हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के परवाणू टोल बैरियर पर आज सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। अंबाला से शिमला जा रही एक कार में अचानक आग लगने से बैरियर के तीन कलेक्शन बूथ जलकर राख हो गए है। गनीमत यह रही कि घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के एंट्री पॉइंट पर परवाणू टोल बैरियर पर जब कार पहुंची तो उसमें से धुआं निकल रहा था। पीछे से आ रहे लोगों ने कार ड्राइवर को कहा कि आपकी गाड़ी से धुआं निकल रहा है। टोल कर्मी बोले- पहले पर्ची कटवाओ, फिर साइड लगाना ऐसे में कार ड्राइवर ने टोल कर्मियों से गाड़ी को साइड लगाने की बात कही जिस पर टोल कर्मियों ने उसे पहले पर्ची कटवाने को कहा कि आप पहले पर्ची कटवा दो फिर साइड में लगा लें। कार चालक पर्ची कटवाने लगा और इतनी देर में कार में आग तेजी से भड़क गई , कार में स्पार्किंग के धमाके हुए आग ने देखते ही देखते बैरियर के तीनों कलेक्शन बूथों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में कार और तीनों कलेक्शन बूथ पूरी तरह जलकर राख हो गए। गाड़ी और टोल बैरियर जले उधर SHO परवाणू प्रताप ठाकुर ने बताया कि रविवार सुबह घटना पेश आई है। उन्होंने बताया कि की घटना में कोई जानी नुकसान नहीं है, हालांकि गाड़ी और टोल बैरियर का जलने से नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टोल बैरियर पर नहीं थे आग बुझाने के पुख्ता इतंजाम इस घटना के बाद बड़ा खुलासा यह हुआ कि टोल बैरियर पर रेत, पानी या अग्निशामक यंत्र जैसे सुरक्षा इंतजामों का अभाव था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो नुकसान को काम किया जा सकता था। हालांकि, घटना की सूचना तुरन्त दमकल केंद्र को दी गई, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के परवाणू टोल बैरियर पर आज सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। अंबाला से शिमला जा रही एक कार में अचानक आग लगने से बैरियर के तीन कलेक्शन बूथ जलकर राख हो गए है। गनीमत यह रही कि घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के एंट्री पॉइंट पर परवाणू टोल बैरियर पर जब कार पहुंची तो उसमें से धुआं निकल रहा था। पीछे से आ रहे लोगों ने कार ड्राइवर को कहा कि आपकी गाड़ी से धुआं निकल रहा है। टोल कर्मी बोले- पहले पर्ची कटवाओ, फिर साइड लगाना ऐसे में कार ड्राइवर ने टोल कर्मियों से गाड़ी को साइड लगाने की बात कही जिस पर टोल कर्मियों ने उसे पहले पर्ची कटवाने को कहा कि आप पहले पर्ची कटवा दो फिर साइड में लगा लें। कार चालक पर्ची कटवाने लगा और इतनी देर में कार में आग तेजी से भड़क गई , कार में स्पार्किंग के धमाके हुए आग ने देखते ही देखते बैरियर के तीनों कलेक्शन बूथों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में कार और तीनों कलेक्शन बूथ पूरी तरह जलकर राख हो गए। गाड़ी और टोल बैरियर जले उधर SHO परवाणू प्रताप ठाकुर ने बताया कि रविवार सुबह घटना पेश आई है। उन्होंने बताया कि की घटना में कोई जानी नुकसान