मेक्सिको में सुरक्षा बलों की बड़ी कार्रवाई के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। देश के सबसे कुख्यात ड्रग सरगना अल मेंचो की मौत के बाद उसके समर्थकों ने कई इलाकों में आगजनी और तोड़फोड़ की। जलिस्को समेत अलग-अलग राज्यों में हाईवे जाम किए गए, गाड़ियां जलाई गईं और एयरपोर्ट व मॉल को निशाना बनाया गया। सेना के मुताबिक, एक ऑपरेशन के दौरान अल मेंचो घायल हुआ था। उसे इलाज के लिए एयरलिफ्ट किया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। वह जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का मुखिया था और उस पर अमेरिका ने करीब ₹136 करोड़ का इनाम घोषित कर रखा था।
CJNG को मेक्सिको के सबसे ताकतवर और तेजी से फैलते आपराधिक संगठनों में गिना जाता है। यह कार्टेल अमेरिका के कई हिस्सों में ड्रग सप्लाई से जुड़ा रहा है। इसी वजह से अमेरिकी सरकार लंबे समय से मेक्सिकन कार्टेल्स पर सख्त कार्रवाई की मांग करती रही है। पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के कार्यकाल में CJNG जैसे कार्टेल्स को आतंकवादी संगठन की श्रेणी में रखा गया था। ट्रम्प कई बार यह दावा कर चुके हैं कि ड्रग कार्टेल अमेरिका में लाखों मौतों के जिम्मेदार हैं।
मेक्सिको में कार्टेल्स की ताकत इतनी बढ़ चुकी है कि कई इलाकों में वे सरकार और पुलिस को खुली चुनौती देते हैं। भारी हथियार, बख्तरबंद गाड़ियां, ड्रोन और यहां तक कि रॉकेट लॉन्चर तक इनके पास बताए जाते हैं।
संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्टों के मुताबिक, मेक्सिको के ड्रग कार्टेल्स सालाना अरबों डॉलर की कमाई करते हैं और आज दुनिया के सबसे अमीर आपराधिक नेटवर्क में शामिल हैं। अल मेंचो की मौत को सुरक्षा एजेंसियां बड़ी सफलता मान रही हैं, लेकिन उसके बाद फैली हिंसा ने एक बार फिर मेक्सिको की गंभीर सुरक्षा चुनौती को उजागर कर दिया है।



