पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत केस में सीबीआई ने अरेस्ट किया। जबकि उनके घर से करोड़ों रुपए और ज्वेलरी मिली है। लेकिन अदालत में एजेंसी ने एक दिन का भी रिमांड नहीं लिया है। अब इसी मामले पर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर रिमांड क्यों नहीं मांगा गया। वहीं, पंजाब सरकार इस मामले में चुप है। क्या इस पूरे मामले को दबाने या किसी को बचाने की कोशिश की जा रही है? सुखबीर बादल ने अपने साेशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर, मुख्य रूप से तीन प्वाइंट उठाएं हैं, जो कि इस प्रकार है – 1. 48 घंटे से चुप क्यों बैठे हैं -पंजाब में एक डीआईजी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया और सीबीआई की तलाशी में 7.5 करोड़ रुपए नकद, 2.5 किलो सोना, 25 लग्ज़री घड़ियां और 50 से ज़्यादा अचल संपत्तियों के डॉक्यूमेंट बरामद हुए।इन तस्वीरों ने राज्य में सभी को चौंका दिया है, लेकिन गृह विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री 48 घंटे बीत जाने के बाद भी चुप हैं! क्यों? सीबीआई ने रिमांड क्यों नहीं लिया विजिलेंस (मुख्यमंत्री के नेतृत्व में) क्या कर रहा था या क्या उन्हें मुख्यमंत्री के निर्देश पर आंखें मूंद लेनी थीं?एक और अभूतपूर्व घटना जिसने राज्य के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, वह यह है कि इतनी बड़ी बरामदगी के बावजूद सीबीआई ने डीआईजी की एक दिन की भी पुलिस रिमांड नहीं मांगी! पैसा किसकी तिजोरी भरने के लिए था हमें कैसे पता चलेगा कि पैसा कहां से आया और आखिरकार किसकी तिजोरी भरने के लिए था? क्या कोई कवरअप और सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है? पंजाब पुलिस के डीआईजी हरचरण सिंह भुल्लर को रिश्वत केस में सीबीआई ने अरेस्ट किया। जबकि उनके घर से करोड़ों रुपए और ज्वेलरी मिली है। लेकिन अदालत में एजेंसी ने एक दिन का भी रिमांड नहीं लिया है। अब इसी मामले पर शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि आखिर रिमांड क्यों नहीं मांगा गया। वहीं, पंजाब सरकार इस मामले में चुप है। क्या इस पूरे मामले को दबाने या किसी को बचाने की कोशिश की जा रही है? सुखबीर बादल ने अपने साेशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट डालकर, मुख्य रूप से तीन प्वाइंट उठाएं हैं, जो कि इस प्रकार है – 1. 48 घंटे से चुप क्यों बैठे हैं -पंजाब में एक डीआईजी को सीबीआई ने गिरफ्तार किया और सीबीआई की तलाशी में 7.5 करोड़ रुपए नकद, 2.5 किलो सोना, 25 लग्ज़री घड़ियां और 50 से ज़्यादा अचल संपत्तियों के डॉक्यूमेंट बरामद हुए।इन तस्वीरों ने राज्य में सभी को चौंका दिया है, लेकिन गृह विभाग का प्रभार भी संभाल रहे मुख्यमंत्री 48 घंटे बीत जाने के बाद भी चुप हैं! क्यों? सीबीआई ने रिमांड क्यों नहीं लिया विजिलेंस (मुख्यमंत्री के नेतृत्व में) क्या कर रहा था या क्या उन्हें मुख्यमंत्री के निर्देश पर आंखें मूंद लेनी थीं?एक और अभूतपूर्व घटना जिसने राज्य के लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है, वह यह है कि इतनी बड़ी बरामदगी के बावजूद सीबीआई ने डीआईजी की एक दिन की भी पुलिस रिमांड नहीं मांगी! पैसा किसकी तिजोरी भरने के लिए था हमें कैसे पता चलेगा कि पैसा कहां से आया और आखिरकार किसकी तिजोरी भरने के लिए था? क्या कोई कवरअप और सुरक्षा अभियान शुरू किया गया है? पंजाब | दैनिक भास्कर
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दिल्ली सीएम से मिले भाजपा नेता आर.पी. सिंह:बम धमाके के दोषी भुल्लर की रिहाई की मांग; अमृतसर मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आर.पी. सिंह ने दिल्ली की सीएम रेखा गुप्ता से मुलाकात की है और उन्हें एक पत्र भी लिखा है। उन्होंने दविंदर पाल सिंह भुल्लर के मामले की पुनर्विचार की मांग की है। उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के अनुसार मामले को सेंटेंस रिव्यू बोर्ड (SRB) के सामने पेश किए जाने पर जोर दिया है। दिल्ली में हुए बम धमाकों के पीछे के दोषी दविंदर पाल सिंह भुल्लर की अब मानसिक हालत ठीक नहीं है। वे ना तो किसी को पहचानते हैं और ना ही किसी से बातचीत करते हैं। जानें आर.पी. सिंह ने क्या लिखा पत्र में दिल्ली सीएम को लिखा गया खत जानिए कौन हैं दविंदर पाल सिंह भुल्लर दविंदर पाल सिंह भुल्लर एक पूर्व इंजीनियरिंग प्रोफेसर हैं, जिनका जन्म 1965 में पंजाब में हुआ था। उन्हें 1993 में दिल्ली में हुए बम धमाके के लिए दोषी ठहराया गया, जिसमें 9 लोगों की मौत और 30 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। इस हमले का निशाना कांग्रेस नेता एमएस बिट्टा थे। भुल्लर को 2001 में टाडा कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई, लेकिन 2014 में सुप्रीम कोर्ट ने उनकी मानसिक स्थिति और स्वास्थ्य आधार पर सजा को उम्रकैद में बदल दिया। वे पिछले 14 वर्षों से सिजोफ्रेनिया जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं और अमृतसर के अस्पताल में जहरे इलाज हैं। लंबे समय से उनकी रिहाई या संवेदनशील पुनर्विचार की मांग विभिन्न संगठनों और परिजनों द्वारा की जा रही है।

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