नहीं है, हालांकि गाड़ी और टोल बैरियर का जलने से नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टोल बैरियर पर नहीं थे आग बुझाने के पुख्ता इतंजाम इस घटना के बाद बड़ा खुलासा यह हुआ कि टोल बैरियर पर रेत, पानी या अग्निशामक यंत्र जैसे सुरक्षा इंतजामों का अभाव था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो नुकसान को काम किया जा सकता था। हालांकि, घटना की सूचना तुरन्त दमकल केंद्र को दी गई, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
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हिमाचल के DC नहीं मानते हाईकोर्ट-सरकार के ऑर्डर:पंचायतों में नहीं लगाया रिजर्वेशन रोस्टर; 25 सितंबर तक लगाना था, इलेक्शन पर संशय
हिमाचल के DC नहीं मानते हाईकोर्ट-सरकार के ऑर्डर:पंचायतों में नहीं लगाया रिजर्वेशन रोस्टर; 25 सितंबर तक लगाना था, इलेक्शन पर संशय हिमाचल सरकार और सभी जिलों के DC हाईकोर्ट के आदेशों की अवमानना कर रहे हैं। पंचायतीराज विभाग के सेक्रेटरी के आदेशों के बावजूद पंचायत चुनाव के लिए किसी भी DC ने अब तक आरक्षण रोस्टर नहीं लगाया, जबकि आरक्षण रोस्टर 25 सितंबर तक हर हाल में लगना जरूरी था। हिमाचल हाईकोर्ट ने मनीष धर्मेक बनाम स्टेट केस में साल 2020 में पंचायत और नगर निकाय चुनाव के लिए आरक्षण रोस्टर कमेंसमेंट ऑफ इलेक्शन प्रोसेस से 90 दिन पहले लगाने के आदेश दिए थे। कोर्ट ने कहा- चुनाव प्रोसेस होने से तीन महीने पहले आरक्षण रोस्टर लगाया जाए, ताकि किसी व्यक्ति को यदि आरक्षण रोस्टर पर आपत्ति है और वह उसे कोर्ट में चुनौती देना चाहता है, इससे व्यक्ति आरक्षण रोस्टर के खिलाफ अदालत में अपील कर सकेगा। कोर्ट को भी आरक्षण रोस्टर पर मिलने वाली अपील के निपटारे के लिए वक्त मिलेगा। यदि आरक्षण रोस्टर देरी से लगेगा और इधर इलेक्शन कमीशन चुनाव की तिथियां घोषित कर दी गई तो अपीलकर्ता से आरक्षण रोस्टर को चुनौती देने का अधिकार छिन जाएगा या फिर इससे इलेक्शन में देरी होगी। 25 सितंबर को लगना जरूरी थी आरक्षण रोस्टर हिमाचल में साल 2020 में पंचायतों की पहली मीटिंग 1 फरवरी 2021 को हुई। लगभग 35 दिन का वक्त चुनावी प्रक्रिया संपन्न करने में लगा। इस लिहाज से तीन महीने पहले यानी 25 सितंबर को हर हाल में आरक्षण रोस्टर लगाना जरूरी था। सेक्रेटरी पंचायतीराज ने भी 15 सितंबर को अपने आदेशों को हाईकोर्ट का जिक्र करते हुए सभी जिलों के DC को पत्र लिखा। इसमें 25 सितंबर तक प्रधान, वार्ड मेंबर, पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्य के लिए आरक्षण रोस्टर लगाने के निर्देश दिए। पंचायत सेक्रेटरी द्वारा तय तिथि से लगभग 28 दिन अधिक हो गए। मगर अब तक रोस्टर नहीं लग पाया। पंचायत में उप प्रधान ऐसा पद होता है जिसके लिए आरक्षण रोस्टर नहीं लगता। BJP बार बार सरकार को घेरती रही आरक्षण रोस्टर में देरी पर भारतीय जनता पार्टी बार बार सत्तारूढ़ कांग्रेस को घेरती रही है। बीजेपी का आरोप है कि चुनाव में हार के डर से कांग्रेस सरकार चुनाव नहीं कराना चाह रही। सीएम-मंत्री