देश में गैस सप्लाई को लेकर सामने आ रही दिक्कतों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए 5 किलो वाले LPG सिलेंडरों की उपलब्धता बढ़ाने का निर्णय लिया है। खासतौर पर प्रवासी मजदूरों और छात्रों को ध्यान में रखते हुए इन छोटे सिलेंडरों का कोटा अब पहले के मुकाबले दोगुना किया जाएगा।
पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, 5 किलो के फ्री ट्रेड LPG (FTL) सिलेंडरों की सप्लाई बढ़ाने का आधार मार्च की शुरुआत में दर्ज हुई औसत दैनिक आपूर्ति को बनाया गया है। यानी जितनी सप्लाई पहले हो रही थी, अब उसे बढ़ाकर और अधिक लोगों तक पहुंचाया जाएगा। यह बढ़ोतरी पहले तय 20% सीमा से भी आगे निकल चुकी है।
सरकार ने साफ किया है कि अतिरिक्त सिलेंडर राज्यों के जरिए वितरित किए जाएंगे। इसके लिए राज्य सरकारों के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों की मदद ली जाएगी और तेल कंपनियां इसमें अहम भूमिका निभाएंगी। इन सिलेंडरों का उपयोग मुख्य रूप से प्रवासी मजदूरों के लिए सुनिश्चित किया जाएगा।
इस बीच सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराकर सिलेंडर जमा न करें और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा रखें। LPG बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यम अपनाने पर भी जोर दिया गया है, ताकि अनावश्यक भीड़ से बचा जा सके।
जरूरी सेवाओं को ध्यान में रखते हुए घरेलू LPG और पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) की सप्लाई को प्राथमिकता दी जा रही है। खासकर अस्पताल, शैक्षणिक संस्थान और अन्य आवश्यक क्षेत्रों में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
सप्लाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। रिफाइनरियों में उत्पादन बढ़ाया गया है, वहीं शहरों में सिलेंडर बुकिंग का अंतराल 25 दिन और ग्रामीण इलाकों में 45 दिन तक किया गया है। साथ ही केरोसिन और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों की उपलब्धता भी बढ़ाई जा रही है।
आंकड़ों की बात करें तो अब तक करीब 51 लाख घरेलू LPG सिलेंडर वितरित किए जा चुके हैं। ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा 95% तक पहुंच गया है, जिससे प्रक्रिया और पारदर्शी बनी है। डिलीवरी ऑथेंटिकेशन सिस्टम लागू होने से वितरण में गड़बड़ी की संभावना भी कम हुई है।
इसके अलावा सरकार ने 21 मार्च को कमर्शियल LPG आवंटन में 20% अतिरिक्त बढ़ोतरी का फैसला लिया था, जिससे कुल आवंटन करीब 50% तक पहुंच गया। यह बढ़ोतरी रेस्टोरेंट, होटल, ढाबों, इंडस्ट्रियल कैंटीन, डेयरी यूनिट और फूड प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों के साथ-साथ कम्युनिटी किचन और सब्सिडी वाली कैंटीन के लिए भी फायदेमंद साबित होगी।


