नए सत्र के पहले दिन सरकारी स्कूलों में व्यवस्थान संकट, छात्रों को मिले आधे-अधूरे शिक्षकों से पढ़ाई

नए सत्र के पहले दिन सरकारी स्कूलों में व्यवस्थान संकट, छात्रों को मिले आधे-अधूरे शिक्षकों से पढ़ाई

शिक्षा विभाग पंजाब के नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सरकारी स्कूलों में छात्रों और अभिभावकों के लिए पूरी तरह सकारात्मक नहीं रही। शहर के कई स्कूलों में शिक्षक बोर्ड परीक्षाओं की मार्किंग और अन्य सरकारी योजनाओं की ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण नई कक्षाओं में मौजूद नहीं थे।

पहले दिन स्कूलों में लौटे छात्रों ने अपने दोस्तों से मिलने और उत्साह दिखाने का अवसर पाया, लेकिन जैसे ही क्लास शुरू हुई, कई विद्यार्थियों को पता चला कि उनके नए शिक्षक अनुपस्थित हैं। इस स्थिति को संभालने के लिए स्कूलों ने दो-दो कक्षाओं के विद्यार्थियों को एक साथ बैठाकर ‘कंबाइन’ किया। उपलब्ध शिक्षकों ने ही सिलेबस और शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।

वहीं, नए दाखिले करवाने आए विद्यार्थियों और अभिभावकों को प्रवेश प्रक्रिया में खुशी देखने को मिली। शहर के प्राइवेट स्कूलों में भी नया सत्र शुरू हुआ। शास्त्री नगर स्थित बी.सी.एम. आर्य स्कूल में प्रिंसिपल डॉ. अनुजा कौशल ने छात्रों का स्वागत किया और उन्हें मेहनत के साथ पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया।

अध्यापकों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं और सरकारी योजनाओं की ड्यूटी में लगे रहने से नियमित क्लासरूम पढ़ाई प्रभावित हो रही है। हालांकि वे जल्द ही अपनी ड्यूटियों को पूरा कर कक्षाओं में लौटने का आश्वासन दे रहे हैं। अब यह देखने वाली बात होगी कि शिक्षा विभाग कब तक अध्यापकों को अतिरिक्त कार्यों से मुक्त कर छात्रों की पढ़ाई को सही दिशा में लाएगा।