के दावे भी अब तक झूठे वहीं सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और पंचायतीराज मंत्री अनिरुद्ध सिंह भी कई बार कह चुके हैं कि चुनाव तय समय पर होंगे। मगर अब तक आरक्षण रोस्टर नहीं लगाया जा सका। इससे चुनाव समय पर होंगे, इस पर संशय बना हुआ है। अपील के निपटारे को वक्त मिलेगा मनीष धर्मेक बनाम स्टेट केस में हाईकोर्ट ने कहा- चुनाव प्रोसेस होने से तीन महीने पहले आरक्षण रोस्टर लगना चाहिए, ताकि यदि किसी व्यक्ति को आरक्षण रोस्टर पर आपत्ति है और वह उसे कोर्ट में चुनौती देना चाहता है, तो 90 दिन का वक्त होने से व्यक्ति ऐसा कर पाएगा। कोर्ट को भी आरक्षण रोस्टर पर मिलने वाली अपील के निपटारे को वक्त मिलेगा। दिसंबर-जनवरी में प्रस्तावित चुनाव हिमाचल में 3577 पंचायतें है। इनमें इसी साल दिसंबर में चुनाव होने हैं। मौजूदा प्रतिनिधियों का कार्यकाल 23 जनवरी 2026 को पूरा हो रहा है। स्टेट इलेक्शन कमीशन को 23 जनवरी से पहले चुनाव कराना संवैधानिक बाध्यता है। इलेक्शन कमीशन दिसंबर में ही वोटिंग करवाना चाह रहा है, क्योंकि जनवरी में शिमला, मंडी, लाहौल स्पीति, किन्नौर, कांगड़ा, कुल्लू और सिरमौर जिला के कई भागों में भारी बर्फबारी होती है। बर्फबारी में चुनाव करा पाना टेडी खीर साबित हो सकता है।
हिमाचल में कल और परसों बारिश-बर्फबारी:ऊंचे क्षेत्रों में बढ़ेगी ठंड, शिमला से ज्यादा ठंडी हुई मैदानी इलाकों में रातें
हिमाचल में कल और परसों बारिश-बर्फबारी:ऊंचे क्षेत्रों में बढ़ेगी ठंड, शिमला से ज्यादा ठंडी हुई मैदानी इलाकों में रातें हिमाचल प्रदेश के अधिक ऊंचे भागों में अगले कल मौसम खराब रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 21 व 22 अक्टूबर को चंबा, लाहौल स्पीति और किन्नौर जिला के कुछेक क्षेत्रों में हल्का हिमपात हो सकता है। प्रदेश के अन्य भागों में मौसम साफ रहने का पूर्वानुमान है। वहीं आज पूरे प्रदेश में धूप खिली रहेगी। मौसम विभाग के अनुसार, अधिकांश शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ज्यादा चल रहा हैं। प्रदेश का औसत अधिकतम तापमान सामान्य से 1.1 डिग्री ज्यादा और न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री अधिक चल रहा है। अगले कल अधिक ऊंचाई वाले भागों में बर्फबारी के बाद तापमान में हल्की गिरावट आएगी। शिमला से ठंडी हुई मैदानी इलाकों में रातें प्रदेश बीते तीन दिनों के दौरान शिमला की रातें गर्म और मैदानी इलाकों की रातें ठंडी हो रही है। शिमला का अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य की तुलना में 3.1 डिग्री चल रहा है। शिमला का अधिकतम 23.6 डिग्री और न्यूनतम 14 डिग्री सेल्सियस चल रहा है। इसके विपरीत ऊना, कांगड़ा, पालमपुर, मंडी, हमीरपुर और सोलन की रातें ठंडी हुई है। हमीरपुर का तापमान में सामान्य की तुलना में सबसे ज्यादा 2.1 डिग्री की गिरावट के बाद 12.4 डिग्री रह गया है। नाहन, पालमपुर, कांगड़ा, सोलन, मंडी में भी तापमान सामान्य से नीचे गिर चुका है। शिमला से ठंडे शहरों का तापमान प्रदेश के सबसे गर्म शहर माने जाने वाले ऊना का तापमान भी शिमला से कम यानी 13.6 डिग्री रह गया है। सोलन 10.4 डिग्री, पालमपुर 12, कांगड़ा 12.6, मनाली 6.8, मंडी 13.1 डिग्री, कुकुमसैरी 1.7 डिग्री और केलांग 1.2 डिग्री सेल्सियस रह गया है।
