लता जी को यह बात व्यक्तिगत रूप से चुभ गई।
जब यह बात उनके कानों तक पहुंची, तो वह काफी नाराज हो गईं। उन्होंने तुरंत इस फिल्म में अभिनय करने से मना कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने गाने के लिए भी हामी नहीं भरी और इस प्रोजेक्ट से पूरी तरह दूरी बना ली। हालांकि, बाद में राज कपूर और संगीतकारों के काफी समझाने पर लता मंगेशकर ने फिल्म का टाइटल ट्रैक गाने के लिए सहमति दी। उनके द्वारा गाया गया यह गीत आज भी बेहद लोकप्रिय है और फिल्म की पहचान बन चुका है।
लता जी के इनकार के बाद ‘रूपा’ का किरदार Zeenat Aman को ऑफर किया गया। जीनत अमान ने इस रोल को अपने अंदाज में निभाया और फिल्म में उनके बोल्ड और अलग रूप ने काफी सुर्खियां बटोरीं। 1978 में रिलीज हुई सत्यम शिवम सुंदरम उस दौर की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल रही। इसकी कहानी, संगीत और किरदारों ने इसे एक क्लासिक का दर्जा दिलाया, जिसे आज भी दर्शक बड़े चाव से याद करते हैं।




