प्रयागराज के झूंसी थाने में दर्ज एफआईआर के बाद ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर सियासी और सामाजिक हलकों में हलचल तेज हो गई है। नाबालिगों से यौन शोषण के आरोपों के बीच अब इस पूरे प्रकरण पर खुद शंकराचार्य की प्रतिक्रिया सामने आई है। वाराणसी में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने साफ कहा कि अगर पुलिस उन्हें हिरासत में लेना चाहती है तो वे किसी तरह का विरोध नहीं करेंगे। उनके अनुसार, कानून अपना काम करे—जनता सब देख रही है और अंततः वही फैसला करेगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सत्य को किसी सहारे की जरूरत नहीं होती। “मेरा मन और मेरी अंतरात्मा गवाही दे रही है कि मैं निर्दोष हूं। ऊपर ईश्वर सब देख रहा है। झूठ चाहे जितना फैलाया जाए, एक दिन उजागर हो ही जाता है,” उन्होंने कहा।
गुरुकुल से कोई संबंध नहीं होने का दावा
शंकराचार्य ने आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि जिन बच्चों का नाम इस मामले में लिया जा रहा है, वे उनके गुरुकुल के छात्र ही नहीं हैं। उनके मुताबिक, संबंधित बच्चे हरदोई के एक विद्यालय में पढ़ते हैं, जिसका प्रमाण उनकी मार्कशीट से मिलता है। “जो बच्चे कभी यहां आए ही नहीं, जिनका हमारे संस्थान से कोई नाता नहीं, उनके साथ घटना कैसे हो सकती है?”—उन्होंने सवाल उठाया।
सीडी के दावे पर उठाए सवाल
सीडी को लेकर फैल रही चर्चाओं पर भी उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि अगर कोई वीडियो या रिकॉर्डिंग है तो उसे सार्वजनिक क्यों नहीं किया जा रहा। “ये कहा जा रहा है कि बच्चों के पास सीडी थी। सवाल यह है कि वह सीडी किसने बनाई? क्या बच्चे खुद बना रहे थे या कोई और?”—उन्होंने कहा कि इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में देने ही पड़ेंगे।
सीसीटीवी निगरानी का हवाला
प्रयागराज में हुई घटनाओं का जिक्र करते हुए शंकराचार्य ने बताया कि प्रशासन की ओर से हर जगह सीसीटीवी कैमरे लगे थे। उनके अनुसार, पूरी रात वे और उनकी बस सड़क पर ही मौजूद रहे और सब कुछ कैमरों में रिकॉर्ड हुआ। “अगर कुछ भी गलत हुआ होता, तो वह कंट्रोल रूम की निगरानी में साफ दिखता,” उन्होंने कहा।
राजनीतिक प्रतिक्रिया भी आई सामने
इस मामले पर राजनीति भी गरमा गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए शंकराचार्य के समर्थन में बयान दिया है। फिलहाल मामला जांच के अधीन है। एक ओर आरोप हैं, दूसरी ओर शंकराचार्य का दावा कि सच्चाई देर-सवेर सामने आएगी। अब सबकी निगाहें पुलिस जांच और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर टिकी हैं।



