हरियाणा के फरीदाबाद में एक बिल्डर के घर से उसका 3 महीने का डॉग (डुग्गू) गायब हो गया। जिसको पानी के लिए बिल्डर ने 1 लाख रूपए का इनाम आपने डॉग पर रख दिया है। बिल्डर का कहना है कि जो भी उसके डॉग को तलाश कर वापस देगा उसको इनाम दिया जाएगा। 1 लाख रूपए इनाम फरीदाबाद के सेक्टर 15 के रहने वाले बिल्डर विनोद तनेजा ने बताया कि 2 महीने पहले उन्होंने डॉग (डुग्गू) को खरीदा था। जिसके लिए उन्होंने 20 हजार रूपए का भुगतान किया था। 18 अक्तूबर की रात को 8 बजे वह घर के बाहर टहल रहा था। हर रोज वह बाहर घूमकर वापस आ जाता था। लेकिन उस दिन वह वापस नही आया। जिसके बाद उन्होंने उसको आस-पास काफी तलाश किया। लेकिन उसका कही पता चल पाया। शिडजू नस्ल का डॉग उन्होंने बताया कि अभी वह 3 महीने का था । शिडजू नस्ल के डॉग को टॉय ब्रीड कहा जाता है। यह एक छोटी नस्ल का कुत्ता होता है। इसकी 20–28 सेंटीमीटर तक उंचाई होती है। इसके बालों का रंग सफेद, सुनहरा, भूरा, काला, ग्रे, या इनका मिश्रण का होता है। इसका वजन 4–7 किलोग्राम तक हो जाता है। यह बेहद प्यारा, दोस्ताना, नटखट और बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करने वाला होता है। बिल्डर ने कहा कि परिवार के लोगों का डॉग (डुग्गू) के साथ बहुत लगाव था। वह परिवार का एक हिस्सा बन चुका है। इसलिए उन्होंने उसकी कीमत से कहीं ज्यादा इनाम रखा है। ताकि जिसके पास भी वह है या जिसको भी वह मिले वो उनको वापस कर सके। हरियाणा के फरीदाबाद में एक बिल्डर के घर से उसका 3 महीने का डॉग (डुग्गू) गायब हो गया। जिसको पानी के लिए बिल्डर ने 1 लाख रूपए का इनाम आपने डॉग पर रख दिया है। बिल्डर का कहना है कि जो भी उसके डॉग को तलाश कर वापस देगा उसको इनाम दिया जाएगा। 1 लाख रूपए इनाम फरीदाबाद के सेक्टर 15 के रहने वाले बिल्डर विनोद तनेजा ने बताया कि 2 महीने पहले उन्होंने डॉग (डुग्गू) को खरीदा था। जिसके लिए उन्होंने 20 हजार रूपए का भुगतान किया था। 18 अक्तूबर की रात को 8 बजे वह घर के बाहर टहल रहा था। हर रोज वह बाहर घूमकर वापस आ जाता था। लेकिन उस दिन वह वापस नही आया। जिसके बाद उन्होंने उसको आस-पास काफी तलाश किया। लेकिन उसका कही पता चल पाया। शिडजू नस्ल का डॉग उन्होंने बताया कि अभी वह 3 महीने का था । शिडजू नस्ल के डॉग को टॉय ब्रीड कहा जाता है। यह एक छोटी नस्ल का कुत्ता होता है। इसकी 20–28 सेंटीमीटर तक उंचाई होती है। इसके बालों का रंग सफेद, सुनहरा, भूरा, काला, ग्रे, या इनका मिश्रण का होता है। इसका वजन 4–7 किलोग्राम तक हो जाता है। यह बेहद प्यारा, दोस्ताना, नटखट और बच्चों के साथ अच्छा व्यवहार करने वाला होता है। बिल्डर ने कहा कि परिवार के लोगों का डॉग (डुग्गू) के साथ बहुत लगाव था। वह परिवार का एक हिस्सा बन चुका है। इसलिए उन्होंने उसकी कीमत से कहीं ज्यादा इनाम रखा है। ताकि जिसके पास भी वह है या जिसको भी वह मिले वो उनको वापस कर सके। हरियाणा | दैनिक भास्कर
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हरियाणा के 2808 प्राइवेट स्कूलों को राहत देगी सरकार:अस्थाई को एक्सटेंशन, जुर्माना हो सकता है माफ; सीएम ने अधिकारियों से मांगी रिपोर्ट हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों को सरकार राहत दे सकती है। सरकार स्कूल सोसाइटियों पर लगाए गए जुर्माने को माफ करने और अस्थाई स्कूलों को एक्सटेंशन लेटर जारी करने के फैसले पर विचार कर रही है। सीएम नायब सैनी ने भी इस मामले में अधिकारियों से विचार-विमर्श करने के लिए कहा है। दरअसल, हरियाणा के प्राइवेट स्कूलों की अपनी इन मांगों को लेकर निजी स्कूल संघ का प्रतिनिधिमंडल हाल ही में सीएम नायब सैनी से चंडीगढ़ स्थित सीएम हाउस में मिला था। प्रतिनिधिमंडल ने सीएम को विभिन्न मांगों से जुड़ा ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की अपील की थी। सीएम ने भी उनकी मांगों को जल्द पूरा करने का आश्वासन दिया था। 2808 स्कूलों से संबंधित मांगे सीएम सैनी ने अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। सीएम ने प्रतिनिधिमंडल को भरोसा दिया था कि अन्य लंबित मुद्दों पर भी गंभीरता से विचार कर जल्द ही समाधान किया जाएगा। सीएम से मुलाकात के दौरान संघ प्रदेश सचिव प्रदीप पूनिया और पैटर्न महावीर यादव ने बताया कि ज्ञापन में 2808 स्कूलों से संबंधित कई अहम मांग उठाई गई। उन्होंने कहा कि सरकार से एमआईएस पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग की गई, ताकि स्कूलों की तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतें दूर की जा सके। साथ ही, स्कूल सोसाइटियों पर लगाए गए जुर्माने को माफ करने और अस्थाई स्कूलों को एक्सटेंशन लेटर जारी करने का आग्रह किया गया। सीएम तक पहुंची ये भी मांगे प्राइवेट स्कूलों के प्रतिनिधिमंडल ने चिराग योजना, 134-ए और आरटीई के तहत मिलने वाली राशि को समय पर जारी करने की भी मांग रखी। इसके अलावा, स्कूलों को बसों पर टैक्स समाप्त करने, बसों की आयु सीमा बढ़ाने, स्कूलों में सोलर पैनल लगाने पर सब्सिडी देने, बिजली बिल को एनडीएस की बजाय डीएस कैटेगरी में करने तथा महापुरुषों की जयंती पर छुट्टी देने या न देने का अधिकार स्कूलों को देने जैसी मांगें भी ज्ञापन में शामिल थीं। सीएम ने जताई संवेदनशीलता सीएम सैनी ने संघ के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के दौरान उनकी बातों को ध्यानपूर्वक सुना और कहा कि राज्य सरकार शिक्षा क्षेत्र के सुधार और निजी स्कूलों के हितों को लेकर संवेदनशील है। स्कूल सोसाइटियों का जुर्माना माफ करने और अस्थाई स्कूलों को वैध विस्तार देने का निर्णय सरकार स्तर पर लिया जाएगा, ताकि शिक्षा व्यवस्था पर किसी प्रकार का दबाव न पड़े। उन्होंने अन्य मांगों पर भी अधिकारियों को रिपोर्ट तैयार कर जल्द निर्णय लेने के निर्देश दिए।
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