कभी-कभी हम हर छोटी-छोटी बात को लेकर खुद को दोषी महसूस करते हैं—कॉल मिस करना, किसी दोस्त का जन्मदिन भूल जाना या कोई काम अधूरा रह जाना। ये सामान्य लगता है, लेकिन अगर लगातार आदत बन जाए तो यह तनाव, गुस्सा और मानसिक थकान पैदा कर सकता है।
गिल्ट और मानसिक स्वास्थ्य
डॉ. जेनिफर रीड के अनुसार, थोड़ी बहुत पछतावा हमें सुधार और सीखने के लिए प्रेरित कर सकता है। लेकिन जरूरत से ज्यादा गिल्ट हमारे आत्मविश्वास को कमजोर करता है और मानसिक दबाव बढ़ाता है।
खुद को कैसे दें राहत
- गलतियों को सीख मानें, खुद को दोषी न ठहराएं
हर चूक आपकी योग्यता को परिभाषित नहीं करती। इसे अवसर के रूप में देखें और आगे बढ़ें। - सकारात्मक चीज़ों पर ध्यान दें
अपने छोटे-छोटे अच्छे काम याद करने से मन हल्का होता है और गुस्सा कम होता है। - सबको खुश करने की कोशिश न करें
आप सबके लिए सही नहीं हो सकते। अपने फैसले लें, दूसरों की भावनाओं को समझें, लेकिन खुद पर जरूरत से ज्यादा दबाव न डालें।
निष्कर्ष:
छोटी-छोटी गलतियों पर फंसना आम है, लेकिन उन्हें बड़ा बनाना हानिकारक। खुद को समझें, मानसिक शांति बनाए रखें और सकारात्मक सोच अपनाएं।



