यूपी में दिवाली की रात लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। इसकी वजह से प्रदेश के 6 शहर रेड जोन यानी खतरनाक स्थिति में हैं। नोएडा देश के 5 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, नोएडा में रात 10 बजे तक ही एअर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 313 पार पहुंच गया। यह गंभीर स्थिति है। वहीं गाजियाबाद में AQI 310, हापुड़ में 294, मेरठ में 266, बागपत में 256 रहा। जाने ग्रैप के स्टेज प्रदूषण की 2 तस्वीरें… गाजियाबाद और नोएडा का AQI बहुत खराब पिछले 6 दिनों से गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को नोएडा का AQI 313 दर्ज किया गया। दिल्ली का एक्यूआई 344 दर्ज किया है। गाजियाबाद के वसुंधरा में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया। यहां AQI 350 पहुंच गया, जो रेड जोन में आता है। इंदिरापुरम में में AQI 330, लोनी में 300 और संजय नगर में 265 दर्ज किया गया है। नोएडा में सेक्टर-125 में AQI 352 और सेक्टर-62 में 296 और सेक्टर-1 में 372 व सेक्टर-116 में 352 रिकार्ड किया गया। 2 दिनों में हवा और खराब होने का अनुमान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का पूर्वानुमान है कि 2 दिनों में और भी खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। ऐसे में सांस संबंधी रोगियों के लिए यह और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और अस्वस्थता जैसी समस्या हो सकती है। गाजियाबाद के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. शरद जोशी ने बचाव के लिए सभी को बाहरी गतिविधियों के दौरान N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। वहीं, प्रशासन ने भी प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये हैं शहरों में पॉल्यूशन के बड़े कारण प्रदूषण की वजह पराली जलाना, इसे रोकने के लिए कानून भी बना उत्तर और मध्य भारत में दिवाली के बाद पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस वजह से प्रदूषण बढ़ने की रफ्तार भी तेज होने लगती है। हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाई जाती है। 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इससे किसानों को पराली का सफाया करने में परेशानी होने लगी। केंद्र सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अधिनियम 2021 के तहत पराली जलाने पर नियम लागू किए। इसके मुताबिक 2 एकड़ से कम जमीन पर पराली जलाने पर 5,000 रुपए जुर्माने का प्रावधान है। 2 से 5 एकड़ जमीन पर 10,000 रुपए और 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर पराली जलाने पर 30,000 रुपए का जुर्माना लगता है। यूपी में दिवाली की रात लोगों ने जमकर आतिशबाजी की। इसकी वजह से प्रदेश के 6 शहर रेड जोन यानी खतरनाक स्थिति में हैं। नोएडा देश के 5 सबसे प्रदूषित शहरों में शामिल रहा। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के अनुसार, नोएडा में रात 10 बजे तक ही एअर क्वालिटी इंडेक्स यानी AQI 313 पार पहुंच गया। यह गंभीर स्थिति है। वहीं गाजियाबाद में AQI 310, हापुड़ में 294, मेरठ में 266, बागपत में 256 रहा। जाने ग्रैप के स्टेज प्रदूषण की 2 तस्वीरें… गाजियाबाद और नोएडा का AQI बहुत खराब पिछले 6 दिनों से गाजियाबाद का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) लगातार बढ़ रहा है। सोमवार को नोएडा का AQI 313 दर्ज किया गया। दिल्ली का एक्यूआई 344 दर्ज किया है। गाजियाबाद के वसुंधरा में सबसे ज्यादा प्रदूषण दर्ज किया गया। यहां AQI 350 पहुंच गया, जो रेड जोन में आता है। इंदिरापुरम में में AQI 330, लोनी में 300 और संजय नगर में 265 दर्ज किया गया है। नोएडा में सेक्टर-125 में AQI 352 और सेक्टर-62 में 296 और सेक्टर-1 में 372 व सेक्टर-116 में 352 रिकार्ड किया गया। 