उत्तर कोरिया की सत्ता को लेकर एक बड़ी अटकल सामने आई है। दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी ने संकेत दिए हैं कि देश के सर्वोच्च नेता किम जोंग उन ने अपनी 13 साल की बेटी किम जू ऐ को भविष्य के उत्तराधिकारी के रूप में तैयार करना शुरू कर दिया है।
बढ़ती सार्वजनिक मौजूदगी से बढ़ा शक
दक्षिण कोरिया की नेशनल इंटेलिजेंस सर्विस (NIS) ने सांसदों को जानकारी दी कि किम जू ऐ हाल के समय में लगातार अहम सरकारी और सैन्य कार्यक्रमों में दिखाई दे रही हैं। एजेंसी का मानना है कि उनकी यह प्रमुख मौजूदगी सामान्य नहीं है, बल्कि उत्तराधिकार की दिशा में एक सोची-समझी रणनीति हो सकती है।
पिता के साथ बड़े मंचों पर नजर
पिछले कुछ महीनों में किम जू ऐ कई हाई-प्रोफाइल आयोजनों में अपने पिता के साथ दिखीं। कोरियाई पीपुल्स आर्मी के स्थापना दिवस से लेकर कुमसुसान पैलेस ऑफ द सन तक, उनकी मौजूदगी ने अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का ध्यान खींचा है।
सितंबर में बीजिंग यात्रा के दौरान उनका किम जोंग उन के साथ दिखना खास माना गया, क्योंकि यह उनका पहला विदेशी दौरा था।
पार्टी सम्मेलन पर टिकी निगाहें
NIS ने बताया कि वह इस महीने होने वाले सत्तारूढ़ पार्टी के बड़े सम्मेलन पर खास नजर रखेगी। यह सम्मेलन हर पांच साल में होता है और यहीं से अगले वर्षों की नीतियों—जैसे विदेश नीति, सैन्य रणनीति और परमाणु कार्यक्रम—की दिशा तय होती है। एजेंसी यह भी देखेगी कि क्या किम जू ऐ इसमें सक्रिय रूप से शामिल होती हैं।
उत्तराधिकारी घोषित किए जाने का चरण
दक्षिण कोरिया के सांसद ली सोंग-क्वेन के मुताबिक, खुफिया एजेंसी पहले ही संकेत दे चुकी थी कि किम जू ऐ को नेतृत्व के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है। अब एजेंसी का आकलन है कि वह औपचारिक तौर पर उत्तराधिकारी बनाए जाने के करीब पहुंच चुकी हैं।
2022 में पहली बार आई थीं सामने
किम जोंग उन अपने निजी जीवन को हमेशा गोपनीय रखते आए हैं। उनकी बेटी पहली बार 2022 में सार्वजनिक नजर आई थीं, जब उन्होंने अपने पिता के साथ एक इंटरकॉन्टिनेंटल बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) परीक्षण देखा था। इसके बाद 2023 में भी वे कई सैन्य कार्यक्रमों में दिखीं।
परिवार को लेकर हमेशा रहा है रहस्य
उत्तर कोरिया में विदेशी मीडिया पर सख्त पाबंदी है, इसलिए शासक परिवार की जानकारी बहुत सीमित रहती है। माना जाता है कि किम जोंग उन के तीन बच्चे हैं, लेकिन सार्वजनिक तौर पर सबसे ज्यादा चर्चा किम जू ऐ की ही होती रही है।
सत्ता का अगला चेहरा?
विशेषज्ञों का मानना है कि बेटी को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर साथ लाना और बड़े आयोजनों में प्रमुखता देना, इस बात का संकेत हो सकता है कि किम जोंग उन दुनिया को धीरे-धीरे अपने उत्तराधिकार की तस्वीर दिखा रहे हैं।
हालांकि, उत्तर कोरिया की सरकार की ओर से इस दावे पर कोई आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।



