मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर: ईरान के परमाणु ठिकानों पर इजराइल का हमला

मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर: ईरान के परमाणु ठिकानों पर इजराइल का हमला

मिडिल ईस्ट में चल रहे संघर्ष ने नया मोड़ ले लिया है, जब इजराइल ने ईरान के परमाणु प्रतिष्ठानों पर एयर स्ट्राइक करने का दावा किया। ईरानी सरकारी मीडिया ने भी इन हमलों की पुष्टि करते हुए बताया कि कई अहम न्यूक्लियर सुविधाओं को निशाना बनाया गया है।

बताया जा रहा है कि हमले में अराक स्थित शाहिद खोंडाब हेवी वाटर कॉम्प्लेक्स और यज़्द प्रांत के अर्दकान येलोकेक प्लांट शामिल थे। हालांकि, ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने कहा है कि इस हमले में कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ और रेडिएशन फैलने का खतरा भी नहीं है। गौरतलब है कि अराक का प्लांट पहले से ही बंद पड़ा था।

दूसरी ओर, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए इजराइल को गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी है। IRGC के एयरोस्पेस कमांडर सैयद माजिद मूसावी ने कहा कि इस बार जवाब पहले से ज्यादा सख्त होगा और “जैसे को तैसा” की नीति भी पीछे छूट जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि हालात को शांत करने के लिए बातचीत जारी है, लेकिन ईरान ने किसी भी तरह की वार्ता में शामिल होने से इनकार कर दिया है। अमेरिका की ओर से युद्धविराम के लिए प्रस्ताव भी भेजा गया, जिसे ईरान ने ठुकरा दिया और अपनी शर्तें सामने रखीं।

इसी बीच खाड़ी क्षेत्र में हालात और बिगड़ते नजर आए, जब सऊदी अरब ने अपनी राजधानी रियाद की ओर बढ़ रही मिसाइलों और ड्रोन को मार गिराने का दावा किया। वहीं कुवैत के दो अहम बंदरगाहों को भी नुकसान पहुंचने की खबर है, जिससे क्षेत्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। उधर, इजराइल ने यह भी कहा कि उसने तेहरान में उन ठिकानों को निशाना बनाया है जहां बैलिस्टिक मिसाइलों और अन्य हथियारों का निर्माण किया जा रहा था। इसके अलावा पश्चिमी ईरान में लॉन्चर और हथियार भंडारण स्थलों पर भी हमले किए गए।

इस बढ़ते टकराव का असर वैश्विक बाजारों पर भी दिखा है। तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है, जबकि अमेरिकी शेयर बाजार में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुकी है।

मौजूदा हालात को देखते हुए यह साफ है कि मिडिल ईस्ट में संघर्ष थमने के बजाय और गहराता जा रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है।