हिमाचल की राजधानी शिमला में दिवाली की रात एक कार की टक्कर से रेलिंग टूटने के बाद एक परिवार के पांच लोग घायल हो गए। इनमें 4 महीने के मासूम समेत चार बच्चे शामिल है। घायलों का आईजीएमसी शिमला में उपचार चल रहा है। सूचना के अनुसार, पांचों लोग विक्ट्री टनल के समीप फुटपाथ पर सो रहे थे। इसी दौरान सोमवार रात करीब सवा 10 बजे एक तेज रफ्तार कार ने रेलिंग को जोरदार टक्कर मारी। इससे रेलिंग गिरकर सो रहे लोगों पर जा गिरी। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल रिपन पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार देने के बाद पांचों को आईजीएमसी रेफर किया गया। कैलाश (22 साल) ने पुलिस को बताया कि कि वह अपने परिवार के साथ विक्ट्री टनल (बस स्टैंड के रास्ते में) के पास फुटपाथ पर सो रहा था। तभी एक सफेद टैक्सी वाहन नंबर (HP01N0561) तेज गति से गलत दिशा में आई। इसकी टक्कर से रेलिंग और एक लोहे का साइनबोर्ड टूटकर उन पर गिरा। ये लोग घायल हुए इस हादसे में भेरी (22 वर्ष) पत्नी भैरू, सोना (4 वर्ष) पुत्री भैरू, विशाल (8 वर्ष) पुत्र जमनालाल, माया (6 वर्ष) पुत्री जमनालाल और किशन (4 माह) पुत्र रामलाल शामिल हैं। सभी राजस्थान के चित्तोड़गढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं और शिमला में गुब्बारे आदि बेचने का काम करते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की पुलिस ने कैलाश की शिकायत पर सदर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 125 (ए) के अधीन मामला दर्ज किया है। एसएचओ धर्म सेन नेगी ने बताया कि ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। हिमाचल की राजधानी शिमला में दिवाली की रात एक कार की टक्कर से रेलिंग टूटने के बाद एक परिवार के पांच लोग घायल हो गए। इनमें 4 महीने के मासूम समेत चार बच्चे शामिल है। घायलों का आईजीएमसी शिमला में उपचार चल रहा है। सूचना के अनुसार, पांचों लोग विक्ट्री टनल के समीप फुटपाथ पर सो रहे थे। इसी दौरान सोमवार रात करीब सवा 10 बजे एक तेज रफ्तार कार ने रेलिंग को जोरदार टक्कर मारी। इससे रेलिंग गिरकर सो रहे लोगों पर जा गिरी। इसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल रिपन पहुंचाया गया। यहां पर प्राथमिक उपचार देने के बाद पांचों को आईजीएमसी रेफर किया गया। कैलाश (22 साल) ने पुलिस को बताया कि कि वह अपने परिवार के साथ विक्ट्री टनल (बस स्टैंड के रास्ते में) के पास फुटपाथ पर सो रहा था। तभी एक सफेद टैक्सी वाहन नंबर (HP01N0561) तेज गति से गलत दिशा में आई। इसकी टक्कर से रेलिंग और एक लोहे का साइनबोर्ड टूटकर उन पर गिरा। ये लोग घायल हुए इस हादसे में भेरी (22 वर्ष) पत्नी भैरू, सोना (4 वर्ष) पुत्री भैरू, विशाल (8 वर्ष) पुत्र जमनालाल, माया (6 वर्ष) पुत्री जमनालाल और किशन (4 माह) पुत्र रामलाल शामिल हैं। सभी राजस्थान के चित्तोड़गढ़ के रहने वाले बताए जा रहे हैं और शिमला में गुब्बारे आदि बेचने का काम करते हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की पुलिस ने कैलाश की शिकायत पर सदर थाना में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 281 और 125 (ए) के अधीन मामला दर्ज किया है। एसएचओ धर्म सेन नेगी ने बताया कि ड्राइवर को हिरासत में ले लिया है। हिमाचल | दैनिक भास्कर
Related Posts
