टी20 वर्ल्ड कप के ग्रुप-A में रविवार को अमेरिका और नामीबिया आमने-सामने होंगे। नीदरलैंड को करारी शिकस्त देकर आत्मविश्वास से लबरेज अमेरिकी टीम इस मुकाबले को जीतकर सुपर-8 की अपनी उम्मीदों को जिंदा रखना चाहेगी। दूसरी ओर, नामीबिया के लिए यह मुकाबला “करो या मरो” जैसा है, क्योंकि एक और हार उन्हें टूर्नामेंट से बाहर कर सकती है।
ग्रुप-A की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो भारत और पाकिस्तान दो-दो जीत के साथ सबसे ऊपर हैं। अमेरिका को आगे बढ़ने के लिए न सिर्फ जीत दर्ज करनी होगी, बल्कि बाकी टीमों के नतीजों पर भी नजर रखनी होगी।
नीदरलैंड पर ऐतिहासिक जीत से बढ़ा हौसला
अपने पिछले मुकाबले में अमेरिका ने नीदरलैंड को 93 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। रनों के अंतर से यह टी20 वर्ल्ड कप में किसी भी एसोसिएट टीम की सबसे बड़ी जीत रही। खास बात यह रही कि इससे पहले अमेरिका कभी भी नीदरलैंड को किसी भी फॉर्मेट में नहीं हरा पाया था।
बल्लेबाजी में गहराई, स्पिन बनी ताकत
अमेरिका की बल्लेबाजी इस समय संतुलित नजर आ रही है। साईतेजा मुक्कामल्ला की वापसी से टॉप ऑर्डर को मजबूती मिली है, जबकि शुभम रंजने ने डेथ ओवरों में तेजी से रन बटोरकर टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। कप्तान मोनांक पटेल भी लय में दिख रहे हैं, हालांकि पिछली पारी को वे बड़ी पारी में नहीं बदल सके।
चेपॉक की धीमी पिच पर अमेरिकी स्पिनर्स सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं। हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन और नोस्तुश केंजिगे ने पिछले मैच में मिलकर शानदार गेंदबाजी की थी। वहीं तेज गेंदबाजी में शैडली वान शाल्कविक लगातार पावरप्ले में विकेट निकाल रहे हैं।
नामीबिया की चिंता: स्पिन के सामने बल्लेबाजी
नामीबिया की टीम को अब तक बल्लेबाजी में संघर्ष करना पड़ा है। कप्तान जेरार्ड इरास्मस और जॉन फ्राइलिनक पर रन बनाने की जिम्मेदारी होगी, लेकिन स्पिन गेंदबाजों के खिलाफ उनकी कमजोरी चिंता का विषय है। गेंदबाजी में जेजे स्मिट और जान निकोल लोफ्टी-ईटन को अंतिम ओवरों में रन रोकने की बड़ी चुनौती होगी।
चेपॉक की पिच का मिजाज
एमए चिदंबरम स्टेडियम की पिच आमतौर पर स्पिनर्स के अनुकूल मानी जाती है। शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को हल्की स्विंग मिलती है, लेकिन जैसे-जैसे मैच आगे बढ़ता है, विकेट और धीमा हो जाता है। इसके बावजूद इस टूर्नामेंट में यहां अब तक 170 से ज्यादा रन वाले मुकाबले देखने को मिले हैं।
संभावित प्लेइंग इलेवन
अमेरिका:
मोनांक पटेल (कप्तान), शायन जहांगीर (विकेटकीपर), साईतेजा मुक्कामल्ला, मिलिंद कुमार, संजय कृष्णमूर्ति, शुभम रंजने, हरमीत सिंह, मोहम्मद मोहसिन, शैडली वान शाल्कविक, नोस्तुश केंजिगे, अली खान
नामीबिया:
लॉरेन स्टीनकैंप, जॉन फ्राइलिनक, निकोल लोफ्टी-ईटन, जेरार्ड इरास्मस (कप्तान), जेजे स्मिट, जेन ग्रीन, रूबेन ट्रम्पेलमैन, मालन क्रूगर, बर्नार्ड शोल्ट्ज, बेन शिकोंगो, मैक्स हेंगो
कुल मिलाकर, यह मुकाबला अमेरिका के लिए उम्मीदों की डोर थामे रखने और नामीबिया के लिए टूर्नामेंट में बने रहने की आखिरी जंग साबित हो सकता है।



