अगर आपकी त्वचा जल्दी लाल हो जाती है, जलन या खुजली होने लगती है, तो यह संकेत हो सकता है कि आपकी स्किन बैरियर कमजोर हो चुकी है। स्किन की यह ऊपरी परत नमी को बनाए रखने और बाहरी गंदगी, प्रदूषण व बैक्टीरिया से सुरक्षा देने का काम करती है। लेकिन जरूरत से ज्यादा एक्सफोलिएशन, हार्श प्रोडक्ट्स या मॉइस्चराइजिंग की कमी इसे नुकसान पहुंचा सकती है।
डैमेज स्किन बैरियर को ठीक करने के लिए सबसे पहले अपने स्किनकेयर रूटीन को आसान बनाना जरूरी है। इस दौरान रेटिनॉल, विटामिन-सी, एसिड्स या स्क्रब जैसे स्ट्रॉन्ग एक्टिव इंग्रीडिएंट्स का इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। केवल माइल्ड क्लींजर, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन पर ही ध्यान दें, ताकि स्किन को आराम मिल सके। स्किन बैरियर को रिपेयर करने में सेरामाइड्स अहम भूमिका निभाते हैं। जब त्वचा में सेरामाइड्स की कमी हो जाती है, तो ड्राइनेस और इरिटेशन बढ़ने लगती है। ऐसे में सेरामाइड्स और हायल्यूरोनिक एसिड से भरपूर मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल स्किन की नमी और मजबूती लौटाने में मदद करता है।
चेहरा धोते समय झागदार फेसवॉश से बचना भी जरूरी है। ज्यादा फोम बनाने वाले क्लींजर स्किन के नेचुरल ऑयल को छीन लेते हैं। बेहतर है कि क्रीमी या नॉन-फोमिंग क्लींजर का चुनाव करें और बहुत गर्म पानी की बजाय सामान्य या हल्के गुनगुने पानी से ही चेहरा साफ करें। कमजोर स्किन बैरियर को सूरज की किरणें और ज्यादा नुकसान पहुंचा सकती हैं। इसलिए बाहर जाते समय ही नहीं, बल्कि दिन में घर के अंदर रहते हुए भी सनस्क्रीन लगाना फायदेमंद होता है। यह स्किन को यूवी डैमेज से बचाने में मदद करता है।
स्किन की हेल्थ सिर्फ बाहरी देखभाल से नहीं, बल्कि अंदरूनी केयर से भी जुड़ी होती है। पर्याप्त पानी पीना, डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड शामिल करना और रोज़ 7–8 घंटे की नींद लेना स्किन को अंदर से हील करने में मदद करता है। लगातार सही देखभाल से स्किन बैरियर धीरे-धीरे फिर से मजबूत हो सकता है।