2 दिनों में हवा और खराब होने का अनुमान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) का पूर्वानुमान है कि 2 दिनों में और भी खराब श्रेणी में पहुंच सकती है। ऐसे में सांस संबंधी रोगियों के लिए यह और अधिक खतरनाक साबित हो सकता है। लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और अस्वस्थता जैसी समस्या हो सकती है। गाजियाबाद के पल्मोनोलॉजिस्ट डॉ. शरद जोशी ने बचाव के लिए सभी को बाहरी गतिविधियों के दौरान N95 या डबल सर्जिकल मास्क पहनने की सलाह दी है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। वहीं, प्रशासन ने भी प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। ये हैं शहरों में पॉल्यूशन के बड़े कारण प्रदूषण की वजह पराली जलाना, इसे रोकने के लिए कानून भी बना उत्तर और मध्य भारत में दिवाली के बाद पराली जलाने का सिलसिला शुरू हो जाता है। इस वजह से प्रदूषण बढ़ने की रफ्तार भी तेज होने लगती है। हरियाणा और पंजाब में सबसे ज्यादा पराली जलाई जाती है। 2015 में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) ने पराली जलाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया था। इससे किसानों को पराली का सफाया करने में परेशानी होने लगी। केंद्र सरकार ने वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) अधिनियम 2021 के तहत पराली जलाने पर नियम लागू किए। इसके मुताबिक 2 एकड़ से कम जमीन पर पराली जलाने पर 5,000 रुपए जुर्माने का प्रावधान है। 2 से 5 एकड़ जमीन पर 10,000 रुपए और 5 एकड़ से ज्यादा जमीन पर पराली जलाने पर 30,000 रुपए का जुर्माना लगता है। उत्तरप्रदेश | दैनिक भास्कर
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‘सभी विकल्प खुले हैं’, जम्मू कश्मीर राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा बयान
‘सभी विकल्प खुले हैं’, जम्मू कश्मीर राज्यसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस का बड़ा बयान <p style=”text-align: justify;”>जम्मू कश्मीर में राज्यसभा चुनाव उम्मीदवारों के मुद्दे पर हुए विवाद के बाद केंद्र शासित प्रदेश में इंडिया गठबंधन में सब कुछ ठीक नहीं है. इसका संकेत देते हुए, जम्मू-कश्मीर कांग्रेस ने घोषणा की है कि वह केंद्र शासित प्रदेश की दो विधानसभा सीटों पर उम्मीदवार उतारने के सभी विकल्पों पर विचार कर रही है. </p>
<p style=”text-align: justify;”>बता दें, कश्मीर घाटी के बडगाम विधानसभा क्षेत्र और जम्मू क्षेत्र के नगरोटा में उपचुनाव हो रहे हैं. जो मंगलवार (11 नवंबर) को होने जा रहे हैं. जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को कहा कि उनकी पार्टी (नेशनल कॉन्फ्रेंस) बडगाम सीट पर चुनाव लड़ेगी, लेकिन अगर कांग्रेस उम्मीदवार नगरोटा से चुनाव लड़ता है, तो वह उसका समर्थन करेगी.</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष ने क्या है?</h3>
<p style=”text-align: justify;”>इस बीच पत्रकारों से बात करते हुए जम्मू-कश्मीर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (जेकेपीसीसी) के अध्यक्ष तारिक कर्रा ने कहा कि उपचुनावों पर फैसला पार्टी आलाकमान लेगा. इस दौरान उन्होंने उमर अब्दुल्ला के बयान पर जवाब दिया है.</p>
<p style=”text-align: justify;”>कर्रा ने कहा, ‘नेशनल कॉन्फ्रेंस ने नगरोटा सीट के लिए समर्थन के लिए कहा है, लेकिन हमने यह मामला केंद्रीय आलाकमान के समक्ष रखा है और हम उनके जवाब का इंतजार कर रहे हैं.'</p>
<h3 style=”text-align: justify;”>इंडिया गठबंधन में सब कुछ ठीक है?</h3>
<p style=”text-align: justify;”>वहीं यह पूछे जाने पर कि क्या पार्टी दोनों सीटों पर चुनाव लड़ने के विकल्पों पर विचार कर रही है? इस पर जेकेपीसीसी प्रमुख ने दोहराया कि यह निर्णय आलाकमान पर निर्भर है, हलांकि उन्होंने आगे कहा कि ‘सभी विकल्प खुले हैं.'</p>
<p style=”text-align: justify;”>इसके अलावा गठबंधन सहयोगियों, नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस के बीच सब कुछ ठीक है इस सवाल पर उन्होंने कहा, जब कांग्रेस ने अब्दुल्ला की पार्टी पर राज्यसभा चुनाव में उन्हें ‘सुरक्षित सीट’ न देने का आरोप लगाया था, कर्रा ने कहा, ‘किसने कहा कि यह ठीक नहीं है?</p>