हिमाचल में हर्षोल्लास से मनाई जा रही दिवाली:8 से 10 बजे के बीच जलाए जाएंगे पटाखे; सीएम ने बालिका आश्रम में मनाया त्योहार
हिमाचल में हर्षोल्लास से मनाई जा रही दिवाली:8 से 10 बजे के बीच जलाए जाएंगे पटाखे; सीएम ने बालिका आश्रम में मनाया त्योहार हिमाचल में दिवाली को हर्षोल्लास से मनाया जा रहा है। लोगों ने बाजारों में जमकर पटाखों और मिठाइयों की खरीददारी की। एक दूसरे को दिवाली पर मिठाइयां बांट कर दीपो के इस पर्व की बधाईयां दी। सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू और राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने भी प्रदेशवासियों को दिवाली के इस पर्व की शुभकामनाएं दी है। सीएम सुक्खू ने शिमला के समीप बालिका आश्रम का दौरा कर वहां रह रहे बच्चों के साथ दिवाली मनाई। उन्होंने आश्रम की बालिकाओं को दीपावली पर्व की शुभकामनाएं दीं और उनके सुखमय एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सीएम बोले- 27 साल तक सरकार पढ़ाई का पूरा खर्च उठा रही सीएम ने बालिकाओं को मिठाई और उपहार भी वितरित किए। इस दौरान सीएम ने कहा- प्रदेश सरकार ने अनाथ बच्चों की शिक्षा एवं देखभाल के लिए मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना शुरू की है। इसके अंतर्गत 27 वर्ष की आयु पूरा होने तक इन बच्चों की पढ़ाई समेत अन्य सभी खर्च को एक अभिभावक के रूप में सरकार पूरा कर रही है। रात 8 से 10 बजे के बीच जलेंगे पटाखे प्रदेश में लोग प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और जिला प्रशासन के आदेशों की अनुपालना कर रहे हैं। प्रदूषण की समस्या को देखते हुए एनवायरमेंट, साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग ने दिन में पटाखे नहीं जलाने के निर्देश दे रखे हैं। प्रदेश में रात 8 बजे से 10 बजे तक ही पटाखे जलाए जा सकेंगे। सुप्रीम कोर्ट के साल 2019 के आदेशानुसार, शाम 8 बजे से पहले और रात 10 बजे के बाद पटाखे जलाने की अनुमति नहीं है। डीसी शिमला ने सुरक्षित दिवाली मनाने की अपील की डीसी शिमला अनुपम कश्यप ने लोगों से सुरक्षित दिवाली मनाने, प्रशासन द्वारा जारी आदेशों की अनुपालना और ग्रीन पटाखे ही इस्तेमाल करने की अपील की है।
ऊना के रिहायशी इलाके में तेंदुए का आतंक, 3 घायल:ग्रामीण की आंख पर किया वार, दिवाली पर लोग घरों में कैद होने को मजबूर
ऊना के रिहायशी इलाके में तेंदुए का आतंक, 3 घायल:ग्रामीण की आंख पर किया वार, दिवाली पर लोग घरों में कैद होने को मजबूर हिमाचल प्रदेश के ऊना जिले के हरोली उपमंडल की पालकवाह पंचायत के रिहायशी इलाके में सोमवार को एक तेंदुआ घुस आया। तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला कर दिया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। घायलों में से एक व्यक्ति की आंख में गंभीर चोट लगी है, जबकि दो अन्य को मामूली चोटें आई हैं। तेंदुए के गांव में घुसने के बाद ग्रामीणों ने लाठी-डंडों से उस पर हमला किया। इसके बाद तेंदुआ ग्रामीणों से बचकर जंगल की ओर भाग गया। तेंदुए के हमले में 3 घायल जानकारी के अनुसार, तेंदुआ खेतों के बीच उगी झाड़ियों में शिकार की तलाश में बैठा था। जब कुछ लोग वहां से गुजर रहे थे, तो उनकी आवाज सुनकर तेंदुआ रिहायशी इलाके की ओर भागा। इसी भागदौड़ में तीन ग्रामीण तेंदुए की चपेट में आ गए। वन विभाग से पकड़ने की अपील ग्रामीणों ने वन विभाग से तेंदुए को पकड़कर रिहायशी इलाके से