मथुरा के बांके बिहारी मंदिर का खजाना 54 साल बाद खोला गया। 160 साल पुराने इस खजाने को लेकर बहुत उम्मीद थी। पहले दरवाजे को जब काटा गया, तो एक लोहे, एक लकड़ी का बॉक्स और 3 कलश मिले। जब बॉक्स खोले गए, तो उसके अंदर ज्वेलरी बॉक्स मिले। लोगों में खुशी हुई। लेकिन, जब ज्वेलरी बॉक्स खोले गए, तो वो खाली थे। VIDEO में देखिए बांके बिहारी के खजाने की पूरी रिपोर्ट… मथुरा के बांके बिहारी मंदिर का खजाना 54 साल बाद खोला गया। 160 साल पुराने इस खजाने को लेकर बहुत उम्मीद थी। पहले दरवाजे को जब काटा गया, तो एक लोहे, एक लकड़ी का बॉक्स और 3 कलश मिले। जब बॉक्स खोले गए, तो उसके अंदर ज्वेलरी बॉक्स मिले। लोगों में खुशी हुई। लेकिन, जब ज्वेलरी बॉक्स खोले गए, तो वो खाली थे। VIDEO में देखिए बांके बिहारी के खजाने की पूरी रिपोर्ट… उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
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’26 लाख से अधिक दीपों की चमक से परेशान हैं’, CM योगी का अखिलेश यादव के दीये वाले बयान पर जवाब
’26 लाख से अधिक दीपों की चमक से परेशान हैं’, CM योगी का अखिलेश यादव के दीये वाले बयान पर जवाब <p style=”text-align: justify;”>समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर कटाक्ष करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री <a title=”योगी आदित्यनाथ” href=”https://www.abplive.com/topic/yogi-adityanath” data-type=”interlinkingkeywords”>योगी आदित्यनाथ</a> ने रविवार को कहा कि जिन लोगों ने कभी आस्था का मजाक उड़ाया और अयोध्या की सड़कों को राम भक्तों और कारसेवकों के खून से रंग दिया, वे अब 26 लाख से अधिक दीपों की चमक से परेशान हैं. सीएम योगी ने आगे कहा कि स्थानीय प्रजापति और कुम्हार समुदायों द्वारा बनाए गए ये दीपक न केवल भक्ति के प्रतीक हैं, बल्कि आजीविका के अवसर भी प्रदान करते हैं, जिसे राम-द्वेषी स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं.</p>
<p style=”text-align: justify;”>दरअसल, सीएम योगी रामकथा पार्क में आयोजित भगवान राम के राज्याभिषेक समारोह में बोल रहे थे, जहां उन्होंने श्री राम जन्मभूमि आंदोलन से जुड़े पूज्य संतों को सम्मानित भी किया. उनकी यह टिप्पणी अखिलेश यादव द्वारा दिवाली के दौरान दीये और मोमबत्तियां जलाने पर बड़ी रकम खर्च करने की आवश्यकता पर सवाल उठाने से एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म देने के एक दिन बाद आई है. यादव की टिप्पणी पर कई बीजेपी नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिन्होंने उन पर हिंदू परंपराओं का अपमान और भारतीय संस्कृति के प्रति अवमानना दिखाने का आरोप लगाया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा था कि दुनिया भर में, क्रिसमस के दौरान शहर खूबसूरती से जगमगा उठते हैं और यह उत्सवी रोशनी महीनों तक बनी रहती है. हमें इससे प्रेरणा लेनी चाहिए. हमें दीयों और मोमबत्तियों पर पैसा खर्च करने और इस प्रक्रिया के बारे में ज्यादा सोचने की क्या जरूरत है? हमें इस पर पुनर्विचार करना चाहिए कि सरकार से क्या अपेक्षा की जाए; शायद इसमें बदलाव किया जाना चाहिए. हम यह सुनिश्चित करेंगे कि भविष्य में और भी शानदार रोशनियाँ हों.</p>
<p style=”text-align: justify;”>इस बयान से बीजेपी में आक्रोश फैल गया और कई नेताओं ने यादव की कड़ी आलोचना की और कहा कि यह दिवाली और सनातन परंपराओं के प्रति अपमानजनक रवैया है. बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने संवाददाताओं से कहा, “पूरा देश दिवाली का त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मना रहा है, खासकर जीएसटी में कटौती के बाद. इसके बावजूद अखिलेश यादव का यह बयान कि उन्हें दिवाली के दीयों में समस्या नजर आती है, बेहद निंदनीय है.” इसी तरह, बीजेपी खेमे के कई नेता अब पूर्व सीएम को निशाना बनाने के लिए विवाद में कूद पड़े हैं और बिहार चुनाव नजदीक आने के साथ ही यह मुद्दा और तेज होने की संभावना है.<br /> </p>
