वृंदावन की फूलों की होली 2026: तारीख, परंपरा और ब्रज की खास होली का पूरा कार्यक्रम

वृंदावन की फूलों की होली 2026: तारीख, परंपरा और ब्रज की खास होली का पूरा कार्यक्रम

ब्रज की होली केवल रंगों का उत्सव नहीं, बल्कि भक्ति, प्रेम और परंपराओं का संगम मानी जाती है। देश-विदेश से श्रद्धालु हर साल वृंदावन और बरसाना की होली देखने पहुंचते हैं। खासतौर पर जब बात फूलों की होली की हो, तो इसका आकर्षण और भी बढ़ जाता है। आइए जानते हैं कि साल 2026 में यह दिव्य उत्सव कब और क्यों मनाया जाएगा।

कब होगी वृंदावन में फूलों की होली?

कान्हा की नगरी वृंदावन में स्थित बांके बिहारी मंदिर में वर्ष 2026 की फूलों की होली 28 फरवरी, शनिवार को मनाई जाएगी। इस दिन मंदिर परिसर में रंगों की जगह गुलाब, गेंदा और अन्य सुगंधित पुष्पों की वर्षा की जाती है, जिससे पूरा वातावरण भक्तिरस में डूब जाता है।

फूलों की होली का धार्मिक महत्व

ब्रज परंपरा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी ने वृंदावन की कुंज गलियों में फूलों से प्रेमपूर्वक होली खेली थी। फूलों की कोमलता प्रेम, शांति और सौहार्द का प्रतीक मानी जाती है। इसी भावना को जीवंत रखने के लिए आज भी मंदिर में श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए जाते हैं, जिससे बिना रंग-गुलाल के भी होली का आनंद लिया जा सके।

ब्रज में 40 दिनों तक चलता है होली का उत्सव

ब्रज क्षेत्र में होली केवल एक दिन का पर्व नहीं है। यहां बसंत पंचमी से ही होली का माहौल बनना शुरू हो जाता है और करीब 40 दिनों तक अलग-अलग रूपों में उत्सव चलता रहता है। फूलों की होली के अलावा यहां कई अनोखी होलियां खेली जाती हैं, जो दुनिया भर में प्रसिद्ध हैं।

बरसाना की लड्डूमार होली कब?

फूलों की होली से पहले ब्रज की एक और खास परंपरा देखने को मिलती है। लड्डूमार होली इस साल 25 फरवरी 2026, बुधवार को राधा रानी मंदिर में आयोजित होगी। इस अनूठे उत्सव में भक्त आपस में लड्डू उछालकर होली की खुशियां साझा करते हैं।

ब्रज की अन्य प्रसिद्ध होलियां

  • लठमार होली
  • हुरंगा होली
  • रंगभरनी एकादशी की होली

इन सभी उत्सवों में राधा-कृष्ण की लीलाओं की झलक देखने को मिलती है, जो ब्रज होली को बाकी जगहों से अलग बनाती है।