<p style=”text-align: justify;”>उन्होंने कहा कि एनसी द्वारा की गई ‘अनापत्ति’ के बाद की टिप्पणियां स्वाभाविक थीं, क्योंकि ‘उच्चतम स्तर पर कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद नहीं थी कि एनसी से उनके अनुरोध पर कोई यू-टर्न लिया जाएगा या उसे वापस लिया जाएगा.’ </p>
<h3 style=”text-align: justify;”>’हमारी रियासत हमारा हक’ फिर से शुरू</h3>
<p style=”text-align: justify;”>सेंट्रल शाल्टेंग विधायक ने यह भी कहा कि पार्टी ने जम्मू-कश्मीर का राज्य का दर्जा बहाल करने के लिए दबाव बनाने हेतु अपना ‘हमारी रियासत हमारा हक’ कार्यक्रम फिर से शुरू कर दिया है. उन्होंने कहा कि शुरुआत में <a title=”पहलगाम” href=”https://www.abplive.com/topic/pahalgam-terror-attack” data-type=”interlinkingkeywords”>पहलगाम</a> हमले और फिर युद्ध जैसी स्थिति के कारण इसे स्थगित कर दिया गया था. </p>
<p style=”text-align: justify;”>कर्रा ने कहा कि बादल फटने और उसके परिणामस्वरूप बाढ़ जैसी स्थिति के कारण इसमें और देरी हुई. उन्होंने कहा, ‘अब यह जम्मू-कश्मीर के सभी जिलों में आयोजित किया जाएगा.'</p>
तरनतारन उप-चुनाव, 23 नामांकन हुए:नीटू शटरांवाला अनपढ़, पारिवारिक आय 13.75 लाख; मनदीप का परिवार 1.27 करोड़ का मालिक; दोनों बिना कार के
तरनतारन उप-चुनाव, 23 नामांकन हुए:नीटू शटरांवाला अनपढ़, पारिवारिक आय 13.75 लाख; मनदीप का परिवार 1.27 करोड़ का मालिक; दोनों बिना कार के तरनतारन के उप-चुनावों के लिए नामांकन के 6 दिन पूरे हो चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक मात्र 26 आवेदन ही मिले हैं। लेकिन इनमें अधिकतर रिपीट व कवरिंग कैंडिडेट हैं, जिन्हें स्क्रूटनी व वापसी के समय हटा दिया जाएगा। अभी तक सभी प्रमुख पार्टियों ने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। इसके साथ ही सोशल मीडिया स्टार नीटू शटरांवाला ने भी अपना 12वां नामांकन भरा है। नामांकन में दी जानकारी के अनुसार, आजाद उम्मीदवार बने नीटू शटरांवाला की पारिवारिक आय तो 13.75 लाख है, लेकिन ना तो उनके पास कोई घर है, ना कार और ना ही गेहना। इतना ही नहीं, नीटू अनपढ़ भी है और पूरा एफिडेविट उन्होंने अंग्रेजी में भरा है। इसके अलावा खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे के उम्मीदवार मनदीप सिंह मैदान में हैं। तरनतारन विधानसभा सीट पूर्व विधायक डॉ. कश्मीर सिंह सोहल के निधन के बाद खाली हो गई थी। मुख्य मुकाबला आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के अलावा खालिस्तान समर्थक सांसद अमृतपाल सिंह की पार्टी अकाली दल वारिस पंजाब दे के उम्मीदवारों के बीच है। जानें नीटू शटरांवाले ने अपने नामांकन हल्फनामे में क्या भरा 41 साल के नीटू ने बताया कि ये उनका 12वां नामांकन है। वे शाह सिकंदर महल्ला जालंधर के रहने वाले हैं और अनपढ़ हैं। पांच साल में नीटू की आमदनी ढाई गुणा तक बढ़ चुकी है। ये इनकम उनकी ही नहीं, उनकी पत्नी की भी बढ़ी है। दोनों की इनकम 2021-22 में जहां तकरीबन 5 लाख वार्षिक थी, वहीं अब 2025-26 में ये आमदनी बढ़कर 13.75 लाख वार्षिक हो चुकी है। नीटू ने बताया कि उन्हें आय शटरिंग व अपने आर्टिस्ट होने के कारण मिल जाती है। लेकिन उनकी पत्नी गृहिणी है और यहीं से उनकी आमदनी भी इकट्ठी हो जाती है। इसके अलावा ना तो उनके पास व ना ही उनकी पत्नी के पास कोई प्रॉपर्टी, वाहन और खेत-खलिहान हैं। करोड़ों के मालिक, लेकिन बिना कार के 39 साल के मनदीप सिंह अमृतसर के कोट बाबा दीप सिंह के रहने वाले हैं। परिवार की इनकम 13.61 लाख है, जो चार साल पहले 2021-22 में 9.24 लाख रुपए रही। मनदीप सिंह पर आज तक कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं किया गया है। उनकी चल संपत्ति 52 लाख है, जबकि अचल प्रॉपर्टी 75 लाख रुपए के करीब है। 10वीं पास मनदीप सिंह की छवि बेदाग है। उनके पास कोई कार नहीं है, जबकि उनकी पत्नी के पास 8 तोले व उनके पास 3 तोल ही सोना है।
