नई दिल्ली में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच अहम बैठक होने जा रही है। माना जा रहा है कि इस मुलाकात में दोनों देशों के बीच व्यापार और रणनीतिक सहयोग को लेकर कई महत्वपूर्ण समझौतों पर सहमति बन सकती है।
ट्रेड और निवेश पर फोकस
भारत-ब्राजील के बीच मौजूदा व्यापार लगभग 15 अरब डॉलर का है, जिसे आने वाले वर्षों में दोगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। लूला अपने साथ 260 से ज्यादा ब्राजीलियाई उद्योगपतियों का प्रतिनिधिमंडल लेकर आए हैं, जिससे एयरोस्पेस, डिफेंस, फार्मा और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे सेक्टरों में साझेदारी की राह खुलेगी। ब्राजील की दिग्गज एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर भारत में मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित करने की योजना बना रही है। इससे ‘मेक इन इंडिया’ को बड़ा बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
बैठक में लिथियम, निकल, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स को लेकर संयुक्त अन्वेषण, प्रोसेसिंग और रिसाइक्लिंग पर सहमति बन सकती है। इसका मकसद चीन पर निर्भरता घटाकर EV, ग्रीन एनर्जी और हाई-टेक इंडस्ट्री के लिए सुरक्षित सप्लाई चेन तैयार करना है। दोनों देश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्लीन एनर्जी के क्षेत्र में भी सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं, जहां क्रिटिकल मिनरल्स की अहम भूमिका होगी।
लूला ने भारत-ब्राजील को ग्लोबल साउथ के बड़े लोकतंत्र बताते हुए कहा कि दोनों मिलकर विकासशील देशों के लिए नया उदाहरण पेश कर सकते हैं। कुल मिलाकर, यह दौरा सिर्फ कूटनीतिक नहीं बल्कि आर्थिक और रणनीतिक लिहाज से भी भारत-ब्राजील संबंधों को नई ऊंचाई देने वाला माना जा रहा है।



