राज्यसभा में मंगलवार को दिए गए अपने विस्तृत संबोधन में Narendra Modi ने पश्चिम एशिया में जारी तनाव को लेकर देश को आगाह किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच चल रहा टकराव यदि लंबे समय तक जारी रहता है, तो इसके गंभीर वैश्विक और घरेलू असर देखने को मिल सकते हैं। यह समय भारत के लिए एक कठिन परीक्षा जैसा है, जिसमें सभी राज्यों और संस्थाओं को मिलकर काम करना होगा।
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस संघर्ष का सीधा असर भारत के व्यापार और आपूर्ति तंत्र पर पड़ रहा है। खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, जहां कई अंतरराष्ट्रीय जहाजों के साथ भारतीय क्रू भी फंसे हुए हैं। इस वजह से पेट्रोल-डीजल, गैस और उर्वरक जैसी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिसका असर आम लोगों तक पहुंच सकता है।
सरकार की तैयारियों पर बात करते हुए उन्होंने बताया कि विभिन्न सेक्टरों की निगरानी और त्वरित फैसलों के लिए सात विशेष एम्पॉवर्ड ग्रुप बनाए गए हैं। ये टीमें ऊर्जा, सप्लाई चेन, महंगाई और कृषि जैसे अहम क्षेत्रों पर नजर रखते हुए तत्काल और भविष्य की रणनीति तैयार करेंगी।
किसानों के हितों को लेकर प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि आगामी बुआई सीजन के लिए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार हर परिस्थिति में किसानों के साथ खड़ी है और उनकी जरूरतों को प्राथमिकता दी जा रही है।
उन्होंने राज्यों से अपील की कि इस संकट के समय गरीबों और श्रमिकों का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रधानमंत्री गरीब अन्न योजना जैसी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे, यह सुनिश्चित करना जरूरी है। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे समय में जमाखोरी और कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती से कार्रवाई की जाए।
विदेशों में रह रहे भारतीयों को लेकर भी प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि अब तक लाखों लोग सुरक्षित वापस लाए जा चुके हैं। ईरान से बड़ी संख्या में छात्र, खासकर मेडिकल स्टूडेंट्स, भारत लौटे हैं। हालांकि कुछ भारतीयों की जान जाने की खबर भी आई है, जिसे उन्होंने दुखद बताया और पीड़ित परिवारों को हरसंभव सहायता देने की बात कही।
अपने संबोधन के अंत में प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे देश ने कोरोना महामारी के दौरान एकजुट होकर मुश्किल हालात का सामना किया था, वैसे ही इस संकट में भी “टीम इंडिया” की भावना के साथ आगे बढ़ना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत की आर्थिक रफ्तार को बनाए रखना और हर चुनौती का मिलकर सामना करना हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।