मराठा आरक्षण पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का बयान- ‘किसी समुदाय का हक नहीं मारेगी सरकार’
मराठा आरक्षण पर मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले का बयान- ‘किसी समुदाय का हक नहीं मारेगी सरकार’ <p style=”text-align: justify;”>महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने सोमवार (20 अक्टूबर 2025) को कुनबी जाति प्रमाण पत्र (जीआर) पर अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) समुदाय की चिंताओं को दूर करने की कोशिश करते हुए दोहराया कि सरकार पिछड़े समुदायों के कोटे को कम नहीं करेगी.</p>
<p style=”text-align: justify;”>राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि हैदराबाद गजेटियर के कार्यान्वयन के लिए दो सितंबर को जारी किया गया शासकीय आदेश (जीआर) केवल मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्रों पर लागू होता है, न कि पश्चिमी महाराष्ट्र पर. उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए उस क्षेत्र का मराठा-कुनबी समुदाय इससे लाभान्वित नहीं हो सकता. ओबीसी नेताओं को इस मुद्दे को गलत नहीं समझना चाहिए. किसी का हिस्सा किसी और को नहीं दिया जाएगा.’’</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>’कुनबी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की अनुमति'</h3>
<p style=”text-align: justify;”>जीआर में मराठा समुदाय के सदस्यों को ओबीसी पृष्ठभूमि साबित करने और कुनबी जाति प्रमाण पत्र के लिए आवेदन करने की अनुमति देता है, जिससे वे ओबीसी वर्गीकरण के लिए पात्र होंगे. बावनकुले ने इस पर विस्तृत टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि उक्त जीआर न्यायालय में विचाराधीन है.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>47 अधिकारियों को मिला प्रमोशन</h3>
<p style=”text-align: justify;”>एक अन्य घटनाक्रम में बावनकुले ने राज्य के राजस्व विभाग के 47 अधिकारियों की पदोन्नति को मंजूरी देकर उन्हें ‘दिवाली का उपहार’ दिया. बावनकुले के विभाग द्वारा सोमवार को जारी एक आदेश के अनुसार, 23 अधिकारियों को अतिरिक्त कलेक्टर (चयन ग्रेड) के रूप में पदोन्नत किया गया है, जबकि 24 डिप्टी कलेक्टर को अतिरिक्त कलेक्टर के पद पर पदोन्नत किया गया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>उधर, महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण विवाद के बीच राज्य मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के कल्याण के लिए कई योजनाओं की घोषणा की है. 19 अक्टूबर को देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर में एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार हर वंचित व्यक्ति को विकास के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने ओबीसी समुदाय के लिए प्रशिक्षण, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाओं पर जोर दिया.</p>
<p style=”text-align: justify;”><a href=”https://www.abplive.com/states/maharashtra/maharashtra-former-mla-bachchu-kadu-controversial-statement-saying-farmers-should-get-violent-against-mla-3031460″><strong>पूर्व MLA का विवादित बयान- ‘आत्महत्या क्यों करें किसान? विधायक को ही काट-मार दें’, बढ़ा महाराष्ट्र का सियासी पारा</strong></a></p>

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