बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. बाबू राम गौतम का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। डॉ. गौतम अपने सज्जन, सामाजिक और विनम्र व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक सेवा और जनहित के कार्यों को समर्पित किया। इन क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। जेपी नड्डा ने की थी मुलाकात बता दें कि विधायक गौतम बीते कुछ महीनों से स्वस्थ नहीं थे। उनको एम्स में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान बिलासपुर दौरे पर कुछ दिन पहले ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी उनसे मुलाकात की थी। बिलासपुर सदर विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक और कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता डॉ. बाबू राम गौतम का 72 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की खबर से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। डॉ. गौतम अपने सज्जन, सामाजिक और विनम्र व्यक्तित्व के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन सामाजिक सेवा और जनहित के कार्यों को समर्पित किया। इन क्षेत्रों में उनके उत्कृष्ट योगदान को हमेशा याद किया जाएगा। जेपी नड्डा ने की थी मुलाकात बता दें कि विधायक गौतम बीते कुछ महीनों से स्वस्थ नहीं थे। उनको एम्स में भर्ती कराया गया था। इसी दौरान बिलासपुर दौरे पर कुछ दिन पहले ही भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा ने भी उनसे मुलाकात की थी। हिमाचल | दैनिक भास्कर
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टोल पर कार में लगी आग, कर्मी बोले-पहले पर्ची कटवाओ:हिमाचल के परवाणू टोल की घटना, धमाके से 3 बूथ जले; अंबाला से आ रहे थे
टोल पर कार में लगी आग, कर्मी बोले-पहले पर्ची कटवाओ:हिमाचल के परवाणू टोल की घटना, धमाके से 3 बूथ जले; अंबाला से आ रहे थे हिमाचल प्रदेश के सोलन जिला के परवाणू टोल बैरियर पर आज सुबह एक बड़ा हादसा हुआ। अंबाला से शिमला जा रही एक कार में अचानक आग लगने से बैरियर के तीन कलेक्शन बूथ जलकर राख हो गए है। गनीमत यह रही कि घटना में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है। जानकारी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के एंट्री पॉइंट पर परवाणू टोल बैरियर पर जब कार पहुंची तो उसमें से धुआं निकल रहा था। पीछे से आ रहे लोगों ने कार ड्राइवर को कहा कि आपकी गाड़ी से धुआं निकल रहा है। टोल कर्मी बोले- पहले पर्ची कटवाओ, फिर साइड लगाना ऐसे में कार ड्राइवर ने टोल कर्मियों से गाड़ी को साइड लगाने की बात कही जिस पर टोल कर्मियों ने उसे पहले पर्ची कटवाने को कहा कि आप पहले पर्ची कटवा दो फिर साइड में लगा लें। कार चालक पर्ची कटवाने लगा और इतनी देर में कार में आग तेजी से भड़क गई , कार में स्पार्किंग के धमाके हुए आग ने देखते ही देखते बैरियर के तीनों कलेक्शन बूथों को अपनी चपेट में ले लिया। इस घटना में कार और तीनों कलेक्शन बूथ पूरी तरह जलकर राख हो गए। गाड़ी और टोल बैरियर जले उधर SHO परवाणू प्रताप ठाकुर ने बताया कि रविवार सुबह घटना पेश आई है। उन्होंने बताया कि की घटना में कोई जानी नुकसान नहीं है, हालांकि गाड़ी और टोल बैरियर का जलने से नुकसान हुआ है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। टोल बैरियर पर नहीं थे आग बुझाने के पुख्ता इतंजाम इस घटना के बाद बड़ा खुलासा यह हुआ कि टोल बैरियर पर रेत, पानी या अग्निशामक यंत्र जैसे सुरक्षा इंतजामों का अभाव था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि मौके पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होते तो नुकसान को काम किया जा सकता था। हालांकि, घटना की सूचना तुरन्त दमकल केंद्र को दी गई, जिसके बाद दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक काफी नुकसान हो चुका था। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका
धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका आठ साल पहले देश की पहली स्मार्ट सिटी बनने का तमगा पाने वाली धर्मशाला आज भी अधूरी स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और खराब रोशनी की समस्या से जूझ रही है। नगर निगम द्वारा अधूरी एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना में करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद शहर की कई गलियां अभी भी अंधेरे में हैं। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार चंद गुलेरिया ने नगर निगम से प्राप्त जानकारी के आधार पर खुलासा किया कि एलईडी लाइट्स की मरम्मत पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए गए, जबकि इन लाइटों का इंस्टालेशन काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है। चार साल पहले एचपीएल इलेक्ट्रिकल एंड पावर लिमिटेड को 24.92 करोड़ रुपए की लागत से 7000 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का ठेका दिया गया था। इस योजना के तहत 17 वार्डों में नई लाइटें लगाई जानी थीं और 2280 पुरानी लाइटें बदलनी थीं। इनमें से कई लाइटें सेंसर से लैस ‘स्मार्ट लाइट्स’ भी थीं। लेकिन फिलहाल नगर के अधिकांश हिस्से अभी भी अंधेरे में हैं। तय समय पर पूरा नहीं किया गया कार्य नगर निगम की 14 जुलाई 2023 की बैठक में ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए आखिरी मौका दिया गया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है। स्मार्ट सिटी के जीएम इंजीनियर विशाल चौधरी ने स्वीकार किया कि बारिश के कारण लगभग 30 प्रतिशत लाइटें खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी केवल पांच वार्डों की लाइट क्वालिटी की जांच की गई है। वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस ने कहा, “हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।” स्थानीय लोगों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जहां लाइटें अभी तक नहीं लगी हैं, वहां मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया कि, जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर किया गया? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है। नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया : पारस वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस का कहना है कि हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।”स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जहां लाइटें लगी ही नहीं हैं, वहां मरम्मत पर लाखों खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया- जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर हुआ? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है।