रामपुर में दिवाली पर सिर्फ 17 जगह मिलेंगे पटाखे:बिक्री के लिए 85 दुकानदारों को लाइसेंस जारी, 20 अक्टूबर तक मान्य रहेंगे
रामपुर में दिवाली पर सिर्फ 17 जगह मिलेंगे पटाखे:बिक्री के लिए 85 दुकानदारों को लाइसेंस जारी, 20 अक्टूबर तक मान्य रहेंगे रामपुर उपमंडल में दीपावली के अवसर पर जन सुरक्षा और आगजनी की घटनाओं के रोकथाम के लिए 85 अस्थायी पटाखा लाइसेंस जारी किए गए हैं। इन लाइसेंसों के तहत पटाखों की बिक्री केवल 17 अधिकृत स्थलों पर ही की जा सकेगी। ये अस्थायी लाइसेंस 20 अक्टूबर तक मान्य रहेंगे। एसडीएम रामपुर हर्ष अमरेंदर सिंह नेगी ने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के लिए विक्रेताओं को निर्धारित स्थानों पर ही बिक्री की अनुमति होगी। इन जगहों पर मिलेंगे पटाखे अधिकृत पटाखा विक्रय स्थलों में हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग स्टोर/टैरेस (चौधरी अड्डा के पास), डकोलर, नोगली, निरसु, दत्तनगर, भद्रास, निरथ, चूआबाग, खनेरी, पदम नगर, झाकड़ी बस स्टैंड, ननखरी बस स्टैंड, तकलेच बस स्टैंड, मेमोरियल मैदान ज्यूरी, बोंडा, घराट और सराहन (बस स्टैंड के पास) शामिल हैं। सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद दीपावली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए विभिन्न विभागों को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसका उद्देश्य भीड़ नियंत्रण, यातायात प्रबंधन और आपातकालीन सेवाओं की तत्परता सुनिश्चित करना है। अग्निशमन विभाग को सभी विक्रय स्थलों पर फायर टेंडर और आवश्यक उपकरण सुनिश्चित करने तथा आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है। अवैध पटाखा बिक्री पर रहेगी पुलिस की नजर पुलिस विभाग भीड़ नियंत्रण, यातायात व्यवस्था और अवैध पटाखा बिक्री की निगरानी करेगा। स्वास्थ्य विभाग नजदीकी स्वास्थ्य संस्थानों में आकस्मिक चिकित्सा सहायता दल तैनात करेगा।विद्युत विभाग सुरक्षित और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करेगा और ढीले तारों की जांच करेगा। जल शक्ति विभाग को आपात स्थिति के लिए पर्याप्त जल भंडारण बनाए रखने का निर्देश दिया गया है। वन विभाग भी अलर्ट पर वन विभाग जंगलों और ज्वलनशील क्षेत्रों के पास पटाखों के दुरुपयोग पर कड़ी निगरानी रखेगा।राजस्व विभाग लाइसेंस की शर्तों की जांच करेगा और विक्रय स्थलों पर समन्वय स्थापित करेगा। होम गार्ड्स पुलिस के साथ सुरक्षा और निगरानी में सहयोग करेंगे। नगर परिषद और ग्राम पंचायतें विक्रय स्थलों की स्वच्छता और अपशिष्ट प्रबंधन के लिए जिम्मेदार होंगी। प्रत्येक क्षेत्र में नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं, जो लाइसेंसधारी दुकानों की जांच करेंगे और अग्निशमन दल के साथ समन्वय स्थापित करेंगे।