दूर छोड़ने की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि यह तेंदुआ पहले भी कई बार खेतों के आसपास देखा गया है। ग्रामीणों और बच्चों का खेतों की ओर आना-जाना लगा रहता है, जिससे किसी अनहोनी का खतरा बना रहता है। सोमवार को सारा दिन आसपास के गांव में लोगों में दहशत का माहौल बना रहा। हालात ऐसे हो गए कि लोगों ने न केवल अपने मवेशियों को मवेशी खानों में बंद कर दिया वही बच्चों को भी दीपावली त्योहार पर घर में दुबकने को मजबूर कर दिया।
धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका
धर्मशाला में अधूरी स्ट्रीट लाइट पर 30 लाख खर्च:फिर भी नहीं जगमगा रही सड़कें, 24.92 करोड़ में दिया था 7000 स्ट्रीट लाइट का ठेका आठ साल पहले देश की पहली स्मार्ट सिटी बनने का तमगा पाने वाली धर्मशाला आज भी अधूरी स्मार्ट सिटी परियोजनाओं और खराब रोशनी की समस्या से जूझ रही है। नगर निगम द्वारा अधूरी एलईडी स्ट्रीट लाइट परियोजना में करोड़ों रुपए खर्च किए जाने के बावजूद शहर की कई गलियां अभी भी अंधेरे में हैं। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार चंद गुलेरिया ने नगर निगम से प्राप्त जानकारी के आधार पर खुलासा किया कि एलईडी लाइट्स की मरम्मत पर करीब 30 लाख रुपए खर्च किए गए, जबकि इन लाइटों का इंस्टालेशन काम अभी भी पूरा नहीं हुआ है। चार साल पहले एचपीएल इलेक्ट्रिकल एंड पावर लिमिटेड को 24.92 करोड़ रुपए की लागत से 7000 एलईडी स्ट्रीट लाइट लगाने का ठेका दिया गया था। इस योजना के तहत 17 वार्डों में नई लाइटें लगाई जानी थीं और 2280 पुरानी लाइटें बदलनी थीं। इनमें से कई लाइटें सेंसर से लैस ‘स्मार्ट लाइट्स’ भी थीं। लेकिन फिलहाल नगर के अधिकांश हिस्से अभी भी अंधेरे में हैं। तय समय पर पूरा नहीं किया गया कार्य नगर निगम की 14 जुलाई 2023 की बैठक में ठेकेदार को काम पूरा करने के लिए आखिरी मौका दिया गया था, लेकिन तय समय बीत जाने के बाद भी कार्य अधूरा है। स्मार्ट सिटी के जीएम इंजीनियर विशाल चौधरी ने स्वीकार किया कि बारिश के कारण लगभग 30 प्रतिशत लाइटें खराब हो गई हैं। उन्होंने बताया कि अभी केवल पांच वार्डों की लाइट क्वालिटी की जांच की गई है। वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस ने कहा, “हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।” स्थानीय लोगों ने इस मामले को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि जहां लाइटें अभी तक नहीं लगी हैं, वहां मरम्मत पर लाखों रुपए खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया कि, जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर किया गया? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है। नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया : पारस वहीं ठेकेदार कंपनी के मैनेजर पारस का कहना है कि हमने इंस्टालेशन पूरा कर दिया था, लेकिन पिछले दो साल से नगर निगम ने मेंटिनेंस कॉन्ट्रैक्ट साइन नहीं किया। अब कंपनी रिपेयर नहीं करेगी।”स्थानीय लोगों में इस पूरे मामले को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जहां लाइटें लगी ही नहीं हैं, वहां मरम्मत पर लाखों खर्च करना स्पष्ट वित्तीय अनियमितता है। आरटीआई कार्यकर्ता कुलतार गुलेरिया ने सवाल उठाया- जब काम अधूरा था तो मरम्मत का भुगतान किस आधार पर हुआ? यह सार्वजनिक धन की सीधी बर्बादी